{"_id":"5ea46f728ebc3e907664a90c","slug":"tendua-danger-badaun-news-bly4038377195","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलापुर इलाके में तेंदुए के पद चिह्न मिले, दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलापुर इलाके में तेंदुए के पद चिह्न मिले, दहशत
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अलापुर। क्षेत्र के गांव कटिया, फरीदपुर ककराला टाउन में तेंदुआ की मौजूदगी की पुष्टि हो गई है। शनिवार को वन संरक्षक बरेली जावेद अख्तर के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने जंगल में कांबिंग की। इस दौरान कई स्थानों पर तेंदुआ के पगचिह्न मिले हैं। हालांकि, जंगली जानवर के हमले के शिकार नूरूल के अलावा अन्य कोई ग्रामीण इलाके में तेंदुआ को देखने की बात नहीं कह रहा है।
ककराला कस्बे के वार्ड नंबर 22 का नूरूल शुक्रवार को खेत पर गेहूं काट रहा था। इस दौरान उस पर किसी जंगली जानवर ने हमला कर दिया था। 112 पर सूचना दी गई तो पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंच गई। विभाग की टीम ने जंगल में कांबिंग करने के साथ नूरूल के शरीर पर जख्मों को भी देखा। इसके बाद तेंदुआ के पगचिह्न नहीं मिलने और लकड़बग्घा के हमला करने की बात कही गई थी।
इस बारे में सूचना मिलने पर वन संरक्षक बरेली जावेद अख्तर, डीएफओ ईशा तिवारी शनिवार को मौके पर पहुंचे। उन्होंने वन क्षेत्राधिकारी रविंद्र सिंह बिष्ट समेत टीम के साथ जंगल में कई घंटे कांबिंग की। इस दौरान टीम को कई स्थानों पर तेंदुआ के पगचिह्न मिले हैँ। टीम ने नूरूल के जख्मों को भी देखा। हालांकि, उसके शरीर पर जख्म तेंदुआ के हमले जैसे न होने की बात कही है। तेंदुआ के खतरे को देखते हुए इलाके में दहशत फैल गई है। डीएफओ के निर्देश पर तीन टीमों को तेंदुआ की तलाश में लगाया गया है। वन दरोगा नरेश सिंह राठौर, हुकुमसिंह, वन संरक्षक दातागंज राम सिंह शाक्य, राजीव वर्मा, धर्मेंद्र कुमार, प्रेम लाल को कांबिंग टीमों में शामिल किया गया है।
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... तो स्थानीय वन कर्मियों से हो गई चूक
नूरूल पर हमले के बाद दातागंज तहसील के वन क्षेत्राधिकारी रविंद्र सिंह बिष्ट के निर्देशन में शुक्रवार को वन विभाग की टीम ने कटिया के जंगल का निरीक्षण किया था। टीम ने तेंदुआ के पगचिह्न न मिलने और नूरूल के शरीर पर लकड़बग्घा के हमले के जख्म होने की बात कही थी।
सहसवान में ग्रामीणों ने घेरकर तेंदुआ को मार डाला था
सामने आई थी वन विभाग की लापरवाही, एसटीएफ कर रही जांच
बदायूं। वन्य जीवों को लेकर वन विभाग की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। करीब साढ़े तीन महीने पहले सहसवान के गांव रसूलपुर बेला के जंगल में तेंदुआ ने हमला कर तीन किसानों को घायल कर दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने तेंदुआ को घेरकर मार डाला था। सूचना मिलने के बाद भी वन विभाग की टीम आठ घंटे के बाद तेंदुआ का शव उठाने पहुंची थी। इस मामले में दो वन कर्मियों को निलंबित करने के साथ डीएफओ राजेश सिंह को हटा दिया गया था।
जिले में तेंदुआ होने की पुष्टि साढ़े तीन महीने में दूसरी बार हुई है। इस बार वन विभाग कोई चूक नहीं करना चाहता। सहसवान में तेंदुआ की हत्या के मामले में आठ नामजद और 35 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। साढ़े तीन महीने के बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इधर तेंदुआ पर हमले की जांच कर रही एसटीएफ की जांच भी अब तक पूरी नहीं हुई है। अब अलापुर क्षेत्र में तेंदुआ होने की पुष्टि होने के बाद वन विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है। लोगों को खेतों में फिलहाल न जाने की हिदायत दी जा रही है।
कटिया फरीदपुर ककराला टाउन के जंगल में कांबिंग के दौरान तेंदुआ के पगचिह्न मिले हैं। कांबिंग में टीमों को लगाया गया है। तेंदुआ को जल्द पकड़ लिया जाएगा। लोगों से फिलहाल जंगल में न जाने की अपील की जा रही है। पूरी सख्ती के साथ निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। - जावेद अख्तर, वन संरक्षक बरेली
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ककराला कस्बे के वार्ड नंबर 22 का नूरूल शुक्रवार को खेत पर गेहूं काट रहा था। इस दौरान उस पर किसी जंगली जानवर ने हमला कर दिया था। 112 पर सूचना दी गई तो पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंच गई। विभाग की टीम ने जंगल में कांबिंग करने के साथ नूरूल के शरीर पर जख्मों को भी देखा। इसके बाद तेंदुआ के पगचिह्न नहीं मिलने और लकड़बग्घा के हमला करने की बात कही गई थी।
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इस बारे में सूचना मिलने पर वन संरक्षक बरेली जावेद अख्तर, डीएफओ ईशा तिवारी शनिवार को मौके पर पहुंचे। उन्होंने वन क्षेत्राधिकारी रविंद्र सिंह बिष्ट समेत टीम के साथ जंगल में कई घंटे कांबिंग की। इस दौरान टीम को कई स्थानों पर तेंदुआ के पगचिह्न मिले हैँ। टीम ने नूरूल के जख्मों को भी देखा। हालांकि, उसके शरीर पर जख्म तेंदुआ के हमले जैसे न होने की बात कही है। तेंदुआ के खतरे को देखते हुए इलाके में दहशत फैल गई है। डीएफओ के निर्देश पर तीन टीमों को तेंदुआ की तलाश में लगाया गया है। वन दरोगा नरेश सिंह राठौर, हुकुमसिंह, वन संरक्षक दातागंज राम सिंह शाक्य, राजीव वर्मा, धर्मेंद्र कुमार, प्रेम लाल को कांबिंग टीमों में शामिल किया गया है।
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... तो स्थानीय वन कर्मियों से हो गई चूक
नूरूल पर हमले के बाद दातागंज तहसील के वन क्षेत्राधिकारी रविंद्र सिंह बिष्ट के निर्देशन में शुक्रवार को वन विभाग की टीम ने कटिया के जंगल का निरीक्षण किया था। टीम ने तेंदुआ के पगचिह्न न मिलने और नूरूल के शरीर पर लकड़बग्घा के हमले के जख्म होने की बात कही थी।
सहसवान में ग्रामीणों ने घेरकर तेंदुआ को मार डाला था
सामने आई थी वन विभाग की लापरवाही, एसटीएफ कर रही जांच
बदायूं। वन्य जीवों को लेकर वन विभाग की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। करीब साढ़े तीन महीने पहले सहसवान के गांव रसूलपुर बेला के जंगल में तेंदुआ ने हमला कर तीन किसानों को घायल कर दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने तेंदुआ को घेरकर मार डाला था। सूचना मिलने के बाद भी वन विभाग की टीम आठ घंटे के बाद तेंदुआ का शव उठाने पहुंची थी। इस मामले में दो वन कर्मियों को निलंबित करने के साथ डीएफओ राजेश सिंह को हटा दिया गया था।
जिले में तेंदुआ होने की पुष्टि साढ़े तीन महीने में दूसरी बार हुई है। इस बार वन विभाग कोई चूक नहीं करना चाहता। सहसवान में तेंदुआ की हत्या के मामले में आठ नामजद और 35 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। साढ़े तीन महीने के बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इधर तेंदुआ पर हमले की जांच कर रही एसटीएफ की जांच भी अब तक पूरी नहीं हुई है। अब अलापुर क्षेत्र में तेंदुआ होने की पुष्टि होने के बाद वन विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है। लोगों को खेतों में फिलहाल न जाने की हिदायत दी जा रही है।
कटिया फरीदपुर ककराला टाउन के जंगल में कांबिंग के दौरान तेंदुआ के पगचिह्न मिले हैं। कांबिंग में टीमों को लगाया गया है। तेंदुआ को जल्द पकड़ लिया जाएगा। लोगों से फिलहाल जंगल में न जाने की अपील की जा रही है। पूरी सख्ती के साथ निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। - जावेद अख्तर, वन संरक्षक बरेली