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Budaun News: 100 करोड़ से सुधारी जाएगी बिजली व्यवस्था
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शहर में लगा ट्रांसफार्मर
बदायूं। विद्युत निगम की ओर से जिले में व्यवस्था सुधार को लेकर काम किया जा रहा है। बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 100 करोड़ से अधिक धनराशि के अलग-अलग कार्यों के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। इसमें मुख्यत: जर्जर तार बदले जाने, ट्रांसफॉर्मर और उनकी क्षमता बढ़ाए जाने के प्रस्ताव शामिल हैं।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मियों में ओवरलोडिंग की समस्या बढ़ जाती है। फॉल्ट आने से बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। शहर में रह रहे लोगों को बिजली न आने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए बिजली निगम की ओर से ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने के साथ ही नए ट्रांसफॉर्मर भी बढ़ाए जाएंगे।
शहर समेत बनेंगे पांच विद्युत उपकेंद्र
इसको लेकर 100 करोड़ से अधिक धनराशि का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बिजली निगम ने शहर में जर्जर तारों वाले क्षेत्रों का भी चयन कर लिया है। इन क्षेत्रों में पुराने तारों को हटाकर नई तारें बिछाई जाएंगी। निगम के अधिकारियों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-2027 में जिले में 450 ट्रांसफॉर्मर बढ़ाए जाएंगे। 5 विद्युत उपकेंद्र बनाए जाएंगे, जिसमें एक शहर में बनाया जाएगा। निगम की ओर से अभी 32 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
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कानपुर में लगे मॉडल पर लगाए जाएंगे कंज्यूमर पैनल
शहर में 60 प्रतिशत से अधिक कंज्यूमर पैनल खराब हो चुके हैं, जिसकी वजह से परेशानी उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ती है। इनमें आए दिन फॉल्ट होने से यह खराब हो चुके हैं। बिजली निगम ने इन पैनलों को बदलने का प्रस्ताव भेजा है। विभागीय अधिकारी के अनुसार, कानपुर में लगाए गए कंज्यूमर पैनल के मॉडल को ही शहर में लागू किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को सहूलियत के साथ बिजली चोरी की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
72 करोड़ रुपये से बनाए जा रहे 56 नए फीडर
जिले के किसान नककूपों के जरिये ही फसलों की सिंचाई करते हैं, लेकिन गर्मियां शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में ओवर लोडिंग की समस्या बढ़ जाती है, जिससे फॉल्ट होते रहते हैं। इसकी वजह से बिजली की आपूर्ति नहीं हो पाती और सिंचाई कार्य प्रभावित होता है।
इस समस्या को दूर करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप और गांव की लाइन को अलग किया जा रहा है। इसके लिए जिले में 72 करोड़ रुपये से 56 नए फीडर बनाए जा रहे हैं। इन फीडरों के बन जाने से गांव और नलकूपों को लगातार आपूर्ति मिल सकेगी। जिले मेें 28 फीडरों का काम शुरू हो चुका है। जल्द ही बचे 28 फीडरों का काम शुरु होगा। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार, जून तक जिले की नलकूप और गांव की लाइन अलग कर दी जाएगी। उसके बाद ओवर लोडिंग की समस्या से भी छुटकारा मिल जााएगा।
जिले में बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में बिजली व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। इसके लिए लगातार काम जारी है। - चन्द्रशेखर कुमार, अधीक्षण अभियंता
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शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मियों में ओवरलोडिंग की समस्या बढ़ जाती है। फॉल्ट आने से बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। शहर में रह रहे लोगों को बिजली न आने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए बिजली निगम की ओर से ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने के साथ ही नए ट्रांसफॉर्मर भी बढ़ाए जाएंगे।
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शहर समेत बनेंगे पांच विद्युत उपकेंद्र
इसको लेकर 100 करोड़ से अधिक धनराशि का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बिजली निगम ने शहर में जर्जर तारों वाले क्षेत्रों का भी चयन कर लिया है। इन क्षेत्रों में पुराने तारों को हटाकर नई तारें बिछाई जाएंगी। निगम के अधिकारियों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-2027 में जिले में 450 ट्रांसफॉर्मर बढ़ाए जाएंगे। 5 विद्युत उपकेंद्र बनाए जाएंगे, जिसमें एक शहर में बनाया जाएगा। निगम की ओर से अभी 32 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
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कानपुर में लगे मॉडल पर लगाए जाएंगे कंज्यूमर पैनल
शहर में 60 प्रतिशत से अधिक कंज्यूमर पैनल खराब हो चुके हैं, जिसकी वजह से परेशानी उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ती है। इनमें आए दिन फॉल्ट होने से यह खराब हो चुके हैं। बिजली निगम ने इन पैनलों को बदलने का प्रस्ताव भेजा है। विभागीय अधिकारी के अनुसार, कानपुर में लगाए गए कंज्यूमर पैनल के मॉडल को ही शहर में लागू किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को सहूलियत के साथ बिजली चोरी की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
72 करोड़ रुपये से बनाए जा रहे 56 नए फीडर
जिले के किसान नककूपों के जरिये ही फसलों की सिंचाई करते हैं, लेकिन गर्मियां शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में ओवर लोडिंग की समस्या बढ़ जाती है, जिससे फॉल्ट होते रहते हैं। इसकी वजह से बिजली की आपूर्ति नहीं हो पाती और सिंचाई कार्य प्रभावित होता है।
इस समस्या को दूर करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप और गांव की लाइन को अलग किया जा रहा है। इसके लिए जिले में 72 करोड़ रुपये से 56 नए फीडर बनाए जा रहे हैं। इन फीडरों के बन जाने से गांव और नलकूपों को लगातार आपूर्ति मिल सकेगी। जिले मेें 28 फीडरों का काम शुरू हो चुका है। जल्द ही बचे 28 फीडरों का काम शुरु होगा। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार, जून तक जिले की नलकूप और गांव की लाइन अलग कर दी जाएगी। उसके बाद ओवर लोडिंग की समस्या से भी छुटकारा मिल जााएगा।
जिले में बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में बिजली व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। इसके लिए लगातार काम जारी है। - चन्द्रशेखर कुमार, अधीक्षण अभियंता