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Budaun News: आयुर्वेदिक शोधन से कभी नहीं सूखेगा सरोवर का पानी
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उझानी में प्रस्तावित अमृत सरोवर। संवाद
उझानी। अमृत सरोवर के रूप में चयनित धुबिया तालाब नए स्वरूप में दिखेगा। सरोवर का पानी पशु-पक्षियों के पीने लायक भी होगा। इसके लिए जल निगम की शाहजहांपुर यूनिट ने पहले चरण में पानी के शोधन (वाटर ट्रीटमेंट) का काम वैदिक विज्ञान पद्धति से शुरू करा दिया है। सरोवर में आयुर्वेद की 1008 दवाओं के मिश्रण के घोल को करीब एक साल तक घोला जाना है।
अमृत- दो योजना के तहत बहादुरगंज मोहल्ले में धुबिया तालाब का करीब दो साल पहले चयन किया गया था। इसके लिए स्वीकृत 3.69 करोड़ रुपये में से पहली किश्त के 2.20 करोड़ रुपये उसी दौरान अवमुक्त कर दिए गए थे। तालाब को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने और तालाब के पानी के शोधन की जिम्मेदारी जल निगम नगरीय की शाहजहांपुर यूनिट को सौंपी गई थी। मुरादाबाद की कंस्ट्रक्शन कंपनी के कारिंदों और विभागीय अफसरों के मुताबिक- पहले चरण में सरोवर के पानी का शोधन वैदिक विज्ञान पद्धति से पूरा होना है। इस पद्धति से शोधन करने में करीब एक साल लग जाता है।
सरोवर में गिरने वाले नाले और नालियों के पानी के शोधन कार्य में पिछले महीने आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल शुरू हुआ। 1008 दवाओं का मिश्रण सरोवर में रोजाना सूर्योदय के समय किया जाता है। पहले चरण के कार्य में ही पानी कुछ हद तक साफ नजर आ रहा है, लेकिन इसे पूरी तरह साफ होने में समय लगेगा। शोधन के बाद सरोवर में कभी पानी सूखेगा नहीं। सतह से स्रोत खुद ही फूटेगा। यह वैदिक विज्ञान पद्धति की विशेषता में शामिल है। शोधन का काम पूरा होने के बाद सरोवर का सौंदर्यीकरण होना है। फिलहाल, तालाब में आसपास के नाले और नालियों का पानी गिरता है। शोधन के बाद सरोवर में एक चैंबर के जरिये ही नाले का पानी पहुंचेगा।
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सौंदर्यीकरण के तहत बनेगा माॅर्निंग वॉक रूट
अमृत सरोवर पूरी तरह अस्तित्व में आने के बाद लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। सरोवर के आसपास फुटपाथ होगा। माॅर्निंग वॉक के लिए रूट भी बनेगा। सरोवर से बरेली-मथुरा हाईवे से जुड़े बाइपास तक सड़क भी होगी। प्रकाश व्यवस्था से पूरा परिसर जगमग रहेगा तो माॅर्निंग वॉक को आने-जाने वालों के बैठने के लिए स्टील बेंच स्थापित की जाएंगी। सरोवर के आसपास आबादी भी है। इलाके के लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा।
उझानी के अमृत सरोवर के सौंदर्यीकरण के लिए कार्य शुरू हो चुका है। पहले चरण में जल शोधन कार्य चल रहा है। कंस्ट्रक्शन कंपनी के कारिंदे आयुर्वेद की 1008 दवाओं के मिश्रण का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगले साल तक सभी कार्य पूरे हो जाने की उम्मीद है।- नरेंद्र कुमार, स्थानीय अभियंता, सीएनडीएस, शाहजहांपुर
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अमृत- दो योजना के तहत बहादुरगंज मोहल्ले में धुबिया तालाब का करीब दो साल पहले चयन किया गया था। इसके लिए स्वीकृत 3.69 करोड़ रुपये में से पहली किश्त के 2.20 करोड़ रुपये उसी दौरान अवमुक्त कर दिए गए थे। तालाब को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने और तालाब के पानी के शोधन की जिम्मेदारी जल निगम नगरीय की शाहजहांपुर यूनिट को सौंपी गई थी। मुरादाबाद की कंस्ट्रक्शन कंपनी के कारिंदों और विभागीय अफसरों के मुताबिक- पहले चरण में सरोवर के पानी का शोधन वैदिक विज्ञान पद्धति से पूरा होना है। इस पद्धति से शोधन करने में करीब एक साल लग जाता है।
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सरोवर में गिरने वाले नाले और नालियों के पानी के शोधन कार्य में पिछले महीने आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल शुरू हुआ। 1008 दवाओं का मिश्रण सरोवर में रोजाना सूर्योदय के समय किया जाता है। पहले चरण के कार्य में ही पानी कुछ हद तक साफ नजर आ रहा है, लेकिन इसे पूरी तरह साफ होने में समय लगेगा। शोधन के बाद सरोवर में कभी पानी सूखेगा नहीं। सतह से स्रोत खुद ही फूटेगा। यह वैदिक विज्ञान पद्धति की विशेषता में शामिल है। शोधन का काम पूरा होने के बाद सरोवर का सौंदर्यीकरण होना है। फिलहाल, तालाब में आसपास के नाले और नालियों का पानी गिरता है। शोधन के बाद सरोवर में एक चैंबर के जरिये ही नाले का पानी पहुंचेगा।
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सौंदर्यीकरण के तहत बनेगा माॅर्निंग वॉक रूट
अमृत सरोवर पूरी तरह अस्तित्व में आने के बाद लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। सरोवर के आसपास फुटपाथ होगा। माॅर्निंग वॉक के लिए रूट भी बनेगा। सरोवर से बरेली-मथुरा हाईवे से जुड़े बाइपास तक सड़क भी होगी। प्रकाश व्यवस्था से पूरा परिसर जगमग रहेगा तो माॅर्निंग वॉक को आने-जाने वालों के बैठने के लिए स्टील बेंच स्थापित की जाएंगी। सरोवर के आसपास आबादी भी है। इलाके के लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा।
उझानी के अमृत सरोवर के सौंदर्यीकरण के लिए कार्य शुरू हो चुका है। पहले चरण में जल शोधन कार्य चल रहा है। कंस्ट्रक्शन कंपनी के कारिंदे आयुर्वेद की 1008 दवाओं के मिश्रण का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगले साल तक सभी कार्य पूरे हो जाने की उम्मीद है।- नरेंद्र कुमार, स्थानीय अभियंता, सीएनडीएस, शाहजहांपुर