फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   The responsible people united to save the rice mafia

Budaun News: चावल माफिया को बचाने के लिए एकजुट हुए जिम्मेदार

Thu, 28 Aug 2025 01:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 28 Aug 2025 01:45 AM IST
विज्ञापन
The responsible people united to save the rice mafia
बरेली/बदायूं। बदायूं जिले की असधरमई स्थित चावल मिल घोटाले के मामले में लीपापोती चरम पर है। मिल मालिक और दोषियों के गुनाहों पर पर्दा डालने के लिए जिम्मेदारों में होड़ मची है। ऐसे में वह एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने में भी परहेज नहीं कर रहे।
विज्ञापन


बाबा निहाल दास चावल मिल से सहकारिता क्षेत्र की यूपीएसएफ और पीसीयू ने अनुबंध किया था। इस मिल ने साढ़े तीन हजार क्विंटल से ज्यादा चावल आरएफसी के गोदाम पर पहुंचाया ही नहीं, इसके लिए अफसर भी कई महीने से चिट्ठी पत्री खेल रहे थे। किसी जिम्मेदार ने मिल मालिक के खिलाफ न तो एफआईआर करने का प्रयास किया और न ही इसका अनुबंध और निगरानी करने वाले किसी विभागीय अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। अमर उजाला में इस घोटाले की खबर छपी तो अब भी कानूनी कार्रवाई और विभागीय जिम्मेदारों के हाथ कांप रहे हैं।
विज्ञापन


इसकी वजह यह है कि धान के सेंटर देने से लेकर गोदाम तक चावल पहुंचाने में कई विभागों और संस्थाओं के अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है। अगर एफआइआर दर्ज हुई तो आरोप पत्र में इन सभी का नाम शामिल हो सकता है। इसके अलावा विभागीय कार्रवाई के भी आसार बढ़ सकते हैं। इसलिए अब जोर गबन की रकम को पूरा करने पर दिया जा रहा है। अफसरों का दबाव है कि किसी तरह गबन किया हुआ धन जमा हो जाए। इसके लिए मिल मालिक की संपत्ति बिकवाने में भी कुछ जिम्मेदार लग गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




आरएमओ और डिप्टी आरएमओ ही जिम्मेदार: मौर्य
यूपीएसएफ के प्रभारी जिला प्रबंधक ओमप्रकाश मौर्य ने सफाई दी कि उनका इस मामले से कोई लेनादेना नहीं है। मंडल स्तर पर आरएमओ और जिला स्तर पर डिप्टी आरएमओ ही यह अनुबंध कराते और जिम्मेदारी देखते हैं। उनका असली पद स्टोर कीपर का है, बस जिला स्तर की जिम्मेदारी अधिकारियों ने दे दी है तो निभा रहा हूं। कहा कि मिल मालिक बहुत परेशान है और अपनी संपत्ति तक बेच रहा है। वहीं डिप्टी आरएमओ अतुल वशिष्ठ का कहना है कि धान खरीद तक की जिम्मेदारी उन लोगों की रहती है। मिल से चावल निकासी के बाद उसे गोदाम में जमा करना संस्था के जिला प्रबंधक की ही जिम्मेदारी है।




वर्जन

बदायूं में काफ़ी चावल जमा न करने के मामले में कार्रवाई होनी तय है। मैं खुद कल बदायूं जाकर जानकारी करूंगा। सरकारी धन जमा कराना भी प्राथमिकता है। एफआइआर दर्ज क्यों नहीं की गई, ये भी पता किया जाएगा।- राजेश कुमार सिंह संयुक्त निदेशक सहकारिता बरेली मंडल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed