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Budaun News: जलस्तर घटा, पर दुश्वारियां नहीं हुईं कम
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नगरिया खनू में कम हो रहा बाढ़ का पानी। संवाद
अब भी कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित, फसलें भी सड़ने लगीं
संवाद न्यूज एजेंसी
दातागंज। रामगंगा का जलस्तर पिछले दो दिनों में कम हुआ है। ऐसे में लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन जलभराव के कारण फसल खराब होने लगी हैं तो पशुओं के चारे का भी संकट खड़ा हो गया है। सड़कों पर जलभराव होने से आवागमन अब भी प्रभावित है।
दातागंज क्षेत्र के गांव सखतपुर, सिमरिया, मौसमपुर, अकत आदि में बाढ़ का पानी घरों में भर गया था। जिसकी वजह से ग्रामीण गांव छोड़ने को मजबूर हो गए थे, लेकिन शनिवार को घरों से पानी निकल गया। जिससे लाेगों को कुछ राहत की सांस ली, लेकिन हजरतपुर से कुडरा मजरा, नगरिया खनू से लालपुर खादर, कूडरा मजरा से गढि़या रंगीन को जाने वाले मार्ग पर अब भी चार फुट तक पानी भरा है।
जिसकी वजह से सड़क पर नाव चल रही है। ऐसे में लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सैकड़ों बीघा फसल अब भी जलमग्न है, जिससे वह खराब होने लगी है। जिस कारण किसान काफी चिंतित हैं, इधर पशुओं के चारे का संकट भी खड़ा हो गया है।
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ग्रामीण सोहनलाल, रमेश, कल्लू, लल्लन, छोटे लाल आदि का कहना है कि बाढ़ के पानी में घास डूब जाने से उसके पत्ते अब जहरीले व खराब होने लगे हैं। जिसकी वजह से पशुओं को वह नहीं खिला पा रहे हैं।
-
ग्रामीणों ने बयां किया दर्द
गांव के चारों ओर पानी भर गया है। जिससे फसलें पूरी तरह से डूब चुकी है। जो अब खराब होने की कगार पर पहुंच गईं हैं।
-तपन सिंह, कुंडा मजरा
-
बाढ़ का पानी खेतों में भर जाने से फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। आने वाले समय में किसानों के सामने खाने-पीने की दिक्कत हो जाएगी।
-ओमेंद्र सिंह, उदोनगला
-
बाढ़ का पानी खेतों में भर जाने की वजह से दिक्कत बढ़ गई, क्योंकि पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। पानी कम होगा, तब भी कीचड़ रहेगी।
-बबलू, लालपुर खादर
-
बाढ़ की वजह से ग्रामीणों काे काफी परेशानी हो रही है, क्योंकि जो फसल डूब चुकी है। वह धूप खिलने की वजह से सड़ जाएंगी। इसका असर आने वाले समय में दिखेगा।
-जितेंद्र, शेरपुर प्रधान
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संवाद न्यूज एजेंसी
दातागंज। रामगंगा का जलस्तर पिछले दो दिनों में कम हुआ है। ऐसे में लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन जलभराव के कारण फसल खराब होने लगी हैं तो पशुओं के चारे का भी संकट खड़ा हो गया है। सड़कों पर जलभराव होने से आवागमन अब भी प्रभावित है।
दातागंज क्षेत्र के गांव सखतपुर, सिमरिया, मौसमपुर, अकत आदि में बाढ़ का पानी घरों में भर गया था। जिसकी वजह से ग्रामीण गांव छोड़ने को मजबूर हो गए थे, लेकिन शनिवार को घरों से पानी निकल गया। जिससे लाेगों को कुछ राहत की सांस ली, लेकिन हजरतपुर से कुडरा मजरा, नगरिया खनू से लालपुर खादर, कूडरा मजरा से गढि़या रंगीन को जाने वाले मार्ग पर अब भी चार फुट तक पानी भरा है।
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जिसकी वजह से सड़क पर नाव चल रही है। ऐसे में लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सैकड़ों बीघा फसल अब भी जलमग्न है, जिससे वह खराब होने लगी है। जिस कारण किसान काफी चिंतित हैं, इधर पशुओं के चारे का संकट भी खड़ा हो गया है।
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ग्रामीण सोहनलाल, रमेश, कल्लू, लल्लन, छोटे लाल आदि का कहना है कि बाढ़ के पानी में घास डूब जाने से उसके पत्ते अब जहरीले व खराब होने लगे हैं। जिसकी वजह से पशुओं को वह नहीं खिला पा रहे हैं।
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ग्रामीणों ने बयां किया दर्द
गांव के चारों ओर पानी भर गया है। जिससे फसलें पूरी तरह से डूब चुकी है। जो अब खराब होने की कगार पर पहुंच गईं हैं।
-तपन सिंह, कुंडा मजरा
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बाढ़ का पानी खेतों में भर जाने से फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। आने वाले समय में किसानों के सामने खाने-पीने की दिक्कत हो जाएगी।
-ओमेंद्र सिंह, उदोनगला
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बाढ़ का पानी खेतों में भर जाने की वजह से दिक्कत बढ़ गई, क्योंकि पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। पानी कम होगा, तब भी कीचड़ रहेगी।
-बबलू, लालपुर खादर
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बाढ़ की वजह से ग्रामीणों काे काफी परेशानी हो रही है, क्योंकि जो फसल डूब चुकी है। वह धूप खिलने की वजह से सड़ जाएंगी। इसका असर आने वाले समय में दिखेगा।
-जितेंद्र, शेरपुर प्रधान

नगरिया खनू में कम हो रहा बाढ़ का पानी। संवाद

नगरिया खनू में कम हो रहा बाढ़ का पानी। संवाद

नगरिया खनू में कम हो रहा बाढ़ का पानी। संवाद

नगरिया खनू में कम हो रहा बाढ़ का पानी। संवाद