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बिल को लेकर बेसिक शिक्षा और विद्युत विभाग में ठनी
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 14 Jan 2017 11:54 PM IST
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बेसिक शिक्षा विभाग पर बिजली बिल का 8.04 करोड़ बकाया, नहीं हो रहा भुगतान
जिला बेसिक शिक्षा विभाग पर विद्युत विभाग का बकाया करीब 8.04 करोड़ रुपये को लेकर दोनों विभागों के अधिकारियों में ठन गई है। विद्युत विभाग जहां बिजली बिल वसूली की बात कर रहा है। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि बिजली विभाग ने स्कूलों में विद्युत सप्लाई की ही नहीं है। इसे लेकर दोनों विभागों में विवाद की स्थिति बन सकती है।
जिले में 2458 परिषदीय विद्यालय में संचालित हो रहे हैं, जिसमें करीब एक हजार स्कूलों में विद्युतीकरण कार्य हो चुका है, लेकिन उसके बाद कहीं केबिल चोरी हो गई तो कहीं केबिल जल जाने के बाद से बिजली सप्लाई बाधित हो गई। वहीं, बिजली बिल लगातार बेसिक शिक्षा विभाग पर बढ़ता ही जा रहा है। अब तक जिले के तीनों विद्युत वितरण खंड 804 लाख रुपये बकाया है। इस बकाया बिल को लेकर दोनों विभागों के अधिकारियों में मतभेद हो गया है। बीएसए कह रहे हैं कि अधिकांश स्कूलों में बिजली सप्लाई ही नहीं की जा रही है, जबकि बिल बढ़ाए चले जा रहे हैं। वहीं, विद्युत विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि अगर खराबी है तो इससे अवगत कराया जाए, लाइन चालू की जाएगी। बिना शिकायत किए उन लोगों को कैसे मालूम होगा। विद्युत विभाग के अधिकारी का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग को बिल जमा कराने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
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विभाग धनराशि
1. विद्युत वितरण खंड प्रथम 53 लाख
2. विद्युत वितरण खंड द्वितीय 505 लाख
3. विद्युत वितरण खंड तृतीय 246 लाख
कुल बकाया 804 लाख
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परिषदीय स्कूलों में नियमित बिजली सप्लाई नहीं की जा रही है। कनेक्शन जोड़ने में होने वाली खामी को दूर करने के लिए विद्युत विभाग को कहा जा चुका है। बिजली बिलों को संशोधित कराने और शासन से धनराशि मिलने के बाद बकाया राशि जमा कराई जाएगी। कई स्कूलों की स्थिति तो बदहाल है।
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-पीसी यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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विद्युतीकरण कराने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को इसका सत्यापन कराकर दिया गया था। अगर शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों में मेंटेन नहीं करते हैं तो इसमें विद्युत विभाग की जिम्मेदारी नहीं होगी। अगर कोई खराबी है तो उन स्कूलों की सूची दें, वहां पर सप्लाई सही कराई जाएगी।
-छैलबिहारी, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड द्वितीय
जिला बेसिक शिक्षा विभाग पर विद्युत विभाग का बकाया करीब 8.04 करोड़ रुपये को लेकर दोनों विभागों के अधिकारियों में ठन गई है। विद्युत विभाग जहां बिजली बिल वसूली की बात कर रहा है। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि बिजली विभाग ने स्कूलों में विद्युत सप्लाई की ही नहीं है। इसे लेकर दोनों विभागों में विवाद की स्थिति बन सकती है।
जिले में 2458 परिषदीय विद्यालय में संचालित हो रहे हैं, जिसमें करीब एक हजार स्कूलों में विद्युतीकरण कार्य हो चुका है, लेकिन उसके बाद कहीं केबिल चोरी हो गई तो कहीं केबिल जल जाने के बाद से बिजली सप्लाई बाधित हो गई। वहीं, बिजली बिल लगातार बेसिक शिक्षा विभाग पर बढ़ता ही जा रहा है। अब तक जिले के तीनों विद्युत वितरण खंड 804 लाख रुपये बकाया है। इस बकाया बिल को लेकर दोनों विभागों के अधिकारियों में मतभेद हो गया है। बीएसए कह रहे हैं कि अधिकांश स्कूलों में बिजली सप्लाई ही नहीं की जा रही है, जबकि बिल बढ़ाए चले जा रहे हैं। वहीं, विद्युत विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि अगर खराबी है तो इससे अवगत कराया जाए, लाइन चालू की जाएगी। बिना शिकायत किए उन लोगों को कैसे मालूम होगा। विद्युत विभाग के अधिकारी का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग को बिल जमा कराने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
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विभाग धनराशि
1. विद्युत वितरण खंड प्रथम 53 लाख
2. विद्युत वितरण खंड द्वितीय 505 लाख
3. विद्युत वितरण खंड तृतीय 246 लाख
कुल बकाया 804 लाख
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परिषदीय स्कूलों में नियमित बिजली सप्लाई नहीं की जा रही है। कनेक्शन जोड़ने में होने वाली खामी को दूर करने के लिए विद्युत विभाग को कहा जा चुका है। बिजली बिलों को संशोधित कराने और शासन से धनराशि मिलने के बाद बकाया राशि जमा कराई जाएगी। कई स्कूलों की स्थिति तो बदहाल है।
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-पीसी यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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विद्युतीकरण कराने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को इसका सत्यापन कराकर दिया गया था। अगर शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों में मेंटेन नहीं करते हैं तो इसमें विद्युत विभाग की जिम्मेदारी नहीं होगी। अगर कोई खराबी है तो उन स्कूलों की सूची दें, वहां पर सप्लाई सही कराई जाएगी।
-छैलबिहारी, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड द्वितीय