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Budaun News: ग्राम समाज की जमीन का कर दिया सौदा
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पुलिस की मौजूदगी में राजस्व टीम विवादित प्लाट की नापजोख करती हुई। संवाद
कुंवरगांव। थाना क्षेत्र के गांव कसेर पनौटा में एक प्लॉट को लेकर चल रहा विवाद अब सिर्फ दो पक्षों की तनातनी नहीं, बल्कि ग्राम समाज की जमीन पर हुए सौदों का मामला बन गया है। राजस्व विभाग की नापजोख में खुलासा हुआ है कि जिस भूमि पर दो अलग-अलग बैनामे किए गए और 20 साल पुराने स्टांप के आधार पर कब्जे का दावा किया जा रहा है, वह जमीन ग्राम समाज की है।
प्रेमपाल पुत्र जयमल ने 300 वर्ग गज भूमि का बैनामा शशिवाला पत्नी वीरेंद्र के नाम किया, जबकि विशम्बर दयाल व दीनदयाल पुत्र जयमल ने 600 वर्ग गज भूमि का बैनामा ज्ञानवती पत्नी नेमचंद के नाम किया। दोनों बैनामे करीब एक माह पूर्व के बताए जा रहे हैं।
दूसरी ओर नेमचंद्र उर्फ चंदू का कहना है कि लगभग 20 वर्ष पहले उसने जयमल से स्टांप पर जमीन अपने नाम लिखवा ली थी। तभी से वह कब्जे में है। विवाद उस समय और गहरा गया जब दोनों पक्षों ने प्लॉट पर अपनी-अपनी नींव भर दी। हालात बिगड़ते देख नौ फरवरी को पुलिस ने दोनों पक्षों के लाल सिंह, उमेश पुत्र नेमचंद्र तथा अजीत उर्फ विपिन कुमार पुत्र वीरेंद्र का शांतिभंग में चालान किया था।
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मामला राजस्व विभाग में पहुंचा तो कानूनगो सर्वेश यादव के नेतृत्व में टीम ने मौके पर नाप की। जांच में सामने आया कि विवादित स्थल ग्राम समाज की भूमि है, जबकि जिन बैनामो का हवाला दिया जा रहा है, वे अलग खसरा नंबर की जमीन से संबंधित हैं। कानूनगो सर्वेश यादव का कहना है कि मौके की पैमाइश में जमीन ग्राम समाज की पाई गई है। संबंधित बैनामे दूसरे खसरा नंबर से जुड़े हैं। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। थाना प्रभारी राजेश कौशिक ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद है। पहले भी शांतिभंग की कार्रवाई की गई थी। आगे यदि किसी ने कानून व्यवस्था बिगाड़ी तो कड़ी कार्रवाई होगी।
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प्रेमपाल पुत्र जयमल ने 300 वर्ग गज भूमि का बैनामा शशिवाला पत्नी वीरेंद्र के नाम किया, जबकि विशम्बर दयाल व दीनदयाल पुत्र जयमल ने 600 वर्ग गज भूमि का बैनामा ज्ञानवती पत्नी नेमचंद के नाम किया। दोनों बैनामे करीब एक माह पूर्व के बताए जा रहे हैं।
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दूसरी ओर नेमचंद्र उर्फ चंदू का कहना है कि लगभग 20 वर्ष पहले उसने जयमल से स्टांप पर जमीन अपने नाम लिखवा ली थी। तभी से वह कब्जे में है। विवाद उस समय और गहरा गया जब दोनों पक्षों ने प्लॉट पर अपनी-अपनी नींव भर दी। हालात बिगड़ते देख नौ फरवरी को पुलिस ने दोनों पक्षों के लाल सिंह, उमेश पुत्र नेमचंद्र तथा अजीत उर्फ विपिन कुमार पुत्र वीरेंद्र का शांतिभंग में चालान किया था।
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मामला राजस्व विभाग में पहुंचा तो कानूनगो सर्वेश यादव के नेतृत्व में टीम ने मौके पर नाप की। जांच में सामने आया कि विवादित स्थल ग्राम समाज की भूमि है, जबकि जिन बैनामो का हवाला दिया जा रहा है, वे अलग खसरा नंबर की जमीन से संबंधित हैं। कानूनगो सर्वेश यादव का कहना है कि मौके की पैमाइश में जमीन ग्राम समाज की पाई गई है। संबंधित बैनामे दूसरे खसरा नंबर से जुड़े हैं। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। थाना प्रभारी राजेश कौशिक ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद है। पहले भी शांतिभंग की कार्रवाई की गई थी। आगे यदि किसी ने कानून व्यवस्था बिगाड़ी तो कड़ी कार्रवाई होगी।