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Budaun News: पिता ने कंपकंपाते हाथों से बेटे को दी सलामी... फिर दी मुखाग्नि
Mon, 29 Jul 2024 06:20 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Mon, 29 Jul 2024 06:20 AM IST
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ग्राम सभानगर में बलिदानी मोहित राठौर को सलामी देते सेना के जवान ,अधिकारी व जनप्रतिनिधि।स्रोत-
इस्लामनगर(बदायूं)। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान बलिदान हुए मोहित राठौर (25) हर आंख को नम कर गए। देश की रक्षा के लिए बलिदान हुए मोहित राठौर की शौर्यगाथा से बदायूं जिला गूंज उठा। रविवार को उनके अंतिम दर्शन के लिए हाथों में तिरंगा और पुष्प लेकर जिले के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग गांव पहुंचे। सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
पिता नत्थू सिंह राठौर ने बहादुर बेटे को कांपते हाथों से सलामी देने के बाद मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के दौरान बलिदानी की पत्नी और बहनें रो-रोकर बेसुध हो गईं। परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला। इस दौरान सैकड़ों लोगों के साथ जनप्रतिनिधि और जिले के आला अधिकारियों ने नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की। पूरा गांव भारत माता की जय, मोहित राठौर अमर रहें और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से गूंजा।
इस्लामनगर क्षेत्र के गांव सभानगर निवासी मोहित राठौर शुक्रवार रात कुपवाड़ा के माच्छिल सेक्टर में घुसपैठियों से मुठभेड़ के दौरान बलिदान हो गए थे। शनिवार देर शाम तक उनका पार्थिव शरीर हवाई जहाज से बरेली लाया गया। जहां से रविवार सुबह सेना के जवान पार्थिव शरीर लेकर बदायूं पहुंचे। शव आने से पहले ही इस्लामनगर से सभानगर गांव तक लोगों की भीड़ जुट गई।
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सेना के जवानों ने सैनिक धर्मकांटा से इस्लामनगर में प्रवेश किया और यहां से गांव तक करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क के दोनों ओर अंतिम दर्शन करने के लिए सड़क किनारे जगह-जगह लोग खड़े रहे। दोपहर करीब एक बजे पिता ने बलिदानी बेटे की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। गांव का कोई परिवार ऐसा नहीं छूटा, जिसका कोई सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल न हुए हो।
आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग आए थे। सबने मोहित को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और पदाधिकारियों के साथ सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंचे। जिलाधिकारी निधि श्रीवास्तव और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने पुष्पांजलि दी। विधायक आशुतोष मौर्य, भाजपा के जिलाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, पूर्व विधायक दयासिंधु शंखधार ने भी बलिदानी को नमन किया।
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मोहित झुके न पीछे हटे...पाकिस्तानी घुसपैठियों को दिया करारा जवाब
बदायूं। पाकिस्तानी बार्डर एक्शन टीम (बैट) ने शुक्रवार रात करीब दो बजे अचानक माच्छिल सेक्टर में भारतीय सैन्य चौकी पर हमला किया था। चौकी में मौजूद जवानों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की। एक घुसपैठिए को मार गिराया और घुसपैठ के पाकिस्तानी मंसूबे पर पानी फेर दिया। मोहित के बहनोई उपेंद्र सिंह ने बताया कि सैन्य चौकी के आसपास घुसपैठिए पहले से आकर झाड़ियों में छिप गए थे। एक घुसपैठिया सैन्य चौकी में घुसने का प्रयास कर रहा था लेकिन कुत्ते के भाैंकने पर वह पीछे लौट गया। कुछ देर बाद दूसरे घुसपैठिए ने ग्रेनेड फेंका, जिससे जवान अलर्ट हो गए थे। जवाबी कार्रवाई के दौरान मोहित ने फायरिंग की तो उनको भी गोलियां लगीं। वह जमीन पर गिर गए। सुबह छह बजे तक फायरिंग हुई थी। बाद में पता चला कि मोहित को सात गोलियां लगी थीं। लेकिन यही बात गर्व की है वो न झुके न पीछे हटे। उनके बहनोई उपेंद्र सिंह ने बताया कि मोहित का निशाना बिल्कुल सटीक था, जिससे उन्हें 57 आरआर यूनिट में शामिल कर लिया गया। इस पर उन्होंने कहा था कि आतंकवादियों से भी मुचैटा करके देखेंगे। वह काफी बहादुर थे। संवाद
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पिता नत्थू सिंह राठौर ने बहादुर बेटे को कांपते हाथों से सलामी देने के बाद मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के दौरान बलिदानी की पत्नी और बहनें रो-रोकर बेसुध हो गईं। परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला। इस दौरान सैकड़ों लोगों के साथ जनप्रतिनिधि और जिले के आला अधिकारियों ने नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की। पूरा गांव भारत माता की जय, मोहित राठौर अमर रहें और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से गूंजा।
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इस्लामनगर क्षेत्र के गांव सभानगर निवासी मोहित राठौर शुक्रवार रात कुपवाड़ा के माच्छिल सेक्टर में घुसपैठियों से मुठभेड़ के दौरान बलिदान हो गए थे। शनिवार देर शाम तक उनका पार्थिव शरीर हवाई जहाज से बरेली लाया गया। जहां से रविवार सुबह सेना के जवान पार्थिव शरीर लेकर बदायूं पहुंचे। शव आने से पहले ही इस्लामनगर से सभानगर गांव तक लोगों की भीड़ जुट गई।
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सेना के जवानों ने सैनिक धर्मकांटा से इस्लामनगर में प्रवेश किया और यहां से गांव तक करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क के दोनों ओर अंतिम दर्शन करने के लिए सड़क किनारे जगह-जगह लोग खड़े रहे। दोपहर करीब एक बजे पिता ने बलिदानी बेटे की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। गांव का कोई परिवार ऐसा नहीं छूटा, जिसका कोई सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल न हुए हो।
आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग आए थे। सबने मोहित को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और पदाधिकारियों के साथ सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंचे। जिलाधिकारी निधि श्रीवास्तव और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने पुष्पांजलि दी। विधायक आशुतोष मौर्य, भाजपा के जिलाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, पूर्व विधायक दयासिंधु शंखधार ने भी बलिदानी को नमन किया।
मोहित झुके न पीछे हटे...पाकिस्तानी घुसपैठियों को दिया करारा जवाब
बदायूं। पाकिस्तानी बार्डर एक्शन टीम (बैट) ने शुक्रवार रात करीब दो बजे अचानक माच्छिल सेक्टर में भारतीय सैन्य चौकी पर हमला किया था। चौकी में मौजूद जवानों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की। एक घुसपैठिए को मार गिराया और घुसपैठ के पाकिस्तानी मंसूबे पर पानी फेर दिया। मोहित के बहनोई उपेंद्र सिंह ने बताया कि सैन्य चौकी के आसपास घुसपैठिए पहले से आकर झाड़ियों में छिप गए थे। एक घुसपैठिया सैन्य चौकी में घुसने का प्रयास कर रहा था लेकिन कुत्ते के भाैंकने पर वह पीछे लौट गया। कुछ देर बाद दूसरे घुसपैठिए ने ग्रेनेड फेंका, जिससे जवान अलर्ट हो गए थे। जवाबी कार्रवाई के दौरान मोहित ने फायरिंग की तो उनको भी गोलियां लगीं। वह जमीन पर गिर गए। सुबह छह बजे तक फायरिंग हुई थी। बाद में पता चला कि मोहित को सात गोलियां लगी थीं। लेकिन यही बात गर्व की है वो न झुके न पीछे हटे। उनके बहनोई उपेंद्र सिंह ने बताया कि मोहित का निशाना बिल्कुल सटीक था, जिससे उन्हें 57 आरआर यूनिट में शामिल कर लिया गया। इस पर उन्होंने कहा था कि आतंकवादियों से भी मुचैटा करके देखेंगे। वह काफी बहादुर थे। संवाद

ग्राम सभानगर में बलिदानी मोहित राठौर को सलामी देते सेना के जवान ,अधिकारी व जनप्रतिनिधि।स्रोत-

ग्राम सभानगर में बलिदानी मोहित राठौर को सलामी देते सेना के जवान ,अधिकारी व जनप्रतिनिधि।स्रोत-

ग्राम सभानगर में बलिदानी मोहित राठौर को सलामी देते सेना के जवान ,अधिकारी व जनप्रतिनिधि।स्रोत-