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पड़ौआ गोदाम पर मानक के अनुरूप नहीं भंडारण नहीं किया जा रहा गेहूं
बदायूं, ब्यूरो
Updated Mon, 02 May 2016 11:48 PM IST
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भंडारण
- फोटो : अमर उजाला
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क्रय केंद्र संचालक ने ट्रक अनलोड न होने पर लगाया आरोप
अब तक किया जा चुका सात हजार मीट्रिक टन का भंडारण
आठ हजार मीट्रिक टन की क्षमता वाली पड़ौआ गोदाम में अब तक करीब सात हजार मीट्रिक टन का भंडारण हो चुका है। अब पड़ौआ में मानक के अनुरूप गेहूं और पैकेट अनलोड न कराने का आरोप लगाया।
जिले में सरकारी गेहूं की खरीद के लिए 115 क्रय केंद्रों पर हो रही खरीदने के बाद भंडारण का कार्य पड़ौआ स्थित गोदाम में किया जा रहा है। क्रय केंद्रों पर आने वाले गेहूं को मंडी समिति स्थित पड़ौआ गोदाम में भेजा जाता है, जहां पर ट्रक अनलोड होने से पहले 50 किलोग्राम वजन के पैकेट पर नीले रंग के धागे से दोहरी सिलाई को चेक किया जाता है। साथ ही 12 से 14 फीसदी नमी, अन्य खाद्यान्न दो फीसदी और डंठल, मिट्टी और कूड़ा करकट 0.75 फीसदी से कम होना चाहिए, लेकिन गोदाम में तमाम लोगों का गेहूं भंडारण मानकों की अनदेखी करके किया जा रहा है।
मानकों के विपरीत गेहूं खरीदने की पोल तब खुली, जब दातागंज क्षेत्र के मझरा क्रय केंद्र संचालक अनिल कुमार का गेहूं से भरा ट्रक सिर्फ इसलिए अनलोड नहीं किया गया, क्योंकि पैकेटों में एकहरी सिलाई की गई थी। इसी बात को लेकर क्रय केंद्र संचालक और गोदाम इंचार्ज की बहस भी हो गई। अनिल का कहना था कि गड़बड़ी वाले गेहूं में आठ रुपये प्रति क्विंटल की धन उगाही की जा रही है और उन्होंने रुपये देने से मना कर दिया तो उनका गेहूं गोदाम में नहीं उतारा गया।
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अब तक करीब सात हजार मीट्रिक टन गेहूं का भंडारण किया जा चुका है। तमाम लोगों को मानकहीन गेहूं होने पर मना कर दिया गया। इस वजह से शिकायत की गई है। मानकों को दरकिनार करके गेहूं का भंडारण नहीं किया जाएगा। कहा कि अब तक करीब पांच सौ पैकेट से अधिक गेहूं को वापस किया जा चुका है।
-ऋषिकेश, पड़ौआ सेंटर इंचार्ज
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अब तक किया जा चुका सात हजार मीट्रिक टन का भंडारण
आठ हजार मीट्रिक टन की क्षमता वाली पड़ौआ गोदाम में अब तक करीब सात हजार मीट्रिक टन का भंडारण हो चुका है। अब पड़ौआ में मानक के अनुरूप गेहूं और पैकेट अनलोड न कराने का आरोप लगाया।
जिले में सरकारी गेहूं की खरीद के लिए 115 क्रय केंद्रों पर हो रही खरीदने के बाद भंडारण का कार्य पड़ौआ स्थित गोदाम में किया जा रहा है। क्रय केंद्रों पर आने वाले गेहूं को मंडी समिति स्थित पड़ौआ गोदाम में भेजा जाता है, जहां पर ट्रक अनलोड होने से पहले 50 किलोग्राम वजन के पैकेट पर नीले रंग के धागे से दोहरी सिलाई को चेक किया जाता है। साथ ही 12 से 14 फीसदी नमी, अन्य खाद्यान्न दो फीसदी और डंठल, मिट्टी और कूड़ा करकट 0.75 फीसदी से कम होना चाहिए, लेकिन गोदाम में तमाम लोगों का गेहूं भंडारण मानकों की अनदेखी करके किया जा रहा है।
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मानकों के विपरीत गेहूं खरीदने की पोल तब खुली, जब दातागंज क्षेत्र के मझरा क्रय केंद्र संचालक अनिल कुमार का गेहूं से भरा ट्रक सिर्फ इसलिए अनलोड नहीं किया गया, क्योंकि पैकेटों में एकहरी सिलाई की गई थी। इसी बात को लेकर क्रय केंद्र संचालक और गोदाम इंचार्ज की बहस भी हो गई। अनिल का कहना था कि गड़बड़ी वाले गेहूं में आठ रुपये प्रति क्विंटल की धन उगाही की जा रही है और उन्होंने रुपये देने से मना कर दिया तो उनका गेहूं गोदाम में नहीं उतारा गया।
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अब तक करीब सात हजार मीट्रिक टन गेहूं का भंडारण किया जा चुका है। तमाम लोगों को मानकहीन गेहूं होने पर मना कर दिया गया। इस वजह से शिकायत की गई है। मानकों को दरकिनार करके गेहूं का भंडारण नहीं किया जाएगा। कहा कि अब तक करीब पांच सौ पैकेट से अधिक गेहूं को वापस किया जा चुका है।
-ऋषिकेश, पड़ौआ सेंटर इंचार्ज