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बदायूं में बुखार से एक घर के तीनों चिराग बुझे
ब्यूरो/बदायूं
Updated Sun, 09 Oct 2016 11:51 PM IST
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मच्छर
- फोटो : Desk
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बुखार से रविवार को समरेर ब्लॉक के गांव टिकलापुर में तीन सगे भाइयों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। गांव में एक दर्जन से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में हैं। बीते दो महीने में जिले में बुखार से 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
गांव टिकलापुर निवासी संतराम परिवार सहित पंजाब में रहकर नौकरी करते हैं। चार दिन पहले ही परिवार गांव आया। आते ही उनके तीन बेटे ऋषिपाल (12), छबीले (9) और राम प्रकाश (6) बुखार की चपेट में आ गए। हालत बिगड़ने पर संतराम ने ऋषिपाल और राम प्रकाश को बरेली में भोजीपुरा स्थित राममूर्ति अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन दोनों की हालत बिगड़ती गई। प्लेटलेट्स काफी कम होने से रविवार को ऋषिपाल और राम प्रकाश की मौत हो गई। उधर छबीले ने घर पर ही दम तोड़ दिया। संतराम के तीन ही बेटे थे।
इसी गांव के केशव की बेटी नेहा की भी बुखार से रविवार को मौत हो गई। आठ दिनों से बरेली के मिशन अस्पताल में भर्ती सालारपुर ब्लॉक के गांव लोचनपुर के असलम (30) की भी बुखार से मौत हो गई। उसे चिकनगुनिया हुआ था। पूरे जिले में मौत का खौफ है। व्यवस्था का आलम यह है कि टिकलापुर में दो माह से सफाई कर्मचारी नहीं आ रहा है।
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वर्जन-
जहां से भी संक्रामक रोगों की खबर मिलती है टीम को वहां भेजा जाता है। बताया जा रहा है कि संतराम पंजाब में परिवार के साथ रहता था। उसके बच्चों को पंजाब में ही बुखार आया था। सोमवार को गांव में टीम भेजकर पड़ताल की जाएगी।
-डॉ. कौशल गुप्ता, प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण सेल
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गांव टिकलापुर निवासी संतराम परिवार सहित पंजाब में रहकर नौकरी करते हैं। चार दिन पहले ही परिवार गांव आया। आते ही उनके तीन बेटे ऋषिपाल (12), छबीले (9) और राम प्रकाश (6) बुखार की चपेट में आ गए। हालत बिगड़ने पर संतराम ने ऋषिपाल और राम प्रकाश को बरेली में भोजीपुरा स्थित राममूर्ति अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन दोनों की हालत बिगड़ती गई। प्लेटलेट्स काफी कम होने से रविवार को ऋषिपाल और राम प्रकाश की मौत हो गई। उधर छबीले ने घर पर ही दम तोड़ दिया। संतराम के तीन ही बेटे थे।
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इसी गांव के केशव की बेटी नेहा की भी बुखार से रविवार को मौत हो गई। आठ दिनों से बरेली के मिशन अस्पताल में भर्ती सालारपुर ब्लॉक के गांव लोचनपुर के असलम (30) की भी बुखार से मौत हो गई। उसे चिकनगुनिया हुआ था। पूरे जिले में मौत का खौफ है। व्यवस्था का आलम यह है कि टिकलापुर में दो माह से सफाई कर्मचारी नहीं आ रहा है।
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जहां से भी संक्रामक रोगों की खबर मिलती है टीम को वहां भेजा जाता है। बताया जा रहा है कि संतराम पंजाब में परिवार के साथ रहता था। उसके बच्चों को पंजाब में ही बुखार आया था। सोमवार को गांव में टीम भेजकर पड़ताल की जाएगी।
-डॉ. कौशल गुप्ता, प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण सेल