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गल्ला खरीद बंद होने पर ग्रामीणों ने काटा हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो सहसवान।
Updated Thu, 27 Apr 2017 12:16 AM IST
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गेहूं
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी रेट पर गेहूं खरीद के दबाव पर आढ़तियों ने खरीद ठप की
किसानों का गेहूं सरकारी दर पर खरीदे जाने का आदेश जारी होनेे के बाद भी मंडी समिति में गल्ला व्यापारियों ने अपनी आढ़तों पर गल्ला खरीद बंद कर दी। इससे परेशान किसानों ने हंगामा किया और एसडीएम से शिकायत की। एसडीएम दिनेश कुमार सिंह मंडी पहुंचे और किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया। उन्होंने कहा कि किसानों का गेहूं सरकारी दर पर खरीदा जाए।
एसडीएम ने मंडी सचिव को नीलाम बोली के आधार पर गेहूं खरीद कराए जाने के आदेश दिए। इधर, अनाज न बिकने से किसान दिन भर मंडी परिसर में परेशान होते रहे। किसानों का आरोप था कि मंडी प्रशासन उनके लिए प्रदत्त सुविधाओं का मखौल उड़ा रहा है। बता दें कि सरकारी क्रय केंद्रों पर सरकार ने गेहूं का मूल्य 1625 रुपये प्रति कुंतल रखा है जबकि खुले बाजार में गेहूं की बिक्री 1500 से 1520 तक की हो रही है। गल्ला व्यापारियों का कहना था कि 1625 रुपये प्रति कुंतल की दर से खरीद करने पर उन्हें नुकसान होगा। इसलिए उन्होंने आढ़तें बंद कर दी। मंडी में गेहूं बेचने आए किसानों ने मंडी सचिव अनिल कुमार शर्मा और एसडीएम दिनेश कुमार सिंह से बात की। एसडीएम ने कहा कि मंडी में गेहूं 1625 रुपये की दर से खरीदा जाए। उन्होंने सचिव से नीलाम के आधार पर खरीद कराए जाने को कहा। किसानों का कहना था कि मंडी में लगा एसएफसी का क्रय केंद्र परिसर से हटाकर तीन किमी दूर गांव मिचौना के पास लगाया गया है। दूसरी तरफ फुटकर गेहूं बेचने आए किसानों का कहना था कि उन्हें गेहूं सेंटर पर डालने में दिक्कत हो रही है। सूरजपाल, सतीश, कप्तान सिंह, हरपाल सिंह आदि किसानों का कहना था कि मंडी में अव्यवस्थाएं व्याप्त है और मंडी प्रशासन किसानों की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। मालूम रहे कि मंडी समिति एसएफसी का गेहूं क्रय केंद्र बिना किसी सूचना के केंद्र प्रभारी अपने राज्य खाद्य निगम के गोदाम पर ले गया। मंडी समिति से गेहूं क्रय केंद्र के चले जाने के कारण किसान अपना गेहूं सस्ते दामों में आढ़तियों को बेचने के लिए मजबूर है। ग्रामीणों ने एसएफसी के गेहूं क्रय केंद्र को पुन: मंडी समिति में लाए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि मंडी समिति सचिव की सांठगांठ से केंद्र प्रभारी अपनी मनमानी के कारण गेहूं क्रय केंद्र को मंडी समिति से बिना किसी सूचना के ले गये। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एसएफसी के गेहूं क्रय केंद्र को मंडी में नहीं लाया गया तो वह डीएम कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे।
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किसानों का गेहूं सरकारी दर पर खरीदे जाने का आदेश जारी होनेे के बाद भी मंडी समिति में गल्ला व्यापारियों ने अपनी आढ़तों पर गल्ला खरीद बंद कर दी। इससे परेशान किसानों ने हंगामा किया और एसडीएम से शिकायत की। एसडीएम दिनेश कुमार सिंह मंडी पहुंचे और किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया। उन्होंने कहा कि किसानों का गेहूं सरकारी दर पर खरीदा जाए।
एसडीएम ने मंडी सचिव को नीलाम बोली के आधार पर गेहूं खरीद कराए जाने के आदेश दिए। इधर, अनाज न बिकने से किसान दिन भर मंडी परिसर में परेशान होते रहे। किसानों का आरोप था कि मंडी प्रशासन उनके लिए प्रदत्त सुविधाओं का मखौल उड़ा रहा है। बता दें कि सरकारी क्रय केंद्रों पर सरकार ने गेहूं का मूल्य 1625 रुपये प्रति कुंतल रखा है जबकि खुले बाजार में गेहूं की बिक्री 1500 से 1520 तक की हो रही है। गल्ला व्यापारियों का कहना था कि 1625 रुपये प्रति कुंतल की दर से खरीद करने पर उन्हें नुकसान होगा। इसलिए उन्होंने आढ़तें बंद कर दी। मंडी में गेहूं बेचने आए किसानों ने मंडी सचिव अनिल कुमार शर्मा और एसडीएम दिनेश कुमार सिंह से बात की। एसडीएम ने कहा कि मंडी में गेहूं 1625 रुपये की दर से खरीदा जाए। उन्होंने सचिव से नीलाम के आधार पर खरीद कराए जाने को कहा। किसानों का कहना था कि मंडी में लगा एसएफसी का क्रय केंद्र परिसर से हटाकर तीन किमी दूर गांव मिचौना के पास लगाया गया है। दूसरी तरफ फुटकर गेहूं बेचने आए किसानों का कहना था कि उन्हें गेहूं सेंटर पर डालने में दिक्कत हो रही है। सूरजपाल, सतीश, कप्तान सिंह, हरपाल सिंह आदि किसानों का कहना था कि मंडी में अव्यवस्थाएं व्याप्त है और मंडी प्रशासन किसानों की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। मालूम रहे कि मंडी समिति एसएफसी का गेहूं क्रय केंद्र बिना किसी सूचना के केंद्र प्रभारी अपने राज्य खाद्य निगम के गोदाम पर ले गया। मंडी समिति से गेहूं क्रय केंद्र के चले जाने के कारण किसान अपना गेहूं सस्ते दामों में आढ़तियों को बेचने के लिए मजबूर है। ग्रामीणों ने एसएफसी के गेहूं क्रय केंद्र को पुन: मंडी समिति में लाए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि मंडी समिति सचिव की सांठगांठ से केंद्र प्रभारी अपनी मनमानी के कारण गेहूं क्रय केंद्र को मंडी समिति से बिना किसी सूचना के ले गये। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एसएफसी के गेहूं क्रय केंद्र को मंडी में नहीं लाया गया तो वह डीएम कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे।
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