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Budaun News: एसडीएम दातागंज को स्थायी लोक अदालत ने भेजा नोटिस
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बदायूं। एसडीएम दातागंज को स्थायी लोक अदालत ने नोटिस जारी किया है। गांव वछेली निवासी कुसुमा ने 20 जनवरी को वाद दायर किया है। इस मामले में अदालत ने 24 फरवरी को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद वाद का निस्तारण किया जाएगा।
कुसुमा देवी ने बताया कि उसका बेटा पप्पू बिजली निगम में ठेके पर तार बदलने का काम करता था। साथ ही वह अपनी जमीन पर खेती करता था। तीन मार्च 2025 को बिजली लाइन के तार बदलते समय हुई दुर्घटना में उसके बेटे की मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार का पालन-पोषण करने वाला कोई नहीं बचा।
मुख्यमंत्री कृषक कल्याण योजना के तहत मिलने वाली पांच लाख रुपये की धनराशि के लिए उसने सभी प्रमाणपत्र लगाकर आवेदन 16 मई 2025 को जिलाधिकारी कार्यालय में किया। कुछ समय बाद जब तहसील दातागंज में आवेदन के बारे में जानकारी की तो बताया कि आवेदन 31 मई को अस्वीकृत कर दिया गया है।
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आवेदन निरस्त करने का कारण पूछने पर बताया गया कि आवेदन के साथ मृत्यु प्रमाण के साथ कई जरूरी कागजात नहीं लगाए थे। उनको तहसील से कई नोटिस भेजे गए, लेकिन प्रमाणपत्र नहीं लगाया गया। कुसुमा का आरोप है कि उसने आवेदन करते समय सभी प्रमाणपत्र व कागज लगाए थे। जानबूझकर उसका आवेदन निरस्त किया गया है। इसके बाद पीड़िता ने स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया। न्यायालय ने एसडीएम दातागंज को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। उनको पक्ष रखने के लिए 24 फरवरी की तिथि निर्धारित की गई है।
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कुसुमा देवी ने बताया कि उसका बेटा पप्पू बिजली निगम में ठेके पर तार बदलने का काम करता था। साथ ही वह अपनी जमीन पर खेती करता था। तीन मार्च 2025 को बिजली लाइन के तार बदलते समय हुई दुर्घटना में उसके बेटे की मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार का पालन-पोषण करने वाला कोई नहीं बचा।
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मुख्यमंत्री कृषक कल्याण योजना के तहत मिलने वाली पांच लाख रुपये की धनराशि के लिए उसने सभी प्रमाणपत्र लगाकर आवेदन 16 मई 2025 को जिलाधिकारी कार्यालय में किया। कुछ समय बाद जब तहसील दातागंज में आवेदन के बारे में जानकारी की तो बताया कि आवेदन 31 मई को अस्वीकृत कर दिया गया है।
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आवेदन निरस्त करने का कारण पूछने पर बताया गया कि आवेदन के साथ मृत्यु प्रमाण के साथ कई जरूरी कागजात नहीं लगाए थे। उनको तहसील से कई नोटिस भेजे गए, लेकिन प्रमाणपत्र नहीं लगाया गया। कुसुमा का आरोप है कि उसने आवेदन करते समय सभी प्रमाणपत्र व कागज लगाए थे। जानबूझकर उसका आवेदन निरस्त किया गया है। इसके बाद पीड़िता ने स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया। न्यायालय ने एसडीएम दातागंज को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। उनको पक्ष रखने के लिए 24 फरवरी की तिथि निर्धारित की गई है।