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Budaun News: जिले के सरकारी अस्पतालों में 181 के सापेक्ष 73 डाॅक्टर

Wed, 09 Jul 2025 12:41 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 09 Jul 2025 12:41 AM IST
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There are 73 doctors in the district's government hospitals as against 181
बदायूं। जिले के सरकारी अस्पतालों में डाॅक्टरों की बेहद कमी है। जरूरत के सापेक्ष 40 प्रतिशत ही डाक्टरों की उपस्थिति है। इसके लिए शासन को कई बार पत्र भेजकर डॉक्टरों की मांग की गई, लेकिन उससे कोई राहत नहीं मिली। यही वजह है कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों को ठीक से इलाज नहीं मिल रहा है और उन्हें निजी अस्पताल का रुख करना पड़ता है।
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जिले में 16 सीएचसी और 45 पीएचसी हैं। इसी के साथ ही छह नगरीय स्वास्थ्य केंद्र भी हैं। इन अस्पतालों में 181 डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए। उसके सापेक्ष 73 डॉक्टराें की ही तैनाती हैं। अगर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से नियुक्त किए गए आयुष डाॅक्टरों की मदद न ली जाए तो कई अस्पतालों में ताला ही बंद रहेगा।
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अधिकांश सीएचसी में एक ही डाॅक्टर की तैनाती है। इन 73 डाॅक्टरों में से हर रोज कुछ डॉक्टर पोस्टमाॅर्टम ड्यूटी, वीआईपी ड्यूटी पर भी रहते हैं। इसके अलावा पुराने मुकदमों में गवाही देने भी डाॅक्टरों को जाना होता है। करीब आठ से 10 डाॅक्टर इन ड्यूटी में जाते हैं। ऐसे में बमुश्किल 73 में से 63 डाॅक्टर ही रह जाते हैं। इनमें भी कुछ डाॅक्टर सरकारी काम से मुख्यालय आते-जाते रहते हैं। ऐसे स्थिति में सीएचसी पर एक डाॅक्टर बचते हैं। इस वजह से मरीज प्राइवेट अस्पताल में जाने को मजबूर है। पीएचसी पर आयुष के डाॅक्टर ही मरीजों को देख रहे हैं।
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यह है सीएचसी पर स्टाफ का मानक
शासनादेश के अनुसार एक सीएचसी पर पांच डॉक्टर व तीन फार्मासिस्ट की तैनाती होनी चाहिए। साथ ही दो एलटी समेत चार वार्डबॉय के पद हैं। इन मानक के अनुसार के किसी भी सीएचसी में सभी पद नहीं भरे हैं। सालों से जिले के सभी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है।

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कोट
- शासन स्तर से ही डॉक्टरों की कमी है। इस बारे में समय-समय पर शासन को अवगत कराया जाता रहा है। साक्षात्कार के माध्यम से डॉक्टरों की तैनाती करने की कोशिश भी की गई, लेकिन सरकारी सेवा में डॉक्टर आने को राजी नहीं हैं। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
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