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इंजीनियरिंग, आईएएस और न्यायिक सेवा में जाना चाहते हैं जिले के मेधावी
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर चाहता है प्रांजल सक्सेना
संतोष कुमारी अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 10 वीं के छात्र प्रांजल सक्सेना ने 90.83 प्रतिशत अंक अर्जित कर जिला टॉप किया है और अपने परिवार की खुशियों में पंख लगा दिए हैं। वह अयोध्यागंज मोहल्ला निवासी शिक्षक उमेश सक्सेना का बेटा है। प्रांजल ने शुरू से ही मन लगाकर पढ़ाई की। हौसला बढ़ाने में परिवार के लोगों के अहम भूमिका रही। रिजल्ट आने के बाद परिवार के लोगों ने उसका मुंह मीठा कराया। बाद में वह कॉलेज पहुंचा और आचार्यों से आशीर्वाद पाया। प्रांजल ने बताया कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता है। कक्षा नौ में एडमिशन के दौरान ही प्रांजल ने अपनी यह इच्छा व्यक्त कर दी थी। उसके परिवार में शनिवार को पूरे दिन खुशी का माहौल बना रहा। उसने मंदिर जाकर मत्था भी टेका।
इंजीनियर बनकर सेवा करेगी रिषिका
उझानी जिले के टॉपर प्रांजल सक्सेना के बराबर अंक अर्जित करने वाली संतोष कुमारी अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा ऋषिका सक्सेना मूलत: कासगंज की निवासी है। करीब एक दशक पहले पिता दुर्गेश सक्सेना के असमय निधन के बाद मां अनीता, भाई-बहन के साथ ननिहाल मोहल्ला किलाखेड़ा में नाना हरीशंकर सक्सेना के घर रह रही ऋषिका को पढ़ाई के दौरान ननिहाल के प्रत्येक सदस्य का सहयोग मिला। कॉलेज के आचार्यों ने भी उसका हौसला बढ़ाया। 90.83 प्रतिशत अंक के साथ ऋषिका ने इंजीनियर बनने की इच्छा व्यक्त की। उसने बताया कि उसके पिता का भी यही सपना था। वह अपने पिता का नाम जरूर रोशन करेगी। मां ने भी उसकी पढ़ाई के दौरान त्याग किया है।
न्यायिक सेवा में जाना चाहती हैं प्रियांशी
जनपद में दूसरा स्थान हासिल करने वाली प्रियांशी शर्मा वजीरगंज के श्रीदेवकी नंदन सेनानी इंटर कॉलेज की छात्रा है। उनका कहना है कि आज हाईस्कूल में जो अंक आए है, इसके पीछे उनके पिता राम किशोर शर्मा और शिक्षकों का सहयोग है। उनके बिना यह संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि देश में जो भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। वह उस पर अंकुश लगाना चाहती है। इसके लिए वह भारतीय न्यायिक सेवा में जाना चाहती है। ताकि लोगों को न्याय दिला संकू। इसको लेकर वह लगातार पढ़ाई कर रही हैं। यहां तक कि लॉकडाउन के दौरान भी वह अगली कक्षा की तैयारी में जुटी रही। ताकि जो भी समय है। उसे बर्बाद न करके, उसका सदउपयोग किया जा सकें।
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आईपीएस बनकर करेंगे देश की सेवा
उझानी कस्बे के मोहल्ला अहिरटोला निवासी राजबहादुर के पुत्र अमित कुमार ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूूल परीक्षा में 600 में से 542 नंबर लाकर जनपद की टॉप टेन लिस्ट में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। उनका कहना है कि इसके पीछे उनके परिवार को बहुत सपोर्ट रही है। साथ ही विद्यालय के गुरुजनों की प्यार की वजह से आज यह मुकाम हासिल किया है। वह यूं ही पढ़ाई करते रहें और आगे चलकर आईपीएस अफसर बनकर लोगों की सेवा करें। किसी को कोई परेशानी नहीं होने देंगे।
मन में हो विश्वास तो हर काम हो जाता है आसान
श्रीराम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की हाईस्कूल की छात्रा शिवानी ने भी जिले में तीसरा स्थान पाया है। शिवानी के पापा रामकिशन बघेल गोंडा में गन्ना विभाग में सचिव है। शिवानी ने बताया कि उनका मन डॉक्टर बनने का है। इसी उद्देश्य के साथ वह पढ़ाई कर रहे है। उनका कहना है कि उन्होंने सेल्फ स्टडी की थी। उन्होंने कही भी कोचिंग नहीं की। उनका मानना है कि अगर मन में विश्वास हो, तो हर काम आसान हो जाता है। जिसका नतीजा आज सभी के सामाने है। हालांकि वह जनपद में पहले स्थान पर नहीं आयी। इस बात का उन्हें अफसोस है।
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संतोष कुमारी अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 10 वीं के छात्र प्रांजल सक्सेना ने 90.83 प्रतिशत अंक अर्जित कर जिला टॉप किया है और अपने परिवार की खुशियों में पंख लगा दिए हैं। वह अयोध्यागंज मोहल्ला निवासी शिक्षक उमेश सक्सेना का बेटा है। प्रांजल ने शुरू से ही मन लगाकर पढ़ाई की। हौसला बढ़ाने में परिवार के लोगों के अहम भूमिका रही। रिजल्ट आने के बाद परिवार के लोगों ने उसका मुंह मीठा कराया। बाद में वह कॉलेज पहुंचा और आचार्यों से आशीर्वाद पाया। प्रांजल ने बताया कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता है। कक्षा नौ में एडमिशन के दौरान ही प्रांजल ने अपनी यह इच्छा व्यक्त कर दी थी। उसके परिवार में शनिवार को पूरे दिन खुशी का माहौल बना रहा। उसने मंदिर जाकर मत्था भी टेका।
इंजीनियर बनकर सेवा करेगी रिषिका
उझानी जिले के टॉपर प्रांजल सक्सेना के बराबर अंक अर्जित करने वाली संतोष कुमारी अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा ऋषिका सक्सेना मूलत: कासगंज की निवासी है। करीब एक दशक पहले पिता दुर्गेश सक्सेना के असमय निधन के बाद मां अनीता, भाई-बहन के साथ ननिहाल मोहल्ला किलाखेड़ा में नाना हरीशंकर सक्सेना के घर रह रही ऋषिका को पढ़ाई के दौरान ननिहाल के प्रत्येक सदस्य का सहयोग मिला। कॉलेज के आचार्यों ने भी उसका हौसला बढ़ाया। 90.83 प्रतिशत अंक के साथ ऋषिका ने इंजीनियर बनने की इच्छा व्यक्त की। उसने बताया कि उसके पिता का भी यही सपना था। वह अपने पिता का नाम जरूर रोशन करेगी। मां ने भी उसकी पढ़ाई के दौरान त्याग किया है।
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न्यायिक सेवा में जाना चाहती हैं प्रियांशी
जनपद में दूसरा स्थान हासिल करने वाली प्रियांशी शर्मा वजीरगंज के श्रीदेवकी नंदन सेनानी इंटर कॉलेज की छात्रा है। उनका कहना है कि आज हाईस्कूल में जो अंक आए है, इसके पीछे उनके पिता राम किशोर शर्मा और शिक्षकों का सहयोग है। उनके बिना यह संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि देश में जो भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। वह उस पर अंकुश लगाना चाहती है। इसके लिए वह भारतीय न्यायिक सेवा में जाना चाहती है। ताकि लोगों को न्याय दिला संकू। इसको लेकर वह लगातार पढ़ाई कर रही हैं। यहां तक कि लॉकडाउन के दौरान भी वह अगली कक्षा की तैयारी में जुटी रही। ताकि जो भी समय है। उसे बर्बाद न करके, उसका सदउपयोग किया जा सकें।
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आईपीएस बनकर करेंगे देश की सेवा
उझानी कस्बे के मोहल्ला अहिरटोला निवासी राजबहादुर के पुत्र अमित कुमार ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूूल परीक्षा में 600 में से 542 नंबर लाकर जनपद की टॉप टेन लिस्ट में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। उनका कहना है कि इसके पीछे उनके परिवार को बहुत सपोर्ट रही है। साथ ही विद्यालय के गुरुजनों की प्यार की वजह से आज यह मुकाम हासिल किया है। वह यूं ही पढ़ाई करते रहें और आगे चलकर आईपीएस अफसर बनकर लोगों की सेवा करें। किसी को कोई परेशानी नहीं होने देंगे।
मन में हो विश्वास तो हर काम हो जाता है आसान
श्रीराम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की हाईस्कूल की छात्रा शिवानी ने भी जिले में तीसरा स्थान पाया है। शिवानी के पापा रामकिशन बघेल गोंडा में गन्ना विभाग में सचिव है। शिवानी ने बताया कि उनका मन डॉक्टर बनने का है। इसी उद्देश्य के साथ वह पढ़ाई कर रहे है। उनका कहना है कि उन्होंने सेल्फ स्टडी की थी। उन्होंने कही भी कोचिंग नहीं की। उनका मानना है कि अगर मन में विश्वास हो, तो हर काम आसान हो जाता है। जिसका नतीजा आज सभी के सामाने है। हालांकि वह जनपद में पहले स्थान पर नहीं आयी। इस बात का उन्हें अफसोस है।