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Budaun News: हाईटेंशन लाइन टूटने से दंपती व मां-बेटे की मौत के मामले की होगी मजिस्ट्रेटी जांच
Sun, 04 Aug 2024 04:43 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 04 Aug 2024 04:43 AM IST
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बदायूं। डीएम निधि श्रीवास्तव ने हाईटेंशन लाइन टूटने से हुई मां-बेटे और दंपती के मौत के मामलों को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रेटीमजिस्ट्रेटीीमजिस्ट्रेटीीमजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने जांच कमेटी में सीडीओ केशव कुमार को अध्यक्ष बनाया है।
एडीएम प्रशासन रेनू सिंह, अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार और सिटी मजिस्ट्रेटीमजिस्ट्रेटीीमजिस्ट्रेटी अरुण कुमार को सदस्य के रूप में नामित किया है। उन्होंने जांच कमेटी को तीन दिन का समय दिया है। यह भी कहा है कि आखिर यह हाईटेंशन लाइन कैसे टूटी, खंभों और लाइनों की स्थिति क्या है। इसके जिम्मेदार कौन अधिकारी या कर्मचारी हैं। उनकी जिम्मेदारी भी तय की जाए।
उसावां कस्बे में हाईटेंशन लाइन टूटने से 30 जुलाई की रात राजेंद्री देवी (60) और उनके बेटे उमेश (35) की मौत हो गई थी। विद्युत निगम के जिम्मेदारों ने इसको भी गंभीरता से नहीं लिया था। इस मामले में कोई कार्रवाई हो पाती, उससे पहले शुक्रवार शाम दूसरा हादसा हो गया।
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मूसाझाग थाने के नजदीक शुक्रवार शाम करीब पांच बजे हाईटेंशन लाइन टूटकर गिर गई, जिससे दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव दुधारी निवासी देवपाल सिंह और उनकी पत्नी मीना सिंह की जिंदा जलकर मौत हो गई।
इस घटना ने प्रशासनिक अधिकारियों को सोचने के लिए मजबूर कर दिया। आखिर विद्युत निगम की उन योजनाओं का क्या हुआ, जिन्हें जर्जर लाइन बदलवाने के लिए शुरू किया गया था। इन योजनाओं के शुरू होने के बावजूद यह जर्जर लाइनें नहीं बदली गईं, जिससे लगातार लोगों की मौतें हो रही हैं। इसमें विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई है।
इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए डीएम निधि श्रीवास्तव ने मजिस्ट्रेटीमजिस्ट्रेटीीमजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उसावां में मां-बेटे की मौत और मूसाझाग में दंपती की मौत के जिम्मेदार कौन हैं, अपनी जांच में यह भी स्पष्ट करें। इसके लिए तीन दिन का समय दिया जाता है। जांच कमेटी में शामिल अध्यक्ष सीडीओ केशव कुमार, सदस्य एडीएम प्रशासन रेनू सिंह, अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार और सिटी मजिस्ट्रेटीमजिस्ट्रेटीीमजिस्ट्रेटी अरुण कुमार मौके पर जाएं और जांच आख्या पेश करें।
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एक मिनट पहले टूटती हाईटेंशन लाइन तो और बड़ा हो सकता था हादसा
विद्युत निगम के अधिकारी और कर्मचारी भले ही जर्जर लाइनों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, लेकिन इसका परिणाम जनता को भुगतना पड़ रहा है। शुक्रवार शाम जिस दौरान हादसा हुआ था। अगर उससे एक मिनट पहले हाईटेंशन लाइन टूटकर गिरती तो और बड़ा हादसा हो सकता था। दंपती की बाइक के आगे मूसाझाग थाने की गाड़ी निकलकर गई थी। दो बाइक सवार भी निकले थे। जिस मस्जिद के ऊपर से लाइन टूटकर गिरी थी। वहां पर एक मदरसा भी चलता है, लेकिन तब तक मदरसा के बच्चे जा चुके थे।
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एडीएम प्रशासन रेनू सिंह, अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार और सिटी मजिस्ट्रेटीमजिस्ट्रेटीीमजिस्ट्रेटी अरुण कुमार को सदस्य के रूप में नामित किया है। उन्होंने जांच कमेटी को तीन दिन का समय दिया है। यह भी कहा है कि आखिर यह हाईटेंशन लाइन कैसे टूटी, खंभों और लाइनों की स्थिति क्या है। इसके जिम्मेदार कौन अधिकारी या कर्मचारी हैं। उनकी जिम्मेदारी भी तय की जाए।
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उसावां कस्बे में हाईटेंशन लाइन टूटने से 30 जुलाई की रात राजेंद्री देवी (60) और उनके बेटे उमेश (35) की मौत हो गई थी। विद्युत निगम के जिम्मेदारों ने इसको भी गंभीरता से नहीं लिया था। इस मामले में कोई कार्रवाई हो पाती, उससे पहले शुक्रवार शाम दूसरा हादसा हो गया।
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मूसाझाग थाने के नजदीक शुक्रवार शाम करीब पांच बजे हाईटेंशन लाइन टूटकर गिर गई, जिससे दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव दुधारी निवासी देवपाल सिंह और उनकी पत्नी मीना सिंह की जिंदा जलकर मौत हो गई।
इस घटना ने प्रशासनिक अधिकारियों को सोचने के लिए मजबूर कर दिया। आखिर विद्युत निगम की उन योजनाओं का क्या हुआ, जिन्हें जर्जर लाइन बदलवाने के लिए शुरू किया गया था। इन योजनाओं के शुरू होने के बावजूद यह जर्जर लाइनें नहीं बदली गईं, जिससे लगातार लोगों की मौतें हो रही हैं। इसमें विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई है।
इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए डीएम निधि श्रीवास्तव ने मजिस्ट्रेटीमजिस्ट्रेटीीमजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उसावां में मां-बेटे की मौत और मूसाझाग में दंपती की मौत के जिम्मेदार कौन हैं, अपनी जांच में यह भी स्पष्ट करें। इसके लिए तीन दिन का समय दिया जाता है। जांच कमेटी में शामिल अध्यक्ष सीडीओ केशव कुमार, सदस्य एडीएम प्रशासन रेनू सिंह, अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार और सिटी मजिस्ट्रेटीमजिस्ट्रेटीीमजिस्ट्रेटी अरुण कुमार मौके पर जाएं और जांच आख्या पेश करें।
एक मिनट पहले टूटती हाईटेंशन लाइन तो और बड़ा हो सकता था हादसा
विद्युत निगम के अधिकारी और कर्मचारी भले ही जर्जर लाइनों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, लेकिन इसका परिणाम जनता को भुगतना पड़ रहा है। शुक्रवार शाम जिस दौरान हादसा हुआ था। अगर उससे एक मिनट पहले हाईटेंशन लाइन टूटकर गिरती तो और बड़ा हादसा हो सकता था। दंपती की बाइक के आगे मूसाझाग थाने की गाड़ी निकलकर गई थी। दो बाइक सवार भी निकले थे। जिस मस्जिद के ऊपर से लाइन टूटकर गिरी थी। वहां पर एक मदरसा भी चलता है, लेकिन तब तक मदरसा के बच्चे जा चुके थे।