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Budaun News: कच्चे झोंपड़ीनुमा मकान की दीवार गिरी, दबकर महिला की मौत
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दहगवां के गांव आदमपुर में इसी कच्ची दीवार के मलबे में दबकर हुई महिला की मौत। संवाद
दीवार किनारे बैठकर खाना बना रहीं थी मोहरकली
संवाद न्यूज एजेंसी
दहगवां (बदायूं)। जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव आदमपुर में रविवार शाम एक झोंपड़ीनुमा मकान की दीवार ढह गई, जिससे दबकर महिला मोहरकली (60) की मौत हो गई। वह दीवार किनारे बैठकर खाना बना रहीं थी।
ग्राम आदमपुर निवासी मोहरकली पत्नी रघुनाथ अपने झोंपड़ीनुमा कच्चे मकान में रह रहीं थीं। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश से उनके मकान की दीवारें कमजोर हो गईं। बारिश के दौरान झोंपड़ी भी टपकती रही। ग्रामीणों के मुताबिक महिला के तीन बेटे थे, जिनमें एक बेटे की मौत हो चुकी है। एक बेटे कृपाल की शादी हो चुकी है लेकिन उसकी पत्नी सुनीता नेत्रहीन है।
वह दूसरी कच्ची झोपड़ींनुमा मकान में रहता है। महिला ने प्रधानमंत्री आवास को आवेदन किया था लेकिन उनका आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ। इससे महिला मजबूरी में कच्चे मकान में रहती रहीं। मोहरकली रविवार शाम अपने मकान की दीवार किनारे बैठकर खाना बना रहीं थी, तभी अचानक कच्ची दीवार गिर गई, जिससे मोहरकली दब गईं। यह देखकर मोहल्ले के कई लोग आ गए। उन्होंने मलबा हटाकर महिला को बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
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परिवार वालों ने महिला के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। सोमवार सुबह उन्हाेंने अंतिम संस्कार भी कर दिया। परिवार वालों ने इसकी सूचना राजस्व विभाग को दे दी, जिससे राजस्व कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन की और उसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को दे दी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दहगवां (बदायूं)। जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव आदमपुर में रविवार शाम एक झोंपड़ीनुमा मकान की दीवार ढह गई, जिससे दबकर महिला मोहरकली (60) की मौत हो गई। वह दीवार किनारे बैठकर खाना बना रहीं थी।
ग्राम आदमपुर निवासी मोहरकली पत्नी रघुनाथ अपने झोंपड़ीनुमा कच्चे मकान में रह रहीं थीं। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश से उनके मकान की दीवारें कमजोर हो गईं। बारिश के दौरान झोंपड़ी भी टपकती रही। ग्रामीणों के मुताबिक महिला के तीन बेटे थे, जिनमें एक बेटे की मौत हो चुकी है। एक बेटे कृपाल की शादी हो चुकी है लेकिन उसकी पत्नी सुनीता नेत्रहीन है।
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वह दूसरी कच्ची झोपड़ींनुमा मकान में रहता है। महिला ने प्रधानमंत्री आवास को आवेदन किया था लेकिन उनका आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ। इससे महिला मजबूरी में कच्चे मकान में रहती रहीं। मोहरकली रविवार शाम अपने मकान की दीवार किनारे बैठकर खाना बना रहीं थी, तभी अचानक कच्ची दीवार गिर गई, जिससे मोहरकली दब गईं। यह देखकर मोहल्ले के कई लोग आ गए। उन्होंने मलबा हटाकर महिला को बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
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परिवार वालों ने महिला के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। सोमवार सुबह उन्हाेंने अंतिम संस्कार भी कर दिया। परिवार वालों ने इसकी सूचना राजस्व विभाग को दे दी, जिससे राजस्व कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन की और उसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को दे दी।