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रिजल्ट आते ही खुशी से झूम उठे
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मिताली का शिक्षिकाओं समेत माता-पिता ने बढ़ाया हौसला
उझानी इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में टॉप करके उझानी के भदवार गर्ल्स इंटर कॉलेज का नाम रोशन करने वाली पंजाबी कॉलोनी निवासी मिताली चांदना ने 86.8 प्रतिशत अंक अर्जित किए हैं। रिजल्ट आने के बाद वह अपने भाई और मां के साथ कॉलेज पहुंची और शिक्षिकाओं से मिले मार्गदर्शन की तारीफ की। कॉलोनी के ही कृष्णगोपाल चांदना की बेटी मिताली ने बताया कि इंटर की पढ़ाई के दौरान उसने ट्यूशन नहीं मिली। शिक्षिकाओं ने अतिरिक्त कक्षाएं संचालित कर तैयारी कराई। प्रधानाचार्या सुजाता माथुर ने उसे हर बार ही प्रोत्साहित किया।
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाना चाहते हैं आदित्य
बदायूं वजीरगंज के मुन्नालाल इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र आदित्य कुमार वार्ष्णेय ने हाईस्कूल में जनपद में दूूसरा स्थान हासिल किया है। वह इसके पीछे अपने परिवार और गुरुजनों को इसका श्रेय दे रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सेल्फ स्टडी के साथ-साथ कोचिंग भी की थी। हालांकि सेल्फ स्टडी वह रात में करते थे। वह इंजीनियरिंग की लाइन में जाना चाहते हैं। उनका कहा कि जेईई मेंस के बाद उनके परिवार के अन्य सदस्य जॉब कर रहे हैं। इसलिए वह इस परंपरा को निभाते हुए खुद भी इसी तरफ जा रहे हैं।
शिक्षक बनना चाहती हैं काव्या
बदायूं मां शारदे इंटर कॉलेज पड़रिया में पढ़ाने वाले सुनील पाठक की बेटी काव्या पाठक ने इंटर में 424 अंक हासिल करते हुए जनपद में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। उनका कहना है सभी लोग आईएएस, आईपीएस, इंजीनियर आदि बनाना चाहते हैं। लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं देता है कि उन्हें किसी शिक्षक ने ही पढ़ाकर आगे बढ़ाया है। तभी तो वह इस लायक बन सकें। अगर देश में अच्छे शिक्षकों को कमी हो जाएगी तो बच्चे आगे कैसे बढ़ पाएंगे। ऐसे में उन्होंने आईएएस बनने का सपना छोड़ शिक्षक बनने की ओर अपना ध्यान केंद्रित किया है। अब वह शिक्षक बनकर अन्य बच्चों को भविष्य बेहतर करेंगी।
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उझानी इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में टॉप करके उझानी के भदवार गर्ल्स इंटर कॉलेज का नाम रोशन करने वाली पंजाबी कॉलोनी निवासी मिताली चांदना ने 86.8 प्रतिशत अंक अर्जित किए हैं। रिजल्ट आने के बाद वह अपने भाई और मां के साथ कॉलेज पहुंची और शिक्षिकाओं से मिले मार्गदर्शन की तारीफ की। कॉलोनी के ही कृष्णगोपाल चांदना की बेटी मिताली ने बताया कि इंटर की पढ़ाई के दौरान उसने ट्यूशन नहीं मिली। शिक्षिकाओं ने अतिरिक्त कक्षाएं संचालित कर तैयारी कराई। प्रधानाचार्या सुजाता माथुर ने उसे हर बार ही प्रोत्साहित किया।
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाना चाहते हैं आदित्य
बदायूं वजीरगंज के मुन्नालाल इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र आदित्य कुमार वार्ष्णेय ने हाईस्कूल में जनपद में दूूसरा स्थान हासिल किया है। वह इसके पीछे अपने परिवार और गुरुजनों को इसका श्रेय दे रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सेल्फ स्टडी के साथ-साथ कोचिंग भी की थी। हालांकि सेल्फ स्टडी वह रात में करते थे। वह इंजीनियरिंग की लाइन में जाना चाहते हैं। उनका कहा कि जेईई मेंस के बाद उनके परिवार के अन्य सदस्य जॉब कर रहे हैं। इसलिए वह इस परंपरा को निभाते हुए खुद भी इसी तरफ जा रहे हैं।
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शिक्षक बनना चाहती हैं काव्या
बदायूं मां शारदे इंटर कॉलेज पड़रिया में पढ़ाने वाले सुनील पाठक की बेटी काव्या पाठक ने इंटर में 424 अंक हासिल करते हुए जनपद में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। उनका कहना है सभी लोग आईएएस, आईपीएस, इंजीनियर आदि बनाना चाहते हैं। लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं देता है कि उन्हें किसी शिक्षक ने ही पढ़ाकर आगे बढ़ाया है। तभी तो वह इस लायक बन सकें। अगर देश में अच्छे शिक्षकों को कमी हो जाएगी तो बच्चे आगे कैसे बढ़ पाएंगे। ऐसे में उन्होंने आईएएस बनने का सपना छोड़ शिक्षक बनने की ओर अपना ध्यान केंद्रित किया है। अब वह शिक्षक बनकर अन्य बच्चों को भविष्य बेहतर करेंगी।
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