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Budaun: काजल हत्याकांड में साढू को पकड़कर दोनों से अलग-अलग की पूछताछ तो हुआ राजफाश, हर बार आरोपी देता रहा चकमा
Sun, 09 Oct 2022 12:28 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 09 Oct 2022 12:28 AM IST
सार
काजल की हत्या के बाद प्रदीप को कई बार कोतवाली बुलाया गया था, लेकिन वह बेचारा बनकर हर बार बचकर निकलता रहा। पिछले दिनों कोतवाली में नए इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह ने चार्ज संभाला तो काजल के परिजन उनसे मिले और प्रदीप पर शक जताते हुए जांच तेज करने की मांग की। इसके बाद पुलिस ने नए सिरे से प्रदीप से पूछताछ शुरू की थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
बदायूं के उझानी में मासूम काजल की हत्या में पकड़े गए गांव के ही प्रदीप से पहले भी चार बार पूछताछ की जा चुकी थी, लेकिन वह कभी असहज नहीं हुआ। यही वजह रही कि हर बार वह पूछताछ के बाद साफ बचकर निकल गया। हाल ही में जब उससे फिर पूछताछ हुई तो पुलिस को उसके साढ़ू वीरेंद्र पर भी शक हो गया। जब वीरेंद्र को पकड़कर दोनों से अलग-अलग पूछा गया तो हत्या का राजफाश हो गया।
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काजल की हत्या के बाद प्रदीप को कई बार कोतवाली बुलाया गया था, लेकिन वह बेचारा बनकर हर बार बचकर निकलता रहा। पिछले दिनों कोतवाली में नए इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह ने चार्ज संभाला तो काजल के परिजन उनसे मिले और प्रदीप पर शक जताते हुए जांच तेज करने की मांग की। इसके बाद पुलिस ने नए सिरे से प्रदीप से पूछताछ शुरू की।
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इसी दौरान प्रदीप ने साढ़ू का जिक्र किया तो पुलिस को उसके साढ़ू पूर्व प्रधान वीरेंद्र पर भी शक हुआ। इस पर शनिवार को पुलिस ने पहले प्रदीप, फिर उसके साढ़ू वीरेंद्र से अलग-अलग पूछताछ की। दोनों की कुछ बातों में विरोधाभास दिखने पर उनका आमना-सामना कराया गया। फिर सबसे पहले प्रदीप खुला, फिर वीरेंद्र ने भी जुबां खोल दी। दोनों ने बताया कि बंद पड़े सरकारी नलकूप के बोरवेल में प्लास्टिक के बोरे में काजल का शव फेंका था। बोरवेल छह-सात फुट गहरा है। इसके बाद प्लास्टिक के बोरे समेत बच्ची का सड़ा-गला व क्षतविक्षत शव पुलिस ने निकाला।
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घटना वाले दिन साढ़ू संग प्रदीप ने पी थी शराब
तीन मई को प्रदीप और उसका साढ़ू वीरेंद्र बाइक से बुटला बोर्ड पर पहुंचे। दोनों ने ठेके से शराब खरीदी और जमकर पी। इसके बाद बाइक से दोनों गांव लौटे, तभी गलियारे में प्रदीप की नजर काजल पर पड़ी थी। प्रदीप ने नशे की हालत में काजल पर बाइक चढ़ा दी। उस वक्त बूंदाबांदी हो रही थी, इसलिए गलियारे में कोई नहीं था। वह काजल को बेहोशी की हालत में उठाकर घर ले गया, तब भी किसी ने उसे नहीं देखा। बताते हैं कि काजल की गुमशुदगी के बाद प्रदीप ने एक बार हृदेश पर हमला भी किया था।