कानूनी पचड़े में फंसा सॉलिडवेस्ट प्लांट
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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट कानूनी पचड़े में फंस गया है। अड़चनों के चलते 1.27 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो पा रहे हैं। जो मशीने लगी हैं उनको पर जंक लगने लगा है। करोड़ों रुपये के उपकरण धूल फांक रहे हैं। प्लांट के लिए जो उपकरण नगर पालिका ने खरीदे थे वह भी कंडम हो चुके हैं। प्लांट लाने के लिए अनुबंध करने वाली अकार्डों हाइड्रोएअर और एटूजेड कंपनियों की ओर से लगाई गई फर्जी बैंक गारंटी के मामले का निपटारा होता फिलहाल नहीं दिख रहा है। ऐसे में सॉलिड वेस्ट मैनजमेंट प्लांट का सपना जल्द पूरा होता नहीं दिख रहा।
सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने का जिम्मा कंट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीसी) को सौंपा गया था। प्लांट चलाने के लिए गुड़गांव की कंपनी एटूजेड से 30 साल का अनुबंध हुआ था। बाद में एटूजेड ने इसमें अकार्डो हाइड्रोएयर नाम की एक कंपनी को शामिल कर लिया। दोनों कंपनियों ने छह करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी लगा दी। फर्जी बैंक गारंटी का मामला सितंबर 2014 में सामने आया तो इनके खिलाफ फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज करा कर बैंक गारंटी जब्त कर ली गई। अब यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में प्लांट स्थापना के लिए मिली रकम भी खर्च नहीं हो पा रही है। कानूनी पचड़े की वजह से 1.27 करोड़ खर्च नहीं हो पा रहे हैं और प्लांट का काम अधर में लटका है।
दिसंबर 2012 तक हैंडओवर होना था प्लांट
नगर पंचायत गुलड़िया के पास ग्राम पंचायत उतरना के गांव सहपुरा में सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए नवंबर 2011 में काम शुरू हुआ था। यह काम दिसंबर 2012 तक पूरा होना था। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत प्लांट लगाने का काम कंट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीसी) को सौंपा गया। कुल 12 करोड़ की लागत वाले प्लांट के लिए सरकार को 5.87 करोड़ रुपये देने थे। बाकी की रकम 30 साल तक प्लांट चलाने का अनुबंध करने वाली कंपनी एटूजेड को लगानी थी। सरकार से बजट नहीं मिला तो कई महीने काम बंद रहा। बाद में सरकार ने अपने हिस्सा की धनराशि 5.78 करोड़ रुपये अगस्त में 2.87 और नवंबर 2013 में 2.91 करोड़ रुपये दो किस्तों में भुगतान कर दी।
फर्जी बैंक गारंटी का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। प्लांट के लिए मिली रकम भी खर्च नहीं हो पा रही है। कोर्ट से निपटारा होने के बाद ही प्लांट का काम शुरू हो जाएगा। फिलहाल यह जल्द पूरा होता नहीं दिख रहा। -एसएन पांडेय, वरिष्ठ स्थानिक अभियंता (सीएंडडीसी)