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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   The family members of Ajay, the accused in the double murder case, also struck a deal to sell cemetery land.

बदायूं दोहरा हत्याकांड: आरोपी के परिजनों ने कब्रिस्तान की भूमि का किया सौदा, खरीदने वालों की बढ़ीं मुश्किलें

Thu, 02 Apr 2026 12:39 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 02 Apr 2026 12:39 AM IST
सार

बदायूं में दोहरे हत्याकांड के आरोपी अजय प्रताप सिंह के पिता राजेश उर्फ राजू और ताऊ राकेश सिंह पर कब्रिस्तान की जमीन बेचने का आरोप लगा है। प्रशासन इसकी जांच कर रहा है। जल्द ही अवैध कब्जेदारों पर कार्रवाई हो सकती है। 

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The family members of Ajay, the accused in the double murder case, also struck a deal to sell cemetery land.
सैजनी गांव में गिराई गई आरोपी व उसके ताऊ की दुकानें। - फोटो : संवाद

विस्तार

बदायूं के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के पिता राजेश उर्फ राजू और ताऊ राकेश सिंह पर कब्रिस्तान की जमीन का सौदा करने का आरोप लगा है। कब्रिस्तान की करीब साढ़े पांच बीघा जमीन का सौदा उन्हीं 13 लोगों में से कुछ से किया गया, जिनके खिलाफ पिछले दिनों तहसीलदार कोर्ट में कब्जे का मुकदमा दर्ज हुआ है।
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प्रशासन की जांच के मुताबिक मेहरा मार्ग के निकट सैजनी ग्राम पंचायत की कब्रिस्तान की इस भूमि का आरोपियों के परिजनों ने लगभग 20 लाख रुपये प्रति बीघा की दर से सौदा किया था। वहां दुकानों और मकानों का निर्माण किया गया। 
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बताया जा रहा है कि इस जमीन को रामअवतार (पापड़ जोत), श्रीराम (सैजनी), सुबोध (भगवतीपुर), सुनील (कोना), जयकरण, राजेश (डहरपुर), गिरीश (डहरपुर), शोभाराम (सैजनी), बिट्टू (मेहरा) समेत अन्य लोगों को दिया गया। यह जमीन अपनी बताते हुए अजय के परिजनों ने अपने गाटा संख्या पर बैनामे करा दिए थे।
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उस समय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कब्रिस्तान भूमि बिकने का विरोध भी किया था, लेकिन कथित दबाव के चलते मामला शांत हो गया। आरोप है कि विरोध शांत कराने के लिए दूसरी जगह कब्रिस्तान की भूमि देने का आश्वासन दे दिया गया था। 

कब्जेदारों की मुश्किलें बढ़ीं 
कब्जेदारों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमा-पूंजी, यहां तक कि जेवर और जमीन बेचकर इस जगह की कीमत चुकाई थी। इस स्थान पर दुकान और मकान बनवाए। उनका कहना है कि यदि उस समय प्रशासनिक स्तर पर रोक लगाई जाती, तो वे आज इस परेशानी में नहीं पड़ते। मामले में हलका लेखपाल हेम सिंह ने बताया कि उक्त स्थल पर करीब 5.30 बीघा कब्रिस्तान और लगभग 17 बीघा बंजर भूमि दर्ज है, जिस पर अवैध कब्जा पाया गया है। इस संबंध में तहसीलदार न्यायालय में धारा 67 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।प्रशासन के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई के साथ ही भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। मामले को लेकर प्रभावित लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। 

आरोपी के ताऊ की 27 दुकान भी ध्वस्तीकरण के दायरे में
आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश सिंह की 27 दुकानें भी सीलबंद हैं। तहसील प्रशासन ने 45 लाख से अधिक जुर्माना लगाकर बेदखली का नोटिस जारी किया है।   नोटिस का जवाब देने की अंतिम तिथि 11 अप्रैल है। यदि समय रहते ये लोग जवाब नहीं देंगे तो दुकानों को ध्वस्त किया जा सकता है। घटना के बाद से पूरा परिवार भागा हुआ है। ऐसे में समय पर जवाब कैसे दाखिल होगा, यह भी चर्चा का विषय बन हुआ है। बता दें कि कुछ दुकानें पहले भी गिराई जा चुकी हैं।  

बाकी आरोपियों के नजदीक पुलिस, गिरफ्तारी जल्द
एचपीसीएल प्लांट में 12 मार्च को दो अधिकारियों की हत्या के मामले में पुलिस की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और विभागीय सूत्रों का दावा है कि जल्द ही उनकी गिरफ्तारी संभव है। इस मामले में मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह समेत दो अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, जांच के दौरान सामने आया है कि इस घटना में आरोपियों के परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी अलग-अलग धाराओं में नामजद हैं, जिनमें ताऊ, पिता, भाई और तहेरे भाई शामिल बताए जा रहे हैं।

पुलिस इन सभी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है, हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बावजूद इसके पुलिस का दावा है कि आरोपियों तक पहुंच बनाई जा चुकी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एसएसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है, जो अब अंतिम चरण में बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने के साथ ही कुछ नए आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय का कहना है कि मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

निरस्त की जाएगी राशन की दुकान
आरोपी अजय की मां के नाम रही राशन की दुकान निलंबित की जा चुकी है। अब इसको निरस्त किया जाएगा। पूर्ति विभाग की टीम ने बुधवार को गांव पहुंचकर जांच की है। वहीं राशन कम मिलने की भी जांच की जा रही है। जिला पूर्ति अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

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