{"_id":"610480ef4e467f415570f242","slug":"threat-of-erosion-on-many-villages-of-badaun","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदायूं के कई गांवों पर कटान का खतरा, सौ मीटर सड़क गंगा में समाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदायूं के कई गांवों पर कटान का खतरा, सौ मीटर सड़क गंगा में समाई
Sat, 31 Jul 2021 04:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, उसहैत (बदायूं)।
अमर उजाला नेटवर्क, उसहैत (बदायूं)।
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 31 Jul 2021 04:15 AM IST
सार
- नरौरा से शुक्रवार को छोड़ा गया 1.15 लाख क्यूसेक पानी, गंगा में आया उफान
- अगले तीन दिन तक गंगा में नरौरा से आएगा एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी
विज्ञापन
ganga river
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गंगा ने शुक्रवार को कई इलाकों में कटान तेज कर दिया है। उसहैत के अहमदनगर बछौरा गांव के कई मकान गंगा के कटान की जद में आ गए हैं। अहमदनगर बछौरा-असमया रफतपुर मार्ग का करीब 100 मीटर का हिस्सा गंगा में समा गया है। शुक्रवार को डीएम दीपा रंजन ने अफसरों के साथ अहमदनगर बछौरा पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
विज्ञापन
गंगा में नरौरा बैराज से 26 जुलाई को 1.11 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। उस वक्त गंगा में उफान आया था। कई स्थानों पर कटान भी हुआ था, लेकिन बाद में पानी की मात्रा कम होती गई। बृहस्पतिवार को दूसरी बार गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। शुक्रवार को नरौरा से 1.15 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा में उफान आ गया है। सहसवान, उसहैत, कछला, जरीफनर के कुछ इलाकों में गंगा कटान कर रही है। उसहैत के जटा, अहमनगर बछौरा, असमया रफतपुर में भी कटान शुरू हो गया। सबसे ज्यादा कटान अहमदनगर बछौरा में हो रहा है।
विज्ञापन
नरौरा बैराज से एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़े जाने के बाद शुक्रवार को कछला में गंगा का मीटरगेज 162.45 के पार हो गया। अगले तीन दिन तक गंगा में रोज एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आएगा। दरअसल, बिजनौर से छोड़ा गया पानी शनिवार सुबह तब और हरिद्वार से छोड़ा गया एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी रविवार सुबह तक पहुंच जाएगा। ऐसे में संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने को बाढ़ खंड जुट गया है।
विज्ञापन
वाटर डिस्चार्ज बढ़ा तो 20 से ज्यादा गांवों को खतरा
आने वाले दिनों में नरौरा बैराज से वाटर डिस्चार्ज बढ़ सकता है। दरअसल, पहाड़ी और मैदानी इलाकों के लगातार बारिश हो रही है। साथ ही आने वाले दिनों में ज्यादा बारिश का अनुमान है। बाढ़ के लिहाज से उसहैत, सहसवान, जरीफनगर और कछला के तटवर्ती 20 गांव बाढ़ और कटान के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील हैं। अगर गंगा में लगातार चार दिन तक दो लाख क्यूसेक या इससे ज्यादा पानी आता है तो संवेदनशील गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा पैदा हो जाता है। बाढ़ खंड कटान वाले स्थानों पर निगरानी कर रहा है।
कुछ स्थानों पर कटान हो रहा है। इसे रोकने के सभी प्रबंध किए जा रहे हैं। अहमदनगर बछौरा में ज्यादा कटान हो रहा है। सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की जा रही है। संभावित बाढ़ और कटान से निपटने की सभी तैयारियां पूरी हैं।
- जयंती प्रसाद, सहायक अभियंता बाढ़ खंड