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Budaun News: क्रिकेट और कबड्डी के कोच नहीं, खिलाड़ी परेशान
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जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम । संवाद
बदायूं। जिले में क्रिकेट के कोच ही नहीं हैं। स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों को अभ्यास कराने के लिए छह कोच हैं, लेकिन क्रिकेट व कबड्डी के कोच नहीं हैं। ऐसे में क्रिकेट व कबड्डी में रुचि रखने वाले युवा रुपये खर्च कर सीखने को मजबूर हैं।
जिले में खेल गतिविधियों के संचालन का प्रमुख केंद्र स्पोर्टस स्टेडियम है। खेल निदेशालय की तरफ से यहां पर जिम्नास्टिक, एथलेटिक्स, हॉकी, बॉक्सिंग, बैडमिंटन और लॉन टेनिस के कोच हैं। क्रिकेट और कबड्डी के कोच नहीं है। खिलाड़ी सन्नी, गुरुदीप, संजय, संदीप व प्रदीप आदि का कहना है कि बेहतर अभ्यास के लिए कोच का मार्गदर्शन जरूरी है। बिना कोच के किसी भी खेल की तैयारी करना आसान नहीं है। कबड्डी के खिलाड़ी संजय व प्रदीप ने बताया कि कोच के अभाव में सही से नहीं सीख पा रहे हैं। वॉलीबाल खिलाड़ी सन्नी ने बताया कि टीम में किस खिलाड़ी को कहां से खेलना है, यह कोच ही तय करता है। कोच के बिना अभ्यास करने में दिक्कत आ रही है। खिलाड़ियों का कहना है कि एक हजार रुपये फीस देकर हर माह क्रिकेट की बारीकियां सीख रहे हैं, जो खिलाड़ी आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है। वह गांव की उबड़ खाबड़ पिच में ही खेल रहें।
कोट,
- खेल निदेशालय की तरफ से छह कोच तैनात हैं। वह खिलाड़ियों को अभ्यास करवा रहे हैं। खेल निदेशालय स्तर से कोच की तैनाती की प्रक्रिया पूरी की जानी है। फुटबाल, वाॅलीबाल, हाॅकी, क्रिकेट, कबड्डी, टेबल टेनिस के कोच नहीं हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इन खेल के कोच की तैनाती हो जाएगी। - अमित रिछारिया, क्रीड़ाधिकारी, बदायूं
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जिले में खेल गतिविधियों के संचालन का प्रमुख केंद्र स्पोर्टस स्टेडियम है। खेल निदेशालय की तरफ से यहां पर जिम्नास्टिक, एथलेटिक्स, हॉकी, बॉक्सिंग, बैडमिंटन और लॉन टेनिस के कोच हैं। क्रिकेट और कबड्डी के कोच नहीं है। खिलाड़ी सन्नी, गुरुदीप, संजय, संदीप व प्रदीप आदि का कहना है कि बेहतर अभ्यास के लिए कोच का मार्गदर्शन जरूरी है। बिना कोच के किसी भी खेल की तैयारी करना आसान नहीं है। कबड्डी के खिलाड़ी संजय व प्रदीप ने बताया कि कोच के अभाव में सही से नहीं सीख पा रहे हैं। वॉलीबाल खिलाड़ी सन्नी ने बताया कि टीम में किस खिलाड़ी को कहां से खेलना है, यह कोच ही तय करता है। कोच के बिना अभ्यास करने में दिक्कत आ रही है। खिलाड़ियों का कहना है कि एक हजार रुपये फीस देकर हर माह क्रिकेट की बारीकियां सीख रहे हैं, जो खिलाड़ी आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है। वह गांव की उबड़ खाबड़ पिच में ही खेल रहें।
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कोट,
- खेल निदेशालय की तरफ से छह कोच तैनात हैं। वह खिलाड़ियों को अभ्यास करवा रहे हैं। खेल निदेशालय स्तर से कोच की तैनाती की प्रक्रिया पूरी की जानी है। फुटबाल, वाॅलीबाल, हाॅकी, क्रिकेट, कबड्डी, टेबल टेनिस के कोच नहीं हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इन खेल के कोच की तैनाती हो जाएगी। - अमित रिछारिया, क्रीड़ाधिकारी, बदायूं
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