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कोविड टीकाकरण में पांच ब्लॉक पिछड़े, औसत से कम टीकाकरण
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कोरोना का टीका लगवाती महिला। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। कोरोना टीकाकरण में जिले के पांच ब्लॉक काफी पिछड़ गए हैं। यहां औसत से भी कम टीकाकरण हुआ है। जिन ब्लॉकों में औसत से कम टीकाकरण हुआ है उनमें सबसे खराब स्थिति म्याऊ की है। इसके बाद उझानी है। इसके अलावा उसावां, उझानी, बिल्सी, आसफपुर में भी टीकाकरण रफ्तार नहीं पकड़ सका है। अब इन ब्लॉकों में टीकाकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
दरअसल, विशेषज्ञों ने चेताया है कि फरवरी में कोरोना की तीसरी लहर चरम पर होगी। नया वैरिएंट ओमिक्रॉन तीन गुना तेजी से लोगों को चपेट में लेगा। ओमिक्रॉन के लगातार बढ़ते मामलों के बीच सरकार की ओर से रात्रि कर्फ्यू समेत अन्य बंदिशें भी लगा दी गईं हैं। हालांकि, अभी जिले में कोरोना या नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके बाद भी एहतियात बरती जा रही है। सरकार का फोकस ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण करने पर है।
इसके अलावा जनवरी में 15 से 18 वर्ष के किशोरों के टीकाकरण को लेकर भी तैयारियां शुरू हो जाएंगी। ऐसे में आने वाले दिनों में टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ भी जुटने की उम्मीद है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक कुल 29.92 लाख 340 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। इनमें 2057115 लोगों को पहला टीका और 935225 लोगों को दूसरा टीका लगाया गया है। जिले में 15 ब्लॉक हैं। इनमें पांच ब्लॉक ऐसे हैं जिनमें टीकाकरण जिले के औसत से काफी कम हुआ है। गौर करने वाली बात यह है कि इन ब्लॉकों से ज्यादा आबादी और ज्यादा गांवों वाले ब्लॉकों में टीकाकरण का स्तर ठीक-ठाक है।
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दूर हुई सिरिंज की किल्लत, वैक्सीन का भी पर्याप्त स्टॉक
कोरोना का टीका लगाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 0.5 एमएल की सिरिंज की किल्लत अब पूरी तरह से दूरी हो गई है। जिले में सिरिंज का पर्याप्त स्टॉक है। इसके अलावा मंडलीय स्टोर पर भी सिरिंज की कोई कमी नहीं है। दरअसल, पिछले दिनों 0.5 एमएल की सिरिंज की कमी हो गई थी। ऐसे में टीकाकरण के लिए तीन और एक एमएल की सिरिंज का इस्तेमाल किया गया था। जिले में अब सिरिंज के साथ वैक्सीन का भी पर्याप्त स्टॉक है। लगातार जरूरत के हिसाब से वैक्सीन और सिरिंज की सप्लाई मिल रही है।
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अब तक जिले में टीकाकरण की स्थिति
पुरुष- 1623288
महिला-1368379
18 से 44 वर्ष की आयु-1923399
45 से 60 वर्ष की आयु-676223
60 वर्ष से अधिक आयु- 392718
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जिले में टीकाकरण की रफ्तार ठीक है, मगर म्याऊ, उसावां, उझानी, बिल्सी, आसफपुर ब्लॉक टीकाकरण में पिछड़ रहे हैं। सबसे खराब स्थिति म्याऊ की है। वैक्सीन और सिरिंज की कोई कमी नहीं है। रविवार को भी टीकाकरण किया जा रहा है। जिन ब्लॉकों में औसत से कम टीकाकरण हुआ है वहां अभियान चलाकर टीकाकरण किया जाएगा।
- डॉ. मोहम्मद असलम, एसीएमओ/नोडल अधिकारी टीकाकरण
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दरअसल, विशेषज्ञों ने चेताया है कि फरवरी में कोरोना की तीसरी लहर चरम पर होगी। नया वैरिएंट ओमिक्रॉन तीन गुना तेजी से लोगों को चपेट में लेगा। ओमिक्रॉन के लगातार बढ़ते मामलों के बीच सरकार की ओर से रात्रि कर्फ्यू समेत अन्य बंदिशें भी लगा दी गईं हैं। हालांकि, अभी जिले में कोरोना या नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके बाद भी एहतियात बरती जा रही है। सरकार का फोकस ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण करने पर है।
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इसके अलावा जनवरी में 15 से 18 वर्ष के किशोरों के टीकाकरण को लेकर भी तैयारियां शुरू हो जाएंगी। ऐसे में आने वाले दिनों में टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ भी जुटने की उम्मीद है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक कुल 29.92 लाख 340 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। इनमें 2057115 लोगों को पहला टीका और 935225 लोगों को दूसरा टीका लगाया गया है। जिले में 15 ब्लॉक हैं। इनमें पांच ब्लॉक ऐसे हैं जिनमें टीकाकरण जिले के औसत से काफी कम हुआ है। गौर करने वाली बात यह है कि इन ब्लॉकों से ज्यादा आबादी और ज्यादा गांवों वाले ब्लॉकों में टीकाकरण का स्तर ठीक-ठाक है।
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दूर हुई सिरिंज की किल्लत, वैक्सीन का भी पर्याप्त स्टॉक
कोरोना का टीका लगाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 0.5 एमएल की सिरिंज की किल्लत अब पूरी तरह से दूरी हो गई है। जिले में सिरिंज का पर्याप्त स्टॉक है। इसके अलावा मंडलीय स्टोर पर भी सिरिंज की कोई कमी नहीं है। दरअसल, पिछले दिनों 0.5 एमएल की सिरिंज की कमी हो गई थी। ऐसे में टीकाकरण के लिए तीन और एक एमएल की सिरिंज का इस्तेमाल किया गया था। जिले में अब सिरिंज के साथ वैक्सीन का भी पर्याप्त स्टॉक है। लगातार जरूरत के हिसाब से वैक्सीन और सिरिंज की सप्लाई मिल रही है।
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अब तक जिले में टीकाकरण की स्थिति
पुरुष- 1623288
महिला-1368379
18 से 44 वर्ष की आयु-1923399
45 से 60 वर्ष की आयु-676223
60 वर्ष से अधिक आयु- 392718
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जिले में टीकाकरण की रफ्तार ठीक है, मगर म्याऊ, उसावां, उझानी, बिल्सी, आसफपुर ब्लॉक टीकाकरण में पिछड़ रहे हैं। सबसे खराब स्थिति म्याऊ की है। वैक्सीन और सिरिंज की कोई कमी नहीं है। रविवार को भी टीकाकरण किया जा रहा है। जिन ब्लॉकों में औसत से कम टीकाकरण हुआ है वहां अभियान चलाकर टीकाकरण किया जाएगा।
- डॉ. मोहम्मद असलम, एसीएमओ/नोडल अधिकारी टीकाकरण