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दूसरे दिन भी लगा रहा मीडिया का जमावड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Mon, 21 Dec 2015 11:20 PM IST
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निर्भया के दोषी के परिवार वाले देखते रहे इंतजार
दोषी के छूटने के बारे में अधिकारिक खबर नहीं
दिल्ली के वसंत बिहार इलाके में चलती बस में गैंगरेप का एक आरोपी बदायूं के इस्लामनगर थाने के एक गांव का था। तीन साल बाल सुधार गृह में बिताने के बाद उसे शनिवार रात रिहा कर दिया गया था। रविवार को उसके गांव पहुंचने की खबर पर यहां मीडिया से जुड़े लोगों का जमावड़ा हो गया था। टीवी चैनल की ओवी वैन और लग्जरी गाड़ियां दिन भी इस गांव की ओर दौड़ती रहीं। देर शाम तक वह वापस नहीं आया तो यह लोग लौट गए। सोमवार को उससे संबंधी याचिका खारिज होने पर कई अखबारों और टीवी चैनल से जुड़े लोग दोषी के गांव पहुंचे।
उसकी बीमार मां का कहना है कि उसको अपने बेटे के रिहा होने संबंधी कोई जानकारी नहीं है। अखबारों के जरिए ही खबर मिली है। परिवार को उसका इंतजार है। अगर वह घर आता है, तो गांव में ही खेती और मजदूरी करके अपनी दो बहनों के हाथ पीले करने में मदद करेगा।
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दोषी के छूटने के बारे में अधिकारिक खबर नहीं
दिल्ली के वसंत बिहार इलाके में चलती बस में गैंगरेप का एक आरोपी बदायूं के इस्लामनगर थाने के एक गांव का था। तीन साल बाल सुधार गृह में बिताने के बाद उसे शनिवार रात रिहा कर दिया गया था। रविवार को उसके गांव पहुंचने की खबर पर यहां मीडिया से जुड़े लोगों का जमावड़ा हो गया था। टीवी चैनल की ओवी वैन और लग्जरी गाड़ियां दिन भी इस गांव की ओर दौड़ती रहीं। देर शाम तक वह वापस नहीं आया तो यह लोग लौट गए। सोमवार को उससे संबंधी याचिका खारिज होने पर कई अखबारों और टीवी चैनल से जुड़े लोग दोषी के गांव पहुंचे।
उसकी बीमार मां का कहना है कि उसको अपने बेटे के रिहा होने संबंधी कोई जानकारी नहीं है। अखबारों के जरिए ही खबर मिली है। परिवार को उसका इंतजार है। अगर वह घर आता है, तो गांव में ही खेती और मजदूरी करके अपनी दो बहनों के हाथ पीले करने में मदद करेगा।
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