{"_id":"694ef2a8b6135c99910d7b31","slug":"villagers-take-charge-to-capture-the-attacking-wild-boarrescue-hangs-in-the-balance-badaun-news-c-123-1-sbly1035-153664-2025-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: हमलावर जंगली सूअर पकड़ने को ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा... रेस्क्यू अधर में लटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: हमलावर जंगली सूअर पकड़ने को ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा... रेस्क्यू अधर में लटका
Sat, 27 Dec 2025 02:10 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sat, 27 Dec 2025 02:10 AM IST
विज्ञापन
जंगली सूअर पकड़ने के लिए खेतों में जुटे किसान। स्रोत: जागरुक ग्रामीण
उझानी। जंगली सूअरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए रेस्क्यू के दौरान वन दरोगा शुभम प्रताप सिंह पर जानलेवा हमले को लेकर इलाके के ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीण इकट्ठे होकर सुबह खेतों की ओर पहुंचे और हमलावर जंगली सूअर की तलाश की, लेकिन वह नजर नहीं आया। सूअर का रेस्क्यू करने के लिए दूसरे दिन शुक्रवार को वन विभाग की टीम भी नहीं आई।
जंगली सूअरों की आवाजाही का प्रमुख प्वाइंट बने सिरसौली के जंगल समेत आसपास के किसान पूरे दिन दहशत में दिखे। भारतीय किसान यूनियन के मंडलीय प्रवक्ता राजेश सक्सेना के साथ कई ग्रामीण सुबह घरों से निकलकर जंगल में पहुंच गए। लाठी-डंडों सहित ग्रामीणों ने करीब एक किलोमीटर इलाके में जंगली सूअरों की तलाश में कांबिंग भी की। कहीं पर भी एक भी सूअर नजर नहीं आया। ग्रामीणों ने परिवार की महिलाओं को खेतों की ओर जाने से रोक दिया है। राजेश सक्सेना ने बताया कि वन विभाग की टीम ने वन दरोगा पर हमले के बाद दूसरे दिन जंगल की ओर रुख नहीं किया। इससे भी ग्रामीणों दहशत में है।
बता दें कि वन विभाग की चार सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार दोपहर जंगली सूअर को पकड़ने के लिए सिरसौली के जंगल में रेस्क्यू अभियान शुरू किया था। टीम ने जंगली सूअर को एक बार तो जाल में फंसा भी लिया, लेकिन वह जाल से बाहर आकर टीम पर हमलावर हो गया था। हमले में वन दरोगा शुभम प्रताप सिंह लहूलुहान हो गए थे। जंगली सूअर के चंगुल से वन दरोगा को मुक्त कराने के लिए वन कर्मियों ने लाठी-डंडे भी बरसाए, लेकिन सूअर फिर भी कब्जे में नहीं आया था। वन दरोगा आदित्य गंगवार ने बताया कि वन विभाग के अफसर हालात पर नजर रखे हुए हैं। ग्रामीणों को जंगली सूअरों के आतंक से मुक्ति दिलाई जाएगी।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -
जंगली सूअरों को मेडिकल कॉलेज के पास का इलाका मुफीद
- सिरसौली निवासी ग्रामीण फसल की रखवाली करते समय जंगली सूअरों के हमले की चपेट में आने से बच तो चुके हैं, लेकिन बृहस्पतिवार की घटना ने उन्हें अकेले खेतों की ओर नहीं जाने के लिए मजबूर कर दिया है। जंगली सूअर फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद मेडिकल कॉलेज के पीछे झाड़ियों की ओर पहुंच जाते हैं। जंगली सूअरों का कुनबा भी बढ़ता जा रहा है। डेढ़- दो साल तक दो-चार सूअर ही दिखाई देते थे, लेकिन अब संख्या एक दर्जन के पार हो गई है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
डीएफओ समेत अफसरों ने जाना वन दरोगा का हाल
- सिरसौली के जंगल में बृहस्पतिवार दोपहर जंगली सूअर के हमले में घायल वन दरोगा शुभम प्रताप सिंह अभी बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती हैं। परिवार के लोग भी उनके साथ बताए गए हैं। घायल वन दरोगा की सेहत का हाल जानने के लिए डीएफओ निधि चौहान भी बरेली गईं। बरेली के विभागीय अफसरों ने भी डॉक्टरों से वन दरोगा की स्थिति के बारे में जानकारी की। वन दरोगा से भी घटना के बारे में जानकारी की गई।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
वर्जन-
जंगली सूअर काे रेस्क्यू करने के लिए सिरसौली गांव में वन विभाग की टीम को भेजा गया है। ग्रामीणों से भी सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
निधि चौहान, डीएफओ
विज्ञापन
जंगली सूअरों की आवाजाही का प्रमुख प्वाइंट बने सिरसौली के जंगल समेत आसपास के किसान पूरे दिन दहशत में दिखे। भारतीय किसान यूनियन के मंडलीय प्रवक्ता राजेश सक्सेना के साथ कई ग्रामीण सुबह घरों से निकलकर जंगल में पहुंच गए। लाठी-डंडों सहित ग्रामीणों ने करीब एक किलोमीटर इलाके में जंगली सूअरों की तलाश में कांबिंग भी की। कहीं पर भी एक भी सूअर नजर नहीं आया। ग्रामीणों ने परिवार की महिलाओं को खेतों की ओर जाने से रोक दिया है। राजेश सक्सेना ने बताया कि वन विभाग की टीम ने वन दरोगा पर हमले के बाद दूसरे दिन जंगल की ओर रुख नहीं किया। इससे भी ग्रामीणों दहशत में है।
विज्ञापन
बता दें कि वन विभाग की चार सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार दोपहर जंगली सूअर को पकड़ने के लिए सिरसौली के जंगल में रेस्क्यू अभियान शुरू किया था। टीम ने जंगली सूअर को एक बार तो जाल में फंसा भी लिया, लेकिन वह जाल से बाहर आकर टीम पर हमलावर हो गया था। हमले में वन दरोगा शुभम प्रताप सिंह लहूलुहान हो गए थे। जंगली सूअर के चंगुल से वन दरोगा को मुक्त कराने के लिए वन कर्मियों ने लाठी-डंडे भी बरसाए, लेकिन सूअर फिर भी कब्जे में नहीं आया था। वन दरोगा आदित्य गंगवार ने बताया कि वन विभाग के अफसर हालात पर नजर रखे हुए हैं। ग्रामीणों को जंगली सूअरों के आतंक से मुक्ति दिलाई जाएगी।
विज्ञापन
जंगली सूअरों को मेडिकल कॉलेज के पास का इलाका मुफीद
- सिरसौली निवासी ग्रामीण फसल की रखवाली करते समय जंगली सूअरों के हमले की चपेट में आने से बच तो चुके हैं, लेकिन बृहस्पतिवार की घटना ने उन्हें अकेले खेतों की ओर नहीं जाने के लिए मजबूर कर दिया है। जंगली सूअर फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद मेडिकल कॉलेज के पीछे झाड़ियों की ओर पहुंच जाते हैं। जंगली सूअरों का कुनबा भी बढ़ता जा रहा है। डेढ़- दो साल तक दो-चार सूअर ही दिखाई देते थे, लेकिन अब संख्या एक दर्जन के पार हो गई है।
डीएफओ समेत अफसरों ने जाना वन दरोगा का हाल
- सिरसौली के जंगल में बृहस्पतिवार दोपहर जंगली सूअर के हमले में घायल वन दरोगा शुभम प्रताप सिंह अभी बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती हैं। परिवार के लोग भी उनके साथ बताए गए हैं। घायल वन दरोगा की सेहत का हाल जानने के लिए डीएफओ निधि चौहान भी बरेली गईं। बरेली के विभागीय अफसरों ने भी डॉक्टरों से वन दरोगा की स्थिति के बारे में जानकारी की। वन दरोगा से भी घटना के बारे में जानकारी की गई।
वर्जन-
जंगली सूअर काे रेस्क्यू करने के लिए सिरसौली गांव में वन विभाग की टीम को भेजा गया है। ग्रामीणों से भी सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
निधि चौहान, डीएफओ