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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   The farmer's name and sent two Million bill

किसान के नाम भेज दिया दो  लाख से अधिक का बिल 

Fri, 13 May 2016 12:03 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Fri, 13 May 2016 12:03 AM IST
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कनेक्शन के नाम पर विभाग हजम कर गया ट्रांसफार्मर, पोल और तार
 उझानी क्षेत्र के गांव अकौली में एक किसान के डीप बोरिंग ट्यूबवेल का कागजों में कनेक्शन दिखाकर तत्कालीन जेई और संबंधित अधिकारी एक ट्रांसफार्मर, पांच पोल और तार आदि हजम कर गए। किसान को तब पता लगा जब कई साल बाद उनके पास दो लाख से भी अधिक का बिल आया। किसान ने बिजली विभाग के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। 
अकौली रकबा में ग्रीश बाबू पुत्र ओमप्रकाश ने डीप बोरिंग योजना से 2005 में ट्यूबवेल का निर्माण कराया था। 22 दिसंबर 2005 को उन्हें 10/06162 द्वारा 9508 रुपये भी वसूले थे। अनुबंध 31 जनवरी 2005 को हुआ था। उसके बाद लगातार संबंधित जेई और उच्चाधिकारियों को किसान ने मौखिक और लिखित सूचनाएं दीं कि उनका कनेक्शन नहीं हो रहा है। उनका बिना कनेक्शन के बिजली बिल चालू कर दिया गया। आसपास के सभी गवाह हैं कि बिजली लाइन नहीं खिंची, बावजूद इसके स्टोर से उनके नाम से ट्रांसफार्मर, पांच पोल और बिजली तार भी निकाल लिया गया है। दो लाख से अधिक का बिल भी भेज दिया गया है। इन हालातों में उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारी यह कहकर उनकी बात टाल रहे हैं कि उनके समय का मामला नहीं है। 
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मेरे संज्ञान में ऐसी एक शिकायत आई है लेकिन, किसान इतने लंबे समय तक कहां था। इतना पुराना मामला है। उनको भी यहां दो साल हो चुके हैं। उनके पास अब यह मामला आया है। इसमें उन्हें संदेह है। फिलहाल समाधान यही है कि किसान पैसा जमा करे। 
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- अतुल अग्रवाल, एक्सईएन 
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शोषण से किसान होते हैं आत्महत्या को मजबूर 
बदायूं। किसान यूनियन के नगर अध्यक्ष हारुन गौस ने कहा है कि बिजली विभाग किसानों के साथ सही सलूक नहीं कर रहा है। किसानों को कनेक्शन के नाम पर जहां लूटा जाता है वहीं किसानों के बिना कनेक्शन बिल पहुंचाए जा रहे हैं। ऐसे मामलों को मुख्यमंत्री के आगमन पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन हालातों में ही किसान आत्महत्याएं करने पर मजबूर होते हैं। अगर, किसानों को शोषण नहीं रोका गया तो आंदोलन भी किया जाएगा।
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