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तजपुरा में संक्रामक रोगों की दस्तक, एक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो मूसाझाग।
Updated Fri, 08 Jul 2016 11:20 PM IST
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चिकित्सक
- फोटो : अमर उजाला
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- अब तक नहीं ली स्वास्थ्य विभाग ने गांव की सुध
- कई लोग बीमार, दो की हालत बनी हुई है गंभीर
जगत ब्लाक के गांव तजपुरा में संक्रामक रोगों ने दस्तक दे दी है। शुक्रवार को गंगाराम नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई। गांव के कई लोग बीमार हैं। खबर दिए जाने के बाद भी अब तक स्वास्थ्य विभाग ने गांव की सुध नहीं ली है। कई बीमार झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं। दो अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जगत ब्लाक के तजपुरा गांव में पिछले सप्ताह संक्रामक रोगों ने दस्तक देनी शुरू की थी। कई लोगों को बुखार ने चपेट में ले लिया। गांव के ही गंगाराम (41) पुत्र चित्तर सिंह को भी तीन दिन पहले तेज बुखार आया था। परिवारवाले उनका इलाज गांव के ही एक डॉक्टर से करा रहे थे। शुक्रवार को गंगाराम की अचानक हालत बिगड़ गई। उनका जिला अस्पताल के लिए लाया जा रहा था, लेकिन गंगाराम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसके बाद गंगाराम के परिवार में कोहराम है। उनके दो पुत्र पप्पू और महेश हैं।
गांव के ही मोरपाल (30) पुत्र नंदराम, नन्हे (11) पुत्र रमेश, रीना (25) पत्नी छविनाथ, कामिनी (6) पुत्र मोरपाल, पूनम (5) पुत्री तोताराम, शिवओम (6) पुत्र मनोज, जितेंद्र (11) पुत्र बलवीर समेत कई लोग बुखार की चपेट में हैं। संक्रामक बुखार को लेकर गांव के लोग दहशत में हैं।
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गंदगी की ओर नहीं जाता किसी का ध्यान
मूसाझाग। तजपुरा गांव में गंदगी का साम्राज्य है। कूड़े के ढेर और जल भराव की वजह से संक्रामक रोग फैल रहे हैं। सफाई कर्मचारी कभी कभार ही गांव में आता है। इसकी शिकायत भी कई बार ब्लाक पर की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम स्वास्थ्य समिति की भूमिका भी पूरी तरह से सिफर है।
उपरैला से नहीं लिया कोई सबक
बदायूं। पिछले साल उपरैला गांव में संक्रामक रोगों से एक महीने के अंदर 80 लोगों की मौत हुई थी। इससे शासन तक हिल गया था। महानिदेशक की टीम ने गांव का दौरा किया था। बमुश्किल स्थित पर काबू हो सका था। स्वास्थ्य विभाग ने उपरैला से भी सबक नहीं लिया। जाहिर है कि अगर समय रहते संक्रामक रोगों पर काबू नहीं किया गया तो स्थिति बिगड़ सकती है।
इस संबंध में कोई सूचना नहीं है। टीम को गांव भेजा जा रहा है। बीमार लोगों के सैंपल लिए जाएंगे ताकि पता लग रहे कि कौन सी बीमारी है। गांव में हेल्थ कैंप भी लगाया जाएगा।
-डॉ. कौशल कुमार, प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण सेल
- कई लोग बीमार, दो की हालत बनी हुई है गंभीर
जगत ब्लाक के गांव तजपुरा में संक्रामक रोगों ने दस्तक दे दी है। शुक्रवार को गंगाराम नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई। गांव के कई लोग बीमार हैं। खबर दिए जाने के बाद भी अब तक स्वास्थ्य विभाग ने गांव की सुध नहीं ली है। कई बीमार झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं। दो अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जगत ब्लाक के तजपुरा गांव में पिछले सप्ताह संक्रामक रोगों ने दस्तक देनी शुरू की थी। कई लोगों को बुखार ने चपेट में ले लिया। गांव के ही गंगाराम (41) पुत्र चित्तर सिंह को भी तीन दिन पहले तेज बुखार आया था। परिवारवाले उनका इलाज गांव के ही एक डॉक्टर से करा रहे थे। शुक्रवार को गंगाराम की अचानक हालत बिगड़ गई। उनका जिला अस्पताल के लिए लाया जा रहा था, लेकिन गंगाराम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसके बाद गंगाराम के परिवार में कोहराम है। उनके दो पुत्र पप्पू और महेश हैं।
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गांव के ही मोरपाल (30) पुत्र नंदराम, नन्हे (11) पुत्र रमेश, रीना (25) पत्नी छविनाथ, कामिनी (6) पुत्र मोरपाल, पूनम (5) पुत्री तोताराम, शिवओम (6) पुत्र मनोज, जितेंद्र (11) पुत्र बलवीर समेत कई लोग बुखार की चपेट में हैं। संक्रामक बुखार को लेकर गांव के लोग दहशत में हैं।
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गंदगी की ओर नहीं जाता किसी का ध्यान
मूसाझाग। तजपुरा गांव में गंदगी का साम्राज्य है। कूड़े के ढेर और जल भराव की वजह से संक्रामक रोग फैल रहे हैं। सफाई कर्मचारी कभी कभार ही गांव में आता है। इसकी शिकायत भी कई बार ब्लाक पर की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम स्वास्थ्य समिति की भूमिका भी पूरी तरह से सिफर है।
उपरैला से नहीं लिया कोई सबक
बदायूं। पिछले साल उपरैला गांव में संक्रामक रोगों से एक महीने के अंदर 80 लोगों की मौत हुई थी। इससे शासन तक हिल गया था। महानिदेशक की टीम ने गांव का दौरा किया था। बमुश्किल स्थित पर काबू हो सका था। स्वास्थ्य विभाग ने उपरैला से भी सबक नहीं लिया। जाहिर है कि अगर समय रहते संक्रामक रोगों पर काबू नहीं किया गया तो स्थिति बिगड़ सकती है।
इस संबंध में कोई सूचना नहीं है। टीम को गांव भेजा जा रहा है। बीमार लोगों के सैंपल लिए जाएंगे ताकि पता लग रहे कि कौन सी बीमारी है। गांव में हेल्थ कैंप भी लगाया जाएगा।
-डॉ. कौशल कुमार, प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण सेल