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Budaun News: रंग-बिरंगे कॉन्टैक्ट लेंस का बढ़ा चलन, आंखों पर पड़ रहा असर
Thu, 27 Aug 2026 01:49 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Thu, 27 Aug 2026 01:49 AM IST
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बदायूं। रंग-बिरंगे कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल आंखों पर भारी पड़ रहा है। डॉक्टरों को कहना है कि रंग-बिरंगे कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग कम से कम किया जाए। ज्यादा और गलत तरीके के इस्तेमाल से आंखों की रोशनी भी जा सकती है। इससे पीड़ित मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
फैशनेबल और स्टाइलिश दिखने की चाह में रंगीन कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल बढ़ रहा है। कपड़ों और हेयर स्टाइल के साथ अब आंखों के रंग में बदलाव को भी युवा अपने लुक का हिस्सा बना रहे हैं।
जिला अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतिदिन तीन से चार मामले ऐसे आ रहे हैं। मरीजों को बताया जा रहा है कि कॉन्टैक्ट लेंस सीधे आंख की सतह के संपर्क में रहता है। ऐसे में लेंस की सफाई न रखना, गलत तरीके से लगाना या लंबे समय तक लगाए रखना आंखों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इससे आंखों में जलन, लालिमा, खुजली, पानी आना और संक्रमण जैसी समस्या हो सकती है। कुछ मामलों में कॉर्निया पर भी असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि एक व्यक्ति के इस्तेमाल किए हुए कॉन्टैक्ट लेंस को दूसरे व्यक्ति को नहीं लगाना चाहिए। लेंस को निर्धारित तरीके से साफ रखना और उसकी अवधि पूरी होने के बाद उसे बदलना भी जरूरी है। लेंस लगाकर सोने या लंबे समय तक पहनने से भी बचना चाहिए।
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यह लक्षण दिखें तो तुरंत हटाएं लेंस
-यदि लेंस लगाने के बाद आंखों में लगातार जलन, दर्द, लालिमा, धुंधला दिखाई देना या अधिक पानी आने लगे तो लेंस को तुरंत हटा देना चाहिए। ऐसी स्थिति में खुद से कोई दवा डालने के बजाय नेत्र चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है। डॉक्टरों का कहना है कि केवल फैशन के लिए बिना चिकित्सकीय सलाह रंगीन लेंस का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। आंखों की सुरक्षा के साथ ही इनका इस्तेमाल करना जरूरी है।
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सुमन की रोशन पर पड़ा असर
-उघैती निवासी सुमन ने ऑनलाइन रंग-बिरंगे कॉन्टैक्ट लेंस मंगाए थे। उसका कहना है यूट्यूब के माध्यम से उन्होंने इसको लगाना सीखा। शुरुआत में यह काफी अच्छा लगा। बाद में आंखों में दिक्कत होने लगी। इस पर डॉक्टर को दिखाया, तो आंखों पर में अंतर की बात कही। साथ ही रंग-बिरंगे कॉन्टैक्ट लेंस लगाने के लिए मना कर दिया।
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आंखों में हो रहा था घाव
उहसैत निवासी सोनी सिंह तीन दिन पहले अस्पताल पहुंची थी। डॉक्टर ने बताया कि उनकी आंखों में घाव सा हो रहा था। पूछने पर बताया रंग-बिरंगे कॉन्टैक्ट लेस का उपयोग किया था। तब से दिक्कत हो रही है। इस पर डॉक्टर ने उनको लेस लगाने से मना कर दिया।
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कॉन्टैक्ट लेंस बहुत घातक है। बहुत ज्यादा जरूरी या पार्टी आदि में जाना है, तब इसका उपयोग करें। वह भी कम से कम समय के लिए ही करें। इसके अलावा इसका रेगुलर ही इस उपयोग न करें। इससे आंख खराब होने का खतरा बना रहता है। लगातार इसके उपयोग करने से आंख की रोशनी कम हो सकती है।
-डॉ. पीयूष मोहन अग्रवाल, नेत्र रोग विशेषज्ञ
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फैशनेबल और स्टाइलिश दिखने की चाह में रंगीन कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल बढ़ रहा है। कपड़ों और हेयर स्टाइल के साथ अब आंखों के रंग में बदलाव को भी युवा अपने लुक का हिस्सा बना रहे हैं।
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जिला अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतिदिन तीन से चार मामले ऐसे आ रहे हैं। मरीजों को बताया जा रहा है कि कॉन्टैक्ट लेंस सीधे आंख की सतह के संपर्क में रहता है। ऐसे में लेंस की सफाई न रखना, गलत तरीके से लगाना या लंबे समय तक लगाए रखना आंखों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इससे आंखों में जलन, लालिमा, खुजली, पानी आना और संक्रमण जैसी समस्या हो सकती है। कुछ मामलों में कॉर्निया पर भी असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि एक व्यक्ति के इस्तेमाल किए हुए कॉन्टैक्ट लेंस को दूसरे व्यक्ति को नहीं लगाना चाहिए। लेंस को निर्धारित तरीके से साफ रखना और उसकी अवधि पूरी होने के बाद उसे बदलना भी जरूरी है। लेंस लगाकर सोने या लंबे समय तक पहनने से भी बचना चाहिए।
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यह लक्षण दिखें तो तुरंत हटाएं लेंस
-यदि लेंस लगाने के बाद आंखों में लगातार जलन, दर्द, लालिमा, धुंधला दिखाई देना या अधिक पानी आने लगे तो लेंस को तुरंत हटा देना चाहिए। ऐसी स्थिति में खुद से कोई दवा डालने के बजाय नेत्र चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है। डॉक्टरों का कहना है कि केवल फैशन के लिए बिना चिकित्सकीय सलाह रंगीन लेंस का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। आंखों की सुरक्षा के साथ ही इनका इस्तेमाल करना जरूरी है।
सुमन की रोशन पर पड़ा असर
-उघैती निवासी सुमन ने ऑनलाइन रंग-बिरंगे कॉन्टैक्ट लेंस मंगाए थे। उसका कहना है यूट्यूब के माध्यम से उन्होंने इसको लगाना सीखा। शुरुआत में यह काफी अच्छा लगा। बाद में आंखों में दिक्कत होने लगी। इस पर डॉक्टर को दिखाया, तो आंखों पर में अंतर की बात कही। साथ ही रंग-बिरंगे कॉन्टैक्ट लेंस लगाने के लिए मना कर दिया।
आंखों में हो रहा था घाव
उहसैत निवासी सोनी सिंह तीन दिन पहले अस्पताल पहुंची थी। डॉक्टर ने बताया कि उनकी आंखों में घाव सा हो रहा था। पूछने पर बताया रंग-बिरंगे कॉन्टैक्ट लेस का उपयोग किया था। तब से दिक्कत हो रही है। इस पर डॉक्टर ने उनको लेस लगाने से मना कर दिया।
कॉन्टैक्ट लेंस बहुत घातक है। बहुत ज्यादा जरूरी या पार्टी आदि में जाना है, तब इसका उपयोग करें। वह भी कम से कम समय के लिए ही करें। इसके अलावा इसका रेगुलर ही इस उपयोग न करें। इससे आंख खराब होने का खतरा बना रहता है। लगातार इसके उपयोग करने से आंख की रोशनी कम हो सकती है।
-डॉ. पीयूष मोहन अग्रवाल, नेत्र रोग विशेषज्ञ