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मारपीट के मामले में दो पक्षों के आठ लोगों को कैद
ब्यूरो /बदायूं
Updated Tue, 18 Oct 2016 12:16 AM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश पंचम परवेंद्र कुमार शर्मा ने मारपीट के मामले में आठ लोगों को कैद और जुर्माना की सजा सुनाई है। मामला करीब छह साल पहले का क्रास केस का है।
उझानी थाने के गांव गंगोरा निवासी नौशे ने 12 नवंबर 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के ही जाहिद ने उसके ऊपर थूक दिया था। विरोध करने पर जाहिद, इश्त्याक, अमले हसन और आरिफ ने उसे पीटा। इसमें उसको गंभीर चोटें आईं। मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने जाहिद, इश्त्याक, अमले हसन और आरिफ को मारपीट का दोषी करार दिया। सभी को चार-चार साल कैद के साथ प्रत्येक पर 6500 रुपये का जुर्माना ठोका।
इसी मामले में 13 नवंबर 2010 को जाहिद पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोप लगाया कि नौशे शराब पीकर उसके घर के सामने गालियां दे रहा था। विरोध करने पर नौशे, मुन्ने शाह, बन्ने शाह, इशहाक ने उसके घर पर हमला बोल दिया। मारपीट में जाहिद, उसके पिता, अमले हसन, चाचा आले हसन, आरिफ और पप्पू घायल हो गए। सुनवाई और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने नौशे, मुन्ने शाह, बन्ने शाह, इशहाक को मारपीट का दोषी करार दिया। सभी को पांच-पांच साल कैद के साथ प्रत्येक को 10500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी राजीव यादव ने की।
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उझानी थाने के गांव गंगोरा निवासी नौशे ने 12 नवंबर 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के ही जाहिद ने उसके ऊपर थूक दिया था। विरोध करने पर जाहिद, इश्त्याक, अमले हसन और आरिफ ने उसे पीटा। इसमें उसको गंभीर चोटें आईं। मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने जाहिद, इश्त्याक, अमले हसन और आरिफ को मारपीट का दोषी करार दिया। सभी को चार-चार साल कैद के साथ प्रत्येक पर 6500 रुपये का जुर्माना ठोका।
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इसी मामले में 13 नवंबर 2010 को जाहिद पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोप लगाया कि नौशे शराब पीकर उसके घर के सामने गालियां दे रहा था। विरोध करने पर नौशे, मुन्ने शाह, बन्ने शाह, इशहाक ने उसके घर पर हमला बोल दिया। मारपीट में जाहिद, उसके पिता, अमले हसन, चाचा आले हसन, आरिफ और पप्पू घायल हो गए। सुनवाई और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने नौशे, मुन्ने शाह, बन्ने शाह, इशहाक को मारपीट का दोषी करार दिया। सभी को पांच-पांच साल कैद के साथ प्रत्येक को 10500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी राजीव यादव ने की।
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