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सड़क किनारे बाइक खड़ी कर ट्रेन के आगे कूदे शिक्षामित्र की मौत
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अखिलेश दिवाकर (फाइल फोटो)
- फोटो : BADAUN
उझानी (बदायूं)। रेलवे लाइन के पास सड़क किनारे बाइक खड़ी करके शिक्षामित्र अखिलेश दिवाकर ट्रेन के आगे कूद पड़ा। इंजन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। शिनाख्त मृतक की जेब में मिली एमएसटी से हुई। अखिलेश बरेली के बिशारतगंज स्कूल में तैनात थे। आत्महत्या करने की वजह को लेकर पसोपेश के बीच पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है।
मृतक शिक्षामित्र अखिलेश दिवाकर (36) गौतमपुरी मोहल्ले में बड़ी माता मंदिर के नजदीक रहते थे। वह घर से बाइक लेकर बुधवार सुबह निकले थे। दोपहर करीब 12 बजे बसोमा रेलफाटक के पास सड़क किनारे बाइक खड़ी कर दी। पुलिस के मुताबिक- खेतों पर काम कर रहे लोगों ने बताया कि बाइक खड़ी करने से पहले वह कुछ देर बैठे रहे। उसी दौरान कासगंज की ओर से बरेली जा रही ट्रेन को देख वह पटरी पर पहुंच गए। चालक ने ट्रेन की रफ्तार धीमी भी कर ली लेकिन वह इंजन के आगे कूद पड़े। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यही बात ट्रेन के चालक ने स्टेशन मास्टर विपिन कुमार को बताई है। बकौल स्टेशन मास्टर- लाइन पर युवक नजर आते ही चालक ने हार्न भी बजाया था।
स्टेशन मास्टर से मीमो मिलने के बाद मौके पर पहुंचे दरोगा अवधेश कुमार ने शव के पास से मोबाइल, बाइक और शराब के दो खाली क्वाटर समेत नमकीन का पाउच बरामद किया। शिक्षामित्र की जेब से निकली एमएसटी से नाम और पते के बारे में जानकारी मिलते ही गौतमपुरी मोहल्ले से तीन-चार युवकों को बुला लिया। उन्होंने शव की शिनाख्त की कार्रवाई पूरी कराई। प्रभारी निरीक्षक बिजेंद्र सिंह ने बताया कि मामला आत्महत्या का है। उनके परिजन से बात हुई है। परिवार के लोगों ने फिलहाल इसकी कोई वजह नहीं बताई है लेकिन पड़ोसियों से पता लगा है कि वह कुछेक महीनों से शराब पीने लगे थे।
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पूरा परिवार आर्थिक रूप से मजबूत तो फिर क्यों की खुदकुशी
सवालों में उलझी शिक्षामित्र की मौत की वजह पर कयासबाजी शुरू
उझानी। गौतमपुरी मोहल्ला निवासी शिक्षामित्र अखिलेश दिवाकर का पूरा परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बताया जा रहा है। उनका घर और परिवार के सदस्यों का रहन-सहन भी संपन्नता की ओर इशारा करता है लेकिन अखिलेश ने मौत को गले क्यों लगा लिया। ऐसे ही कुछेक सवालों के बीच उनकी मौत की वजह साफ नहीं हो रही है।
अखिलेश दिवाकर के पिता अंगनलाल आरएफसी में तैनात थे। तीन भाइयों में सबसे छोटे अखिलेश अपने मूल निवास क्षेत्र बिशारतगंज में शिक्षामित्र थे तो बड़े भाई सुरेश चंद्र लेखपाल हैं। भाइयों में मंझले नरेश दिवाकर स्वास्थ्य विभाग में बदायूं में तैनात हैं। गौतमपुरी मोहल्ला स्थित दो मंजिला पैतृक मकान में अखिलेश और उनकी पत्नी पूनम के अलावा नौ वर्षीय बेटी रहती है। पति की मौत की सूचना से बदहवास पूनम ने बताया कि दोनों के बीच कभी कलह नहीं हुई। फिर ऐसी क्या बात हुई जो अखिलेश को मौत की तरफ धकेल ले गई। आत्महत्या की वजह को लेकर पुलिस फिलहाल इसी नतीजे पर पहुंची है कि शराब को लेकर परिवार में कोई ऐसी बात हो सकती है जो अखिलेश के आत्महत्या कर लेने का कारण रही हो।
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मृतक शिक्षामित्र अखिलेश दिवाकर (36) गौतमपुरी मोहल्ले में बड़ी माता मंदिर के नजदीक रहते थे। वह घर से बाइक लेकर बुधवार सुबह निकले थे। दोपहर करीब 12 बजे बसोमा रेलफाटक के पास सड़क किनारे बाइक खड़ी कर दी। पुलिस के मुताबिक- खेतों पर काम कर रहे लोगों ने बताया कि बाइक खड़ी करने से पहले वह कुछ देर बैठे रहे। उसी दौरान कासगंज की ओर से बरेली जा रही ट्रेन को देख वह पटरी पर पहुंच गए। चालक ने ट्रेन की रफ्तार धीमी भी कर ली लेकिन वह इंजन के आगे कूद पड़े। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यही बात ट्रेन के चालक ने स्टेशन मास्टर विपिन कुमार को बताई है। बकौल स्टेशन मास्टर- लाइन पर युवक नजर आते ही चालक ने हार्न भी बजाया था।
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स्टेशन मास्टर से मीमो मिलने के बाद मौके पर पहुंचे दरोगा अवधेश कुमार ने शव के पास से मोबाइल, बाइक और शराब के दो खाली क्वाटर समेत नमकीन का पाउच बरामद किया। शिक्षामित्र की जेब से निकली एमएसटी से नाम और पते के बारे में जानकारी मिलते ही गौतमपुरी मोहल्ले से तीन-चार युवकों को बुला लिया। उन्होंने शव की शिनाख्त की कार्रवाई पूरी कराई। प्रभारी निरीक्षक बिजेंद्र सिंह ने बताया कि मामला आत्महत्या का है। उनके परिजन से बात हुई है। परिवार के लोगों ने फिलहाल इसकी कोई वजह नहीं बताई है लेकिन पड़ोसियों से पता लगा है कि वह कुछेक महीनों से शराब पीने लगे थे।
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सवालों में उलझी शिक्षामित्र की मौत की वजह पर कयासबाजी शुरू
उझानी। गौतमपुरी मोहल्ला निवासी शिक्षामित्र अखिलेश दिवाकर का पूरा परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बताया जा रहा है। उनका घर और परिवार के सदस्यों का रहन-सहन भी संपन्नता की ओर इशारा करता है लेकिन अखिलेश ने मौत को गले क्यों लगा लिया। ऐसे ही कुछेक सवालों के बीच उनकी मौत की वजह साफ नहीं हो रही है।
अखिलेश दिवाकर के पिता अंगनलाल आरएफसी में तैनात थे। तीन भाइयों में सबसे छोटे अखिलेश अपने मूल निवास क्षेत्र बिशारतगंज में शिक्षामित्र थे तो बड़े भाई सुरेश चंद्र लेखपाल हैं। भाइयों में मंझले नरेश दिवाकर स्वास्थ्य विभाग में बदायूं में तैनात हैं। गौतमपुरी मोहल्ला स्थित दो मंजिला पैतृक मकान में अखिलेश और उनकी पत्नी पूनम के अलावा नौ वर्षीय बेटी रहती है। पति की मौत की सूचना से बदहवास पूनम ने बताया कि दोनों के बीच कभी कलह नहीं हुई। फिर ऐसी क्या बात हुई जो अखिलेश को मौत की तरफ धकेल ले गई। आत्महत्या की वजह को लेकर पुलिस फिलहाल इसी नतीजे पर पहुंची है कि शराब को लेकर परिवार में कोई ऐसी बात हो सकती है जो अखिलेश के आत्महत्या कर लेने का कारण रही हो।