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पथ संचलन में स्वयंसेवकों के कदमताल से गूंजी शहर की सड़कें
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 10 Apr 2016 11:47 PM IST
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पथ संचलन
- फोटो : अमर उजाला
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आरएसएस संस्थापक हेडगेवार को जयंती पर किया गया याद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशवदेव बलिराम हेडगेवार के जन्मदिवस पर गांधी ग्राउंड में सुबह आठ बजे स्वयंसेवकों ने गणवेश में पथ संचलन निकाला।
सिर पर काली टोपी, बदन पर सफेद शर्ट और खाकी पैंट पहने तीन स्वयंसेवकों ने शहर में भगवा ध्वज फहरा दिया। बुलेट गाड़ी पर भगवा ध्वज ऊंचा करके अगवानी कर रहे स्वयं सेवकों के पीछे गणवेश में सजे स्वयंसेवक और उनके पीछे बैंड बाजे की ध्वनि और भारतमाता के जयकारे लगाते हुए स्वयंसेवकों ने शहर की अधिकांश गलियों में पथ संचलन किया तो शहर भारतमाता के जयकारों से गूंज उठा। पथ संचलन का तमाम राहगीरों ने पुष्पवर्षा करके स्वागत किया। साथ ही देशरक्षा की शपथ दिलाई गई।
गांधी ग्राउंड से पथ संचलन शुरू करते हुए स्वयंसेवक शिव मंदिर चौराहा, कश्मीरी चौक, गद्दी चौक, रजी चौक, सुभाष चौक पहुंचे। वहां पर भारतमाता मनोहर झांकी सजाई गई। झांकी देखने के साथ वहां स्वयंसेवकों के शहरियों ने भी भारतमाता के जयकारे लगाए। इसके बाद पथ संचलन सराफा बाजार, हलवाई चौक, टिकट गंज, पथिक चौक, काली सड़क, पंजाबी चौक, मढ़ई चौक होते हुए दोबारा हलवाई चौक बाजार पहुंचा। वहां से बड़ा बाजार, खैराती चौकर, नेहरू चौक, गोपी चौक, लोटनपुरा, लॉवेला चौराहा होते हुए गांधी ग्राउंड में समाप्त हुआ।
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इससे पूर्व गांधी ग्राउंड में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री महावीर सिंह ने हेडगेवार के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद आद्य सर संघ चालक प्रणाम और पवित्र भगवा ध्वज फहराया गया। सिंह ने कहा कि सतयुग में तप में शक्ति थी, त्रेता में मंत्र में शक्ति थी, द्वापर में युद्ध में शक्ति थी, लेकिन कलयुग में संगठन में शक्ति है। इसीलिए हेडगेवार ने 1925 में विजय दशमी के दिन स्वयं संगठन की रचना की थी। कहा कि अब 38 देशों में 50 हजार नियमित शाखाएं संचालित हो रही हैं, जहां देशभक्त, चरित्रवान नागरिकों का निर्माण शारीरिक एवं बौद्धिक कार्यक्रम के माध्यम से किया जा रहा है।
पथ संचलन के दौरान अंकुर पाराशरी, रामनिवास, संदीप, रामप्रकाश, जगजीवन राम, सत्यप्रकाश, लालमन, सुनील, कीर्ति कुमार, सर्वेश, महेश चंद्र, उमेश, रामसेवक, हरीश शाक्य, गोपाल, राजकुमार, हरचरन लाल, अंबा सहाय आदि मौजूद रहे।
नन्हें स्वयंसेवक को बाइक से कराया पथ संचलन
शहर में हुए पथ संचलन के दौरान एक नन्हा सा स्वयं सेवक थक गया तो वहां पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने उसे बाइक से पथ संचलन कराया। सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी के इस कार्य की स्वयंसेवकों के साथ शहरियों ने भी प्रशंसा की।
पथ संचलन के साथ सैल्फी लेने की रही होड़
किशोर से लेकर उम्रदराज स्वयंसेवकों का जत्था जब पथ संचलन निकालते हुए शहर में निकला तो शहरियों के कदम थम से गए। तमाम लोगों ने इस अच्छे दृश्य को अपने मोबाइल में कैद करने में गुरेज नहीं की और सैल्फी लीं और फोटो खींचे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशवदेव बलिराम हेडगेवार के जन्मदिवस पर गांधी ग्राउंड में सुबह आठ बजे स्वयंसेवकों ने गणवेश में पथ संचलन निकाला।
सिर पर काली टोपी, बदन पर सफेद शर्ट और खाकी पैंट पहने तीन स्वयंसेवकों ने शहर में भगवा ध्वज फहरा दिया। बुलेट गाड़ी पर भगवा ध्वज ऊंचा करके अगवानी कर रहे स्वयं सेवकों के पीछे गणवेश में सजे स्वयंसेवक और उनके पीछे बैंड बाजे की ध्वनि और भारतमाता के जयकारे लगाते हुए स्वयंसेवकों ने शहर की अधिकांश गलियों में पथ संचलन किया तो शहर भारतमाता के जयकारों से गूंज उठा। पथ संचलन का तमाम राहगीरों ने पुष्पवर्षा करके स्वागत किया। साथ ही देशरक्षा की शपथ दिलाई गई।
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गांधी ग्राउंड से पथ संचलन शुरू करते हुए स्वयंसेवक शिव मंदिर चौराहा, कश्मीरी चौक, गद्दी चौक, रजी चौक, सुभाष चौक पहुंचे। वहां पर भारतमाता मनोहर झांकी सजाई गई। झांकी देखने के साथ वहां स्वयंसेवकों के शहरियों ने भी भारतमाता के जयकारे लगाए। इसके बाद पथ संचलन सराफा बाजार, हलवाई चौक, टिकट गंज, पथिक चौक, काली सड़क, पंजाबी चौक, मढ़ई चौक होते हुए दोबारा हलवाई चौक बाजार पहुंचा। वहां से बड़ा बाजार, खैराती चौकर, नेहरू चौक, गोपी चौक, लोटनपुरा, लॉवेला चौराहा होते हुए गांधी ग्राउंड में समाप्त हुआ।
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इससे पूर्व गांधी ग्राउंड में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री महावीर सिंह ने हेडगेवार के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद आद्य सर संघ चालक प्रणाम और पवित्र भगवा ध्वज फहराया गया। सिंह ने कहा कि सतयुग में तप में शक्ति थी, त्रेता में मंत्र में शक्ति थी, द्वापर में युद्ध में शक्ति थी, लेकिन कलयुग में संगठन में शक्ति है। इसीलिए हेडगेवार ने 1925 में विजय दशमी के दिन स्वयं संगठन की रचना की थी। कहा कि अब 38 देशों में 50 हजार नियमित शाखाएं संचालित हो रही हैं, जहां देशभक्त, चरित्रवान नागरिकों का निर्माण शारीरिक एवं बौद्धिक कार्यक्रम के माध्यम से किया जा रहा है।
पथ संचलन के दौरान अंकुर पाराशरी, रामनिवास, संदीप, रामप्रकाश, जगजीवन राम, सत्यप्रकाश, लालमन, सुनील, कीर्ति कुमार, सर्वेश, महेश चंद्र, उमेश, रामसेवक, हरीश शाक्य, गोपाल, राजकुमार, हरचरन लाल, अंबा सहाय आदि मौजूद रहे।
नन्हें स्वयंसेवक को बाइक से कराया पथ संचलन
शहर में हुए पथ संचलन के दौरान एक नन्हा सा स्वयं सेवक थक गया तो वहां पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने उसे बाइक से पथ संचलन कराया। सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी के इस कार्य की स्वयंसेवकों के साथ शहरियों ने भी प्रशंसा की।
पथ संचलन के साथ सैल्फी लेने की रही होड़
किशोर से लेकर उम्रदराज स्वयंसेवकों का जत्था जब पथ संचलन निकालते हुए शहर में निकला तो शहरियों के कदम थम से गए। तमाम लोगों ने इस अच्छे दृश्य को अपने मोबाइल में कैद करने में गुरेज नहीं की और सैल्फी लीं और फोटो खींचे।