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Budaun News: बच्चों के परिजन बोले- एक आरोपी की मौत... दूसरे को जेल, और हमें क्या चाहि
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बदायूं। शहर की बाबा कॉलोनी में दो बच्चों की हत्या के मामले में अब परिवार वाले कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं। पिता विनोद का सिर्फ इतना कहना है कि एक आरोपी मारा जा चुका है, दूसरा जेल जा चुका है। अब वह इस संबंध में कुछ नहीं कहना चाहते। अब जो भी कार्रवाई होगी, वह पुलिस करेगी या फिर कोर्ट। उनके घर पर आसपास के लोगों के साथ ही तमाम रिश्तेदार सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की बाबा कॉलोनी में 19 मार्च की शाम ठेकेदार विनोद ठाकुर के बेटे आयुष (13) और अहान उर्फ हनी (06) की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। घटना को जिले के ही अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा सखानूं निवासी साजिद और उसके भाई जावेद ने अंजाम दिया था। दोनों विनोद के घर के सामने ही हेयर सैलून चलाते थे।
साजिद चाकू लेकर विनोद के घर में घुस गया था और उनके दोनों बच्चों को गला रेतकर मार डाला था। मझले बेटे पीयूष पर भी हमला किया था, लेकिन वह बच निकला था। मुख्य आरोपी साजिद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था, लेकिन जावेद भाग गया था। जावेद ने बृहस्पतिवार सुबह बरेली में नाटकीय ढंग से पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था।
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घटना की वजह साफ न होने पर परिवार वाले अब तक पुलिस पर ही अंगुली उठा रहे थे और खुलासे पर सवाल खड़े कर रहे थे, लेकिन अब वह कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने पहले जो सवाल उठाए थे, अब उन्हें भी दोहराना नहीं चाहते हैं। पिता विनोद का कहना है कि वह इस संबंध में अब कुछ नहीं कहना चाहते। वह इतना जानते हैं कि एक आरोपी को जेल और दूसरे को मौत की सजा मिली है। अब आगे की कार्रवाई पुलिस और न्यायालय करेगा।
शहर की तीन जियारत पर जाता था साजिद
हत्याकांड की छानबीन में यह तथ्य निकलकर सामने आया है कि हत्यारोपी साजिद शहर की तीन जियारत पर जाता था। जब वह 10 साल का था, तब उसके पिता बड़ी जियारत पर झोंपड़ी डालकर रहे थे। बाद में भी उसका लगातार आना-जाना रहा था। यहां किन-किन लोगों से मुलाकात करता था, उनके बारे में पूछताछ में जो जानकारी मिली है, उसके आधार पर अब छानबीन आगे बढ़ेगी।
साजिद और जावेद की कॉल डिटेल से खुलेंगे कई राज
दोनों हत्यारोपियों की कॉल डिटेल महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकती है। इससे घटना के खुलासे में भी काफी मदद मिलेगी। हत्याकांड वाले दिन दोनों आरोपियों ने मोबाइल पर किस-किस से बात की थी। किसके संपर्क में थे। यह तथ्य है। पुलिस ने कुछ कॉल डिटेल निकलवाई भी हैं, लेकिन इस संंबंध में पुलिस कुछ बताने को तैयार नहीं। पुलिस ने इसे विवेचना का पार्ट बताते हुए गोपनीय रखा है।
फोटो-- - 9
बाबा कॉलोनी में अब भी तैनात है पुलिस बल
हत्याकांड के बाद से बाबा कॉलोनी में पुलिस बल तैनात है। पीड़ित परिवार के बाहर इंस्पेक्टर कुंवरगांव राजेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम लगाई गई है। मंडी समिति के नजदीक मूसाझाग इंस्पेक्टर मनोज कुमार को लगाया गया है। सीओ सिटी आलोक मिश्रा भी लगातार भ्रमण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। हालांकि मोहल्ले में अब शांति है। स्थानीय लोगों ने अपनी दुकानें भी खोलनी शुरू कर दी हैं।
जावेद पर इन धाराओं में दर्ज किया गया है मुकदमा
धारा 452 - अवैध रूप से घर में घुसना (सात साल तक की सजा और अर्थदंड)
धारा 307- हत्या का प्रयास (10 साल तक की सजा और जुर्माना)
धारा 302- हत्या ( मृत्यु दंड या आजीवन कारावास की सजा के साथ जुर्माना)
धारा 34 - समान आशय (दो या दो से अधिक एक राय होकर अपराध करें )
(वरिष्ठ अधिवक्ता अखिलेश कांत सक्सेना के मुताबिक, जावेद पर लगी धाराओं में दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास या मृत्युदंड की सजा सुनाई जा सकती है। )
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की बाबा कॉलोनी में 19 मार्च की शाम ठेकेदार विनोद ठाकुर के बेटे आयुष (13) और अहान उर्फ हनी (06) की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। घटना को जिले के ही अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा सखानूं निवासी साजिद और उसके भाई जावेद ने अंजाम दिया था। दोनों विनोद के घर के सामने ही हेयर सैलून चलाते थे।
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साजिद चाकू लेकर विनोद के घर में घुस गया था और उनके दोनों बच्चों को गला रेतकर मार डाला था। मझले बेटे पीयूष पर भी हमला किया था, लेकिन वह बच निकला था। मुख्य आरोपी साजिद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था, लेकिन जावेद भाग गया था। जावेद ने बृहस्पतिवार सुबह बरेली में नाटकीय ढंग से पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था।
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घटना की वजह साफ न होने पर परिवार वाले अब तक पुलिस पर ही अंगुली उठा रहे थे और खुलासे पर सवाल खड़े कर रहे थे, लेकिन अब वह कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने पहले जो सवाल उठाए थे, अब उन्हें भी दोहराना नहीं चाहते हैं। पिता विनोद का कहना है कि वह इस संबंध में अब कुछ नहीं कहना चाहते। वह इतना जानते हैं कि एक आरोपी को जेल और दूसरे को मौत की सजा मिली है। अब आगे की कार्रवाई पुलिस और न्यायालय करेगा।
शहर की तीन जियारत पर जाता था साजिद
हत्याकांड की छानबीन में यह तथ्य निकलकर सामने आया है कि हत्यारोपी साजिद शहर की तीन जियारत पर जाता था। जब वह 10 साल का था, तब उसके पिता बड़ी जियारत पर झोंपड़ी डालकर रहे थे। बाद में भी उसका लगातार आना-जाना रहा था। यहां किन-किन लोगों से मुलाकात करता था, उनके बारे में पूछताछ में जो जानकारी मिली है, उसके आधार पर अब छानबीन आगे बढ़ेगी।
साजिद और जावेद की कॉल डिटेल से खुलेंगे कई राज
दोनों हत्यारोपियों की कॉल डिटेल महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकती है। इससे घटना के खुलासे में भी काफी मदद मिलेगी। हत्याकांड वाले दिन दोनों आरोपियों ने मोबाइल पर किस-किस से बात की थी। किसके संपर्क में थे। यह तथ्य है। पुलिस ने कुछ कॉल डिटेल निकलवाई भी हैं, लेकिन इस संंबंध में पुलिस कुछ बताने को तैयार नहीं। पुलिस ने इसे विवेचना का पार्ट बताते हुए गोपनीय रखा है।
फोटो
बाबा कॉलोनी में अब भी तैनात है पुलिस बल
हत्याकांड के बाद से बाबा कॉलोनी में पुलिस बल तैनात है। पीड़ित परिवार के बाहर इंस्पेक्टर कुंवरगांव राजेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम लगाई गई है। मंडी समिति के नजदीक मूसाझाग इंस्पेक्टर मनोज कुमार को लगाया गया है। सीओ सिटी आलोक मिश्रा भी लगातार भ्रमण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। हालांकि मोहल्ले में अब शांति है। स्थानीय लोगों ने अपनी दुकानें भी खोलनी शुरू कर दी हैं।
जावेद पर इन धाराओं में दर्ज किया गया है मुकदमा
धारा 452 - अवैध रूप से घर में घुसना (सात साल तक की सजा और अर्थदंड)
धारा 307- हत्या का प्रयास (10 साल तक की सजा और जुर्माना)
धारा 302- हत्या ( मृत्यु दंड या आजीवन कारावास की सजा के साथ जुर्माना)
धारा 34 - समान आशय (दो या दो से अधिक एक राय होकर अपराध करें )
(वरिष्ठ अधिवक्ता अखिलेश कांत सक्सेना के मुताबिक, जावेद पर लगी धाराओं में दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास या मृत्युदंड की सजा सुनाई जा सकती है। )