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Budaun News: बच्चों को आत्मरक्षा के गुर सिखा रहे कोच, स्टेडियम में चल रहा प्रशिक्षण
Tue, 20 Oct 2026 12:41 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Tue, 20 Oct 2026 12:41 AM IST
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स्टेडियम में खिलाड़ियों को बॉक्सिंग का अभ्यास कराते कोच। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिला स्टेडियम में सुबह-शाम चल रहे बॉक्सिंग के प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों को पंचिंग और फुटवर्क की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। कोच बच्चों को फाइटिंग पोजीशन, गार्ड लेना और आत्मरक्षा के तरीके सिखा रहे हैं। बॉक्सिंग कोच शैवर अली खान की ओर से बच्चों को नियमित रूप से अभ्यास कराया जा रहा है।
कोच का उद्देश्य है कि नौनिहालों को बचपन से खेल से जोड़ा जाए और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। स्टेडियम में छोटे-छोटे बच्चे उत्साह के साथ बॉक्सिंग सीखते नजर आ रहे हैं। खुले शेड के नीचे बच्चे लाइन में खड़े होकर कोच के निर्देशों का पालन करते हैं। प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कोच शैवर अली खान ने बताया कि बॉक्सिंग केवल खेल नहीं, बल्कि आत्मरक्षा का सशक्त माध्यम भी है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है, शारीरिक क्षमता भी विकसित होती है। नियमित अभ्यास से बच्चे जिला, मंडल और प्रदेश स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने की तैयार कर रहे हैं। जिला क्रीड़ाधिकारी अमित रिछारिया ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार जिले में खेल प्रतिभाओं को तलाश कर उन्हें उचित मंच दिया जा रहा है।
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बदायूं। जिला स्टेडियम में सुबह-शाम चल रहे बॉक्सिंग के प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों को पंचिंग और फुटवर्क की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। कोच बच्चों को फाइटिंग पोजीशन, गार्ड लेना और आत्मरक्षा के तरीके सिखा रहे हैं। बॉक्सिंग कोच शैवर अली खान की ओर से बच्चों को नियमित रूप से अभ्यास कराया जा रहा है।
कोच का उद्देश्य है कि नौनिहालों को बचपन से खेल से जोड़ा जाए और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। स्टेडियम में छोटे-छोटे बच्चे उत्साह के साथ बॉक्सिंग सीखते नजर आ रहे हैं। खुले शेड के नीचे बच्चे लाइन में खड़े होकर कोच के निर्देशों का पालन करते हैं। प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कोच शैवर अली खान ने बताया कि बॉक्सिंग केवल खेल नहीं, बल्कि आत्मरक्षा का सशक्त माध्यम भी है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है, शारीरिक क्षमता भी विकसित होती है। नियमित अभ्यास से बच्चे जिला, मंडल और प्रदेश स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने की तैयार कर रहे हैं। जिला क्रीड़ाधिकारी अमित रिछारिया ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार जिले में खेल प्रतिभाओं को तलाश कर उन्हें उचित मंच दिया जा रहा है।
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