{"_id":"585978924f1c1bf248e397b3","slug":"three-new-blocks-joined-19-nyaya-panchayats","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन नए ब्लॉकों में शामिल हुईं 19 न्याय पंचायतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन नए ब्लॉकों में शामिल हुईं 19 न्याय पंचायतें
बदायूं ब्यूरो
Updated Tue, 20 Dec 2016 11:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बदायूं में 18 ब्लाक हुए, क्षेत्र पंचायतों का हुआ पुनर्गठन
जिले में नए बने नाधा, बिनावर और दबतोरी तीन ब्लॉकों में 19 न्याय पंचायतों को शामिल किया गया है। दबतोरी में बिसौली और आसफपुर ब्लॉक की, नाधा में दहगवां, इस्लामनगर और सहसवान की और बिनावर में सालारपुर, जगत और समरेर ब्लॉक की कई न्याय पंचायतों को लेकर नए ब्लाकों का गठन किया गया है। इस तरह से जिले में क्षेत्र पंचायतों का पुनर्गठन हो गया है। हालांकि इस पुनर्गठन के दायरे में जिले के 11 ब्लाक ही आए हैं। बाकी सात ब्लाकों में न्याय पंचायतों की स्थिति पूर्ववत ही रहेगी। ये ब्लाक दातागंज, उसावां, अंबियापुर, उझानी, म्याऊं, कादरचौक और वजीरगंज हैं। इनकी न्याय पंचायतों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है।
नाधा, बिनावर और दबतोरी को ब्लॉक बनाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने करीब छह माह पहले शासन को भेजा था। जिले में अब पहले की तरह 18 ब्लॉक हो गए हैं। इसकी घोषणा मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में की और उसके बाद प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास दीपक त्रिवेदी ने शासनादेश जारी कर दिया।
अब ये हुआ जिले में क्षेत्र पंचायत का नया स्वरूप
0 बिनावर ब्लॉक-
पुठीसराय, रैपुरा, मलगांव, बिनावर, खुनक, हसनपुर और मझारा न्याय पंचायतों को शामिल किया गया है।
0 दबतोरी ब्लॉक-
मुंसियानगला, निजामुद्दीनपुर शाह, पृथ्वीपुर, करना न्याय पंचायतों को शामिल किया गया है।
0 नाधा ब्लॉक-
रियोनाई, खंडुवा, दानपुर, नाधा, शादीपुर, करियामई, नूरपुर पिनौनी न्याय पंचायतों के साथ ही ईखखेड़ा न्याय पंचायत की ग्राम पंचायत नगर पुखरा, बुद्धनगर एवं सैफपुर को शामिल किया गया।
विज्ञापन
0 सालारपुर ब्लाक-
भगवतीपुर, बरातेगदार, मई, रजऊ, कैली, लाही, फरीदपुर, युसुफनगर।
0 जगत ब्लाक-
रूपपुर, ईकरी, बसियानी, मचलई, रसूलपुर बिलहरी, उतरना, जखेली, लखनपुर।
0 समरेर ब्लाक-
सिसैया गुसाईं, समरेर, जयपाल धनौरा, महताबपुर, सबलपुर, गंडाह एवं सुखौरा न्याय पंचायत रह गईं हैं।
0 सहसवान ब्लॉक-
मुजरिया, गंगपुर तिगरा, भुजपुरा, टप्पा जामिनी, टिटौली, औरंगाबाद टप्पा जामिनी, रसूलपुर बेला, खनदक, अफजलपुर, छगनपुर, मोहम्मदपुर ऊधा।
0 इस्लामनगर ब्लाक-
मितरौली, चंदोई, मियांपुर दियौरा, सिठौली, सादातपुर नाचनी एवं ईखखेड़ा न्याय पंचायत की ग्राम पंचायत राजपुर रोशननगर, सुराही, फिरोजपुर गुमराह, अल्लीपुर चाचीपुर, कुंदावली मुंशियानगला।
0 दहगवां ब्लॉक-
दहगवां, हसनपुर टप्पा वैश्य, अमनपुर, रसूलपुर कलां, सिलहरी, अलहदादपुर धोबई न्याय पंचायतें रह गई हैं।
0 आसफपुर ब्लॉक-
सीकरी, राजकटिकौली, गुलडिय़ा, आसफपुर, सिसरका, दांवरी।
0 बिसौली ब्लॉक-
खजुरिया, हतसा, सर्वा, फतेहपुर, शरहबरौलिया, करनपुर, नागपुर, नूरपुर, सरैरा न्याय पंचायत ही रह गई हैं।
----..
तीनों ब्लॉकों के गठन के प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। नए ब्लाक शासनादेश के बाद से ही माने जाएंगे।
पवन कुमार, डीएम
----
प्रदेश सरकार ने नए ब्लाक विकास के लिए सृजित किए हैं। इसका लाभ जनता को विकास के रूप में मिलेगा।
-धर्मेंद्र यादव, सांसद
इंसेट...
---------
विस चुनाव की बिसात पर तीन नए ब्लाक
विधान सभा चुनाव के ऐन पहले सांसद धर्मेंद्र यादव ने जिले को तीन नए ब्लाक दिलाकर एक तरह से चुनावी बिसात बिछाई है। तीनों ही ब्लाक उन्हीं विधानसभाओं में बनाए गए हैं, जिनमें मौजूदा विधायक सपा के हैं। यह बात दीगर है कि बिनावर ब्लाक जिस शहर सीट पर हिस्सा है, उसके मौजूदा विधायक आबिद रजा फिलहाल सपा से निष्कासित हैं। बिनावर के ब्लाक बनने से उससे जुड़ने वाले कई गांवों के लोगों को सहूलियत का मुुद्दा लेकर अब सपा वोटरों के बीच जाएगी। भाजपा का गढ़ रहे बिनावर क्षेत्र से पिछले विधानसभा चुनाव में सपा को अपेक्षाकृत बहुत अधिक वोट नहीं मिल सके थे। इसका आकलन करके सांसद धर्मेंद्र यादव ने बिनावर को ब्लाक बनवाकर अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखा है। नया ब्लाक बना दबतोरी भी सपा के कब्जे वाली बिसौली विधानसभा का हिस्सा है, जहां से आशुतोष मौर्य विधायक हैं। दबतोरी गांव अब तक बिसौली ब्लाक का हिस्सा था, जहां तक जाने के लिए दबतोरी वालों को 20 किलोमीटर तक दौड़ लगानी पड़ती थी। इस तरह से सांसद ने क्षेत्र की जनता के बीच ले जाने को मौजूदा विधायक के लिए एक उपलब्धि देने की कोशिश की है। यही स्थिति नए बने नाधा ब्लाक की है। यह सहसवान विधान सभा का हिस्सा है, जहां से ग्राम्य विकास राज्यमंत्री ओमकार सिंह यादव विधायक हैं। नाधा अब तक दहगवां ब्लाक का हिस्सा था, जहां तक जाने में यहां के ग्रामीणों को असुविधा होती थी इसलिए वे पास में एक ब्लाक की मांग कर रहे थे, जो अब पूरी हो गई है। अलबत्ता उघैती को भी नया ब्लाक बनाने की मांग उठी थी लेकिन उसको नाधा ब्लाक से जोड़कर ब्लाक की दूरी कम कर दी गई है।
जिले में नए बने नाधा, बिनावर और दबतोरी तीन ब्लॉकों में 19 न्याय पंचायतों को शामिल किया गया है। दबतोरी में बिसौली और आसफपुर ब्लॉक की, नाधा में दहगवां, इस्लामनगर और सहसवान की और बिनावर में सालारपुर, जगत और समरेर ब्लॉक की कई न्याय पंचायतों को लेकर नए ब्लाकों का गठन किया गया है। इस तरह से जिले में क्षेत्र पंचायतों का पुनर्गठन हो गया है। हालांकि इस पुनर्गठन के दायरे में जिले के 11 ब्लाक ही आए हैं। बाकी सात ब्लाकों में न्याय पंचायतों की स्थिति पूर्ववत ही रहेगी। ये ब्लाक दातागंज, उसावां, अंबियापुर, उझानी, म्याऊं, कादरचौक और वजीरगंज हैं। इनकी न्याय पंचायतों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है।
नाधा, बिनावर और दबतोरी को ब्लॉक बनाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने करीब छह माह पहले शासन को भेजा था। जिले में अब पहले की तरह 18 ब्लॉक हो गए हैं। इसकी घोषणा मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में की और उसके बाद प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास दीपक त्रिवेदी ने शासनादेश जारी कर दिया।
विज्ञापन
अब ये हुआ जिले में क्षेत्र पंचायत का नया स्वरूप
0 बिनावर ब्लॉक-
पुठीसराय, रैपुरा, मलगांव, बिनावर, खुनक, हसनपुर और मझारा न्याय पंचायतों को शामिल किया गया है।
0 दबतोरी ब्लॉक-
मुंसियानगला, निजामुद्दीनपुर शाह, पृथ्वीपुर, करना न्याय पंचायतों को शामिल किया गया है।
0 नाधा ब्लॉक-
रियोनाई, खंडुवा, दानपुर, नाधा, शादीपुर, करियामई, नूरपुर पिनौनी न्याय पंचायतों के साथ ही ईखखेड़ा न्याय पंचायत की ग्राम पंचायत नगर पुखरा, बुद्धनगर एवं सैफपुर को शामिल किया गया।
विज्ञापन
0 सालारपुर ब्लाक-
भगवतीपुर, बरातेगदार, मई, रजऊ, कैली, लाही, फरीदपुर, युसुफनगर।
0 जगत ब्लाक-
रूपपुर, ईकरी, बसियानी, मचलई, रसूलपुर बिलहरी, उतरना, जखेली, लखनपुर।
0 समरेर ब्लाक-
सिसैया गुसाईं, समरेर, जयपाल धनौरा, महताबपुर, सबलपुर, गंडाह एवं सुखौरा न्याय पंचायत रह गईं हैं।
0 सहसवान ब्लॉक-
मुजरिया, गंगपुर तिगरा, भुजपुरा, टप्पा जामिनी, टिटौली, औरंगाबाद टप्पा जामिनी, रसूलपुर बेला, खनदक, अफजलपुर, छगनपुर, मोहम्मदपुर ऊधा।
0 इस्लामनगर ब्लाक-
मितरौली, चंदोई, मियांपुर दियौरा, सिठौली, सादातपुर नाचनी एवं ईखखेड़ा न्याय पंचायत की ग्राम पंचायत राजपुर रोशननगर, सुराही, फिरोजपुर गुमराह, अल्लीपुर चाचीपुर, कुंदावली मुंशियानगला।
0 दहगवां ब्लॉक-
दहगवां, हसनपुर टप्पा वैश्य, अमनपुर, रसूलपुर कलां, सिलहरी, अलहदादपुर धोबई न्याय पंचायतें रह गई हैं।
0 आसफपुर ब्लॉक-
सीकरी, राजकटिकौली, गुलडिय़ा, आसफपुर, सिसरका, दांवरी।
0 बिसौली ब्लॉक-
खजुरिया, हतसा, सर्वा, फतेहपुर, शरहबरौलिया, करनपुर, नागपुर, नूरपुर, सरैरा न्याय पंचायत ही रह गई हैं।
----..
तीनों ब्लॉकों के गठन के प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। नए ब्लाक शासनादेश के बाद से ही माने जाएंगे।
पवन कुमार, डीएम
----
प्रदेश सरकार ने नए ब्लाक विकास के लिए सृजित किए हैं। इसका लाभ जनता को विकास के रूप में मिलेगा।
-धर्मेंद्र यादव, सांसद
इंसेट...
---------
विस चुनाव की बिसात पर तीन नए ब्लाक
विधान सभा चुनाव के ऐन पहले सांसद धर्मेंद्र यादव ने जिले को तीन नए ब्लाक दिलाकर एक तरह से चुनावी बिसात बिछाई है। तीनों ही ब्लाक उन्हीं विधानसभाओं में बनाए गए हैं, जिनमें मौजूदा विधायक सपा के हैं। यह बात दीगर है कि बिनावर ब्लाक जिस शहर सीट पर हिस्सा है, उसके मौजूदा विधायक आबिद रजा फिलहाल सपा से निष्कासित हैं। बिनावर के ब्लाक बनने से उससे जुड़ने वाले कई गांवों के लोगों को सहूलियत का मुुद्दा लेकर अब सपा वोटरों के बीच जाएगी। भाजपा का गढ़ रहे बिनावर क्षेत्र से पिछले विधानसभा चुनाव में सपा को अपेक्षाकृत बहुत अधिक वोट नहीं मिल सके थे। इसका आकलन करके सांसद धर्मेंद्र यादव ने बिनावर को ब्लाक बनवाकर अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखा है। नया ब्लाक बना दबतोरी भी सपा के कब्जे वाली बिसौली विधानसभा का हिस्सा है, जहां से आशुतोष मौर्य विधायक हैं। दबतोरी गांव अब तक बिसौली ब्लाक का हिस्सा था, जहां तक जाने के लिए दबतोरी वालों को 20 किलोमीटर तक दौड़ लगानी पड़ती थी। इस तरह से सांसद ने क्षेत्र की जनता के बीच ले जाने को मौजूदा विधायक के लिए एक उपलब्धि देने की कोशिश की है। यही स्थिति नए बने नाधा ब्लाक की है। यह सहसवान विधान सभा का हिस्सा है, जहां से ग्राम्य विकास राज्यमंत्री ओमकार सिंह यादव विधायक हैं। नाधा अब तक दहगवां ब्लाक का हिस्सा था, जहां तक जाने में यहां के ग्रामीणों को असुविधा होती थी इसलिए वे पास में एक ब्लाक की मांग कर रहे थे, जो अब पूरी हो गई है। अलबत्ता उघैती को भी नया ब्लाक बनाने की मांग उठी थी लेकिन उसको नाधा ब्लाक से जोड़कर ब्लाक की दूरी कम कर दी गई है।