फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   The embarrasses will have to sell wheat away

उझानी वालों को गेहूं बेचने जाना पड़ेगा दूर 

Sat, 15 Apr 2017 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ उझानी
अमर उजाला ब्यूरो/ उझानी Updated Sat, 15 Apr 2017 11:49 PM IST
विज्ञापन
The embarrasses will have to sell wheat away
मंडी में अब नहीं ‌द‌िखतीं एेसी गेहूं की ढेरी। - फोटो : अमर उजाला
उझानी वालों को गेहूं 
विज्ञापन

बेचने जाना पड़ेगा दूर 
पहली बार मंडी परिसर में नहीं खुले सरकारी क्रय केंद्र

प्रदेश सरकार ने किसानों से गेहूं की सीधे खरीद के लिए इस बार बिचौलियों को तगड़ा झटका तो दे दिया लेकिन जरूरत के हिसाब से क्रय केंद्र नहीं बनाए। यहां मंडी समिति परिसर में पिछले साल तक दो-तीन एजेंसियों के सेंटर हुआ करते थे। इस बार कोई सेंटर नहीं होने से किसानों को गेहूं बेचने के लिए कछला, कादरचौक और वितरोई जाना पड़ेगा।
मंडी परिसर में गेहूं क्रय केंद्र नहीं होने का मामला उस वक्त सामने आया जब अब्दुल्लागंज निवासी पूर्व प्रधान रवेंद्र सक्सेना ट्रॉली में गेहूं लोड़ कर मंडी पहुंचे। उन्होंने क्रय केंद्र नजर नहीं आने पर सचिव और मंडी कर्मियों से सेंटरों के बारे में जानकारी हासिल की। मंडी सचिव क्षेत्रपाल सिंह की माने तो क्षेत्र में सरकारी चार क्रय केंद्र बनाए गए हैं। गेहूं क्रय की प्रमुख एजेंसियों में उत्तर प्रदेश उपभोक्ता भंडार निगम का कादरचौक, किसान सेवा सहकारी समिति का रिसौली, पीसीएफ का वितरोई और क्षेत्रीय सहकारी समिति का कछला में केंद्र बनाया गया है।
विज्ञापन

कछला और वितरोई में गेहूं बेचने के लिए जाने पर इलाके के किसानों को करीब 15 किलोमीटर तो रिसौली और कादरचौक के लिए भी कमोवेश इतनी ही दूरी तय कर भाड़े के रूप में अतिरिक्त खर्चा उठाना पड़ेगा। किसानों में फतेहपुर के राजपाल और संजरपुर के रामवीर ने बताया- मंडी परिसर में क्रय केंद्र होने से उन्हें दिक्कत नहीं होती, लेकिन अब परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

000000000
रेट में सौ रुपया प्रति क्विंटल का अंतर
उझानी। मंडी परिसर में इस वक्त आढ़तों पर गेहूं करीब 1550 रुपया प्रति क्विंटल तक खरीदा जा रहा है। गेहूं में कूड़ा या फिर नमी है तो रेट 20 से 30 रुपया प्रति क्विंटल तक कम रहता है। जबकि सरकार ने क्रय केंद्रों पर रेट 1630 रुपया प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। किसानों को बढ़े रेट का वास्तविक फायदा तभी मिलेगा जब सेंटर मंडी और उसके नजदीक खोले जाते।

वर्जन
सरकारी क्रय केंद्रों का निर्धारण खरीद एजेंसियों की ओर से किया जाता है। एजेंसियां ही गेहूं खरीद से जुड़े प्रशासनिक अफसरों को अवगत कराते हैं। मंडी में क्रय केंद्र क्यों नहीं खोले गए, यह अफसर ही बता पाएंगे।
- क्षेत्रपाल सिंह, मंडी सचिव
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed