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Budaun News: हाईवे चौड़ीकरण की भेंट चढ़ेंगे 56 हेक्टेयर वन भूमि पर लगे पेड़
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नेशनल हाईवे 530 बी : चौड़ीकरण में आ रही वन भूमि एनएचएआई को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू
56 हेक्टेयर वन भूमि पर लगे वृक्षों का होगा कटान
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे 530 बी के लिए वन विभाग की 56 हेक्टेयर भूमि का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस भूमि पर लगे पेड़ों का कटान किया जाएगा। इसके बदले नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) वन विभाग को दूसरे स्थान पर भूमि उपलब्ध कराएगा। काटे गए पेड़ों से 10 गुना ज्यादा पौधे भी रोपेगा।
बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे का निर्माण चार चरणों में हो रहा है। पहले चरण में मथुरा से हाथरस, दूसरे में हाथरस से कासगंज, तीसरे में कासगंज से बदायूं और चौथे में बदायूं से बरेली के बीच हाईवे निर्माण चौड़ीकरण का काम होगा। हाईवे की चौड़ाई बढ़ाकर 45 मीटर की जाएगी। जिन स्थानों पर दूसरे मार्ग हाईवे को लिंक करेंगे वहां की चौड़ाई 52 मीटर और हाईवे पर बनाए जाने वाले अंडरपासों की चौड़ाई 50 मीटर रखी जाएगी। कासगंज से बरेली के बीच एनएचएआई और वन विभाग ने सर्वे पूरा कर लिया है। वन विभाग की 56 हेक्टेयर भूमि भी चौड़ीकरण में जा रही है। इस पर हजारों की संख्या में पेड़ भी हैं। इनका कटान किया जाएगा।
वन विभाग ने एनएचएआई को भूमि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले में दूसरे स्थान पर वन विभाग को भूमि उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग के साथ एनएचएआई और राजस्व विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। दातागंज तहसील क्षेत्र के दो गांवों में भूमि को चिह्नित कर लिया गया है।
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कासगंज-बदायूं के बीच तेज हुआ काम, पुल, पुलियों का हो रहा निर्माण
- एनएचएआई ने तीसरे चरण के कासगंज से बदायूं के बीच निर्माण काम तेज कर दिया है। हाईवे पर आने वाले पुल और पुलियों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। चौड़ीकरण की जद में आने वाले निजी और सरकारी भवनों का भी सर्वे शुरू कर दिया गया है। अगर निजी भूमि हाईवे में जाती है तो मुआवजा दिया जाएगा। अगर सरकारी भूमि पर निर्माण पाया जाता है तो उसे ध्वस्त करा दिया जाएगा।
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बदायूं-बरेली के बीच भी पूरा हो चुका सर्वे
- बदायूं-बरेली के बीच बदायूं की सीमा में हाईवे चौड़ीकरण का सर्वे पूरा हो चुका है। अब तक यह हाईवे फोर लेन है। अब इसे छह लेन किया जाना है। बदायूं-बरेली के बीच अभी काम शुरू नहीं किया गया है। बरेली से बदायूं तक का काम एनएचएआई की बरेली शाखा देखेगी।
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वन विभाग की करीब 56 हेक्टेयर भूमि हाईवे चौड़ीकरण में आ रही है। यहां पेड़ों का कटान भी होना है। वन विभाग को दूसरे स्थान पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। दातागंज में भूमि देखी गई है। काटे गए पेड़ों के बदले 10 गुना पौधे भी रोपे जाएंगे।- उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक एनएचएआई
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वन भूमि पर जिन पेड़ों का कटान होना है अभी उनका सर्वे कराया जाएगा। दातागंज में पौधरोणप के लिए भूमि देखी जा रही है। एनएचएआई और वन विभाग के स्तर से कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है।
- समीर कुमार, डीएफओ
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56 हेक्टेयर वन भूमि पर लगे वृक्षों का होगा कटान
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे 530 बी के लिए वन विभाग की 56 हेक्टेयर भूमि का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस भूमि पर लगे पेड़ों का कटान किया जाएगा। इसके बदले नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) वन विभाग को दूसरे स्थान पर भूमि उपलब्ध कराएगा। काटे गए पेड़ों से 10 गुना ज्यादा पौधे भी रोपेगा।
बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे का निर्माण चार चरणों में हो रहा है। पहले चरण में मथुरा से हाथरस, दूसरे में हाथरस से कासगंज, तीसरे में कासगंज से बदायूं और चौथे में बदायूं से बरेली के बीच हाईवे निर्माण चौड़ीकरण का काम होगा। हाईवे की चौड़ाई बढ़ाकर 45 मीटर की जाएगी। जिन स्थानों पर दूसरे मार्ग हाईवे को लिंक करेंगे वहां की चौड़ाई 52 मीटर और हाईवे पर बनाए जाने वाले अंडरपासों की चौड़ाई 50 मीटर रखी जाएगी। कासगंज से बरेली के बीच एनएचएआई और वन विभाग ने सर्वे पूरा कर लिया है। वन विभाग की 56 हेक्टेयर भूमि भी चौड़ीकरण में जा रही है। इस पर हजारों की संख्या में पेड़ भी हैं। इनका कटान किया जाएगा।
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वन विभाग ने एनएचएआई को भूमि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले में दूसरे स्थान पर वन विभाग को भूमि उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग के साथ एनएचएआई और राजस्व विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। दातागंज तहसील क्षेत्र के दो गांवों में भूमि को चिह्नित कर लिया गया है।
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कासगंज-बदायूं के बीच तेज हुआ काम, पुल, पुलियों का हो रहा निर्माण
- एनएचएआई ने तीसरे चरण के कासगंज से बदायूं के बीच निर्माण काम तेज कर दिया है। हाईवे पर आने वाले पुल और पुलियों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। चौड़ीकरण की जद में आने वाले निजी और सरकारी भवनों का भी सर्वे शुरू कर दिया गया है। अगर निजी भूमि हाईवे में जाती है तो मुआवजा दिया जाएगा। अगर सरकारी भूमि पर निर्माण पाया जाता है तो उसे ध्वस्त करा दिया जाएगा।
बदायूं-बरेली के बीच भी पूरा हो चुका सर्वे
- बदायूं-बरेली के बीच बदायूं की सीमा में हाईवे चौड़ीकरण का सर्वे पूरा हो चुका है। अब तक यह हाईवे फोर लेन है। अब इसे छह लेन किया जाना है। बदायूं-बरेली के बीच अभी काम शुरू नहीं किया गया है। बरेली से बदायूं तक का काम एनएचएआई की बरेली शाखा देखेगी।
वन विभाग की करीब 56 हेक्टेयर भूमि हाईवे चौड़ीकरण में आ रही है। यहां पेड़ों का कटान भी होना है। वन विभाग को दूसरे स्थान पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। दातागंज में भूमि देखी गई है। काटे गए पेड़ों के बदले 10 गुना पौधे भी रोपे जाएंगे।- उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक एनएचएआई
वन भूमि पर जिन पेड़ों का कटान होना है अभी उनका सर्वे कराया जाएगा। दातागंज में पौधरोणप के लिए भूमि देखी जा रही है। एनएचएआई और वन विभाग के स्तर से कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है।
- समीर कुमार, डीएफओ