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Budaun News: 17 से यदु और 21 नवंबर से सहकारी चीनी मिल में शुरू होगा पेराई सत्र
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बदायूं। जिले में दो चीनी मिलें संचालित हैं, दोनों ने अपने-अपने पेराई सत्र की तिथि स्पष्ट कर दी है। इसके तहत यदु शुगर मिल जहां 17 नवंबर से पेराई शुरू करेगी। वहीं द किसान सहकारी चीनी मिल 21 नवंबर से गन्ने की खरीद व पेराई प्रारंभ शुरू करेगी। दोनों मिलों ने किसानों की सुविधा को देखते हुए क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली हैं।
जिले में इस बार लगभग 17 हजार हेक्टेयर में गन्ना बोया गया है। यह रकबा पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1,300 हेक्टेयर कम है। बावजूद इसके कृषि विभाग और मिल प्रशासन का अनुमान है कि इस बार फसल की गुणवत्ता बेहतर रहने से उत्पादन में बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले वर्ष जिले में 53 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी, जबकि इस बार विभाग ने लगभग 60 लाख क्विंटल पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया है।
यदु शुगर मिल के जिले भर में 43 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं द किसान सहकारी चीनी मिल पर गेट पास के अलावा कथौली पर गन्ना क्रय सेंटर बनाया गया है। सहकारी चीनी मिल ने अपने सभी क्रय केंद्रों पर मशीनों की जांच, कंटेनर लाइनिंग और स्टाफ की तैनाती पूरी कर ली गई है।
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सात चीनी मिलों के भी लगते हैं कांटे
जिले में स्थापित द किसान सहकारी चीनी, यदु शुगर मिल के अलावा अन्य जनपदों की सात चीनी मिलों के भी कांटे यहां लगाए गए हैं। जहां पर गन्ने की तौल शुरू कर दी गई है। इसमें शाहबाद चीनी मिल के आठ, राणा शुगर मिल के आठ, रुपापुर चीनी मिल पर छह, रजपुरा चीनी मिले के छह, द्वारकेश चीनी मिल के तीन और वीनस का एक केंद्र है। वहीं, न्यौली चीनी मिल के नौ केंद्र हैं। वहां पर अभी एक भी केंद्र शुरू नहीं हो सका है।
किसानों की चिंता, भुगतान समय से मिले
कई किसानों ने बताया कि वे मिलों के समय से शुरू होने को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन भुगतान में देरी को लेकर अब भी आशंकित हैं। किसानों ने प्रशासन और मिलों से आग्रह किया है कि वे भुगतान समय से कराएं। तौल प्रक्रिया पारदर्शी रखें। जिला प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दोनों चीनी मिलों की ओर से अगले सप्ताह में पेराई सत्र शुरू करने की बात कही गई है। - अशर्फी लाल, जिला गन्ना अधिकारी
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जिले में इस बार लगभग 17 हजार हेक्टेयर में गन्ना बोया गया है। यह रकबा पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1,300 हेक्टेयर कम है। बावजूद इसके कृषि विभाग और मिल प्रशासन का अनुमान है कि इस बार फसल की गुणवत्ता बेहतर रहने से उत्पादन में बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले वर्ष जिले में 53 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी, जबकि इस बार विभाग ने लगभग 60 लाख क्विंटल पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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यदु शुगर मिल के जिले भर में 43 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं द किसान सहकारी चीनी मिल पर गेट पास के अलावा कथौली पर गन्ना क्रय सेंटर बनाया गया है। सहकारी चीनी मिल ने अपने सभी क्रय केंद्रों पर मशीनों की जांच, कंटेनर लाइनिंग और स्टाफ की तैनाती पूरी कर ली गई है।
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सात चीनी मिलों के भी लगते हैं कांटे
जिले में स्थापित द किसान सहकारी चीनी, यदु शुगर मिल के अलावा अन्य जनपदों की सात चीनी मिलों के भी कांटे यहां लगाए गए हैं। जहां पर गन्ने की तौल शुरू कर दी गई है। इसमें शाहबाद चीनी मिल के आठ, राणा शुगर मिल के आठ, रुपापुर चीनी मिल पर छह, रजपुरा चीनी मिले के छह, द्वारकेश चीनी मिल के तीन और वीनस का एक केंद्र है। वहीं, न्यौली चीनी मिल के नौ केंद्र हैं। वहां पर अभी एक भी केंद्र शुरू नहीं हो सका है।
किसानों की चिंता, भुगतान समय से मिले
कई किसानों ने बताया कि वे मिलों के समय से शुरू होने को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन भुगतान में देरी को लेकर अब भी आशंकित हैं। किसानों ने प्रशासन और मिलों से आग्रह किया है कि वे भुगतान समय से कराएं। तौल प्रक्रिया पारदर्शी रखें। जिला प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दोनों चीनी मिलों की ओर से अगले सप्ताह में पेराई सत्र शुरू करने की बात कही गई है। - अशर्फी लाल, जिला गन्ना अधिकारी