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Budaun News: इंस्पायर अवार्ड रैंकिंग में जिले का 60वां स्थान
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बदायूं। इंस्पायर अवार्ड की ताजा रैंकिंग में बदायूं जिले को 60वां स्थान मिला है। जिले की रैंकिंग गिरने की सबसे बड़ी वजह स्कूलों की लापरवाही और बच्चों के नामांकन में भारी कमी रही।
जिले के 1525 माध्यमिक विद्यालयों में से केवल 402 से इंस्पायर अवार्ड के लिए पंजीकरण कराया। इसी तरह बेसिक शिक्षा विभाग के 3600 विद्यालयों में से सिर्फ 48 से बच्चों का नामांकन कराया गया। इसलिए अपेक्षित संख्या के मुकाबले बेहद कम पंजीकरण हुआ और रैंकिंग प्रभावित हुई। इंस्पायर अवार्ड योजना का उद्देश्य बच्चों को विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना है। नामांकन कम होने से जिले के विद्यार्थियों को इस अवसर का लाभ नहीं मिल सका।
योजना के तहत चयनित छात्रों को उनके प्रोजेक्ट और नवाचार पर राष्ट्रीय स्तर तक मंच उपलब्ध कराया जाता है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि विद्यालय समय पर पंजीकरण कराते तो स्थिति बेहतर होती। उन्होंने बताया कि कई विद्यालयों और शिक्षकों ने उदासीनता दिखाई। डीसी चंद्रभान सिंह ने बताया कि इस बार माध्यमिक के स्कूलों की ओर से पंजीकरण कराया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन जो स्कूल है। उनकी ओर से इसमें रुचि नहीं दिखाई जा रही है।
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जिले के 1525 माध्यमिक विद्यालयों में से केवल 402 से इंस्पायर अवार्ड के लिए पंजीकरण कराया। इसी तरह बेसिक शिक्षा विभाग के 3600 विद्यालयों में से सिर्फ 48 से बच्चों का नामांकन कराया गया। इसलिए अपेक्षित संख्या के मुकाबले बेहद कम पंजीकरण हुआ और रैंकिंग प्रभावित हुई। इंस्पायर अवार्ड योजना का उद्देश्य बच्चों को विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना है। नामांकन कम होने से जिले के विद्यार्थियों को इस अवसर का लाभ नहीं मिल सका।
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योजना के तहत चयनित छात्रों को उनके प्रोजेक्ट और नवाचार पर राष्ट्रीय स्तर तक मंच उपलब्ध कराया जाता है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि विद्यालय समय पर पंजीकरण कराते तो स्थिति बेहतर होती। उन्होंने बताया कि कई विद्यालयों और शिक्षकों ने उदासीनता दिखाई। डीसी चंद्रभान सिंह ने बताया कि इस बार माध्यमिक के स्कूलों की ओर से पंजीकरण कराया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन जो स्कूल है। उनकी ओर से इसमें रुचि नहीं दिखाई जा रही है।
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