फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Twenty years hanging rail projects

बीस साल से लटकी हैं रेल परियोजनाएं

Wed, 03 Aug 2016 11:24 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Wed, 03 Aug 2016 11:24 PM IST
विज्ञापन
Twenty years hanging rail projects
बीस साल से लटकी हैं रेल परियोजनाएं - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
सांसद धर्मेंद्र यादव ने संसद में उठाए रेल समस्याओं से जुड़े मुद्दे
बदायूं को ब्राडगेज तो किया, अभी तक यहां ट्रेनों का अभाव है
बुलेट ट्रेन तो चलाएं, लेकिन सामान्य यात्रियों की समस्याओं का ख्याल रखें

 समाजवादी पार्टी के क्षेत्रीय सांसद धर्मेंद्र यादव ने मानसून सत्र के दौरान रेलवे विभाग के कारण प्रदेश की जनता को हो रही कठिनाइयों को संसद में उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय रेलवे मंत्रालय से डिवडेंट (लाभांश) की मांग कर रहा है, जहां दूसरी ओर रेलवे विभाग में तमाम तरह की सुविधाओं के अभाव के चलते प्रदेश की जनता को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। देश की राजधानी के नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर तमाम दिशाओं में जाने वाली ट्रेनों की स्थिति इतनी दयनीय है कि सामान्य श्रेणी के बोगियों में महिलाएं तथा बच्चे भीड़ के कारण उनमें घुस नहीं पाते हैं। रेलमंत्री ने कोई नई घोषणा नहीं की है तथा जो पुरानी रेलवे की परियोजनाएं हैं, उनको पूरा करने की पूरी जिम्मेदारी रेल मंत्रालय की है।
उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इटावा-मैनपुरी रेल परियोजना, इटावा-आगरा रेल परियोजना तथा इटावा-भिंड-ग्वालियर रेलवे परियोजना लगभग 20 वर्ष होने पर भी अभी तक शुरू नहीं हो पाई हैं। उनके संसदीय क्षेत्र बदायूं को ब्राडगेज किया गया है, लेकिन अभी उस ट्रैक पर ट्रेनों का अभाव है। अपने लोकसभा क्षेत्र में एक आरओबी की मांग की थी, जिसमें 50 प्रतिशत धनराशि प्रदेश सरकार देने को सहमत थी, लेकिन केंद्र सरकार ने न एनओसी दी, न ही धनराशि। फलस्वरूप जनता की परेशानी को मद्देनजर रखते हुए प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार ने पूरी धनराशि स्वीकृत कर आरओबी(रेलवे ओवर ब्रिज) बनवाया। वर्तमान समय में रेलवे की लाइन बढ़ रही हैं, रेल मंत्रालय द्वारा मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग बंद किए जा रहे हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। इसका मात्र एक उपाय है कि छोटे-छोटे अंडर पाथ वे बनवाए जाएं। 
विज्ञापन

सांसद ने कहा सरकार बुलेट ट्रेन, हाईस्पीड ट्रेन चलाए, लेकिन जब तक देश की जनता को रेल मंत्रालय की ओर से मूलभूत सुविधाए नहीं मिलेंगी, यह आधुनिकीरण बेमानी है। उप्र की जनता ने संसद में भारतीय जनता पार्टी के 73 सांसद बनाकर भेजे हैं, इसके बावजूद रेलवे मंत्रालय द्वारा उप्र की जनता की भावनाओं पर कुठाराघात किया गया है, जिसका जवाब आने वाले समय में प्रदेश की जनता भाजपा तथा उसके नेताओं को अवश्य देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed