{"_id":"4137bb57cf76e5e163298de2001eb964","slug":"suger-mill-hindi-news-7","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाटे से उबरने लगी शेखूपुर चीनी मिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाटे से उबरने लगी शेखूपुर चीनी मिल
बदायूं।
Updated Tue, 17 Feb 2015 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले की इकलौती सहकारी क्षेत्र की शेखूपुर चीनी मिल घाटे से उबरने लगी है। गन्ना पेराई में रिकवरी बढ़ने से मिल को चालू पेराई सत्र में कुछ फायदा होता दिख रहा है। शेखूपुर चीनी मिल में पेराई 14 दिसंबर से शुरू हुई थी। अब तक मिल 7.50 लाख कुंतल गन्ना की पेराई करके 56 हजार बोरा चीनी बना चुकी है। पिछले महीने सिर्फ एक बार मिल नो केन में बंद रखनी पड़ी थी।
चालू पेराई सत्र में शेखूपुर चीनी मिल के लिए 6001 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल आवंटित किया गया। चालू पेराई सत्र में मिल को 36.79 लाख कुंतल गन्ना पेराई का लक्ष्य दिया गया है। दो महीने में चीनी मिल ने 7.50 लाख कुंतल गन्ना पेराई करके 56 हजार बोरा चीनी का उत्पादन किया है। उत्पादित चीनी की कीमत करीब 18.48 करोड़ है। जबकि खरीदे गए गन्ने की कीमत 17.25 करोड़ रुपये है।
पिछले पेराई सत्र में प्रति कुंतल गन्ना पेराई पर रिकवरी 7.02 किलोग्राम आती थी। चालू पेराई सत्र में प्रति कुंतल पर 8.15 किलोग्राम रिकवरी आ रही है। दो महीने की पेराई पर नजर डालें तो इस बार मिल को कुछ मुनाफा होता नजर आ रहा है। हालांकि पिछले सालों में मिल करोड़ों के घाटे में पहुंच चुकी है। यह घाटा आसानी से पूरा होता नजर नहीं आ रहा।
विज्ञापन
पुराने पैटर्न की मशीनों के जरिए हम अच्छी रिकवरी ले रहे हैं। मिल पूरी क्षमता से चल रही है। उम्मीद है कि किसानों के शत प्रतिशत गन्ना की पेराई की जाएगी और भुगतान भी समय से होगा।
-राजीव जैन, जीएम
विज्ञापन
चालू पेराई सत्र में शेखूपुर चीनी मिल के लिए 6001 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल आवंटित किया गया। चालू पेराई सत्र में मिल को 36.79 लाख कुंतल गन्ना पेराई का लक्ष्य दिया गया है। दो महीने में चीनी मिल ने 7.50 लाख कुंतल गन्ना पेराई करके 56 हजार बोरा चीनी का उत्पादन किया है। उत्पादित चीनी की कीमत करीब 18.48 करोड़ है। जबकि खरीदे गए गन्ने की कीमत 17.25 करोड़ रुपये है।
विज्ञापन
पिछले पेराई सत्र में प्रति कुंतल गन्ना पेराई पर रिकवरी 7.02 किलोग्राम आती थी। चालू पेराई सत्र में प्रति कुंतल पर 8.15 किलोग्राम रिकवरी आ रही है। दो महीने की पेराई पर नजर डालें तो इस बार मिल को कुछ मुनाफा होता नजर आ रहा है। हालांकि पिछले सालों में मिल करोड़ों के घाटे में पहुंच चुकी है। यह घाटा आसानी से पूरा होता नजर नहीं आ रहा।
विज्ञापन
पुराने पैटर्न की मशीनों के जरिए हम अच्छी रिकवरी ले रहे हैं। मिल पूरी क्षमता से चल रही है। उम्मीद है कि किसानों के शत प्रतिशत गन्ना की पेराई की जाएगी और भुगतान भी समय से होगा।
-राजीव जैन, जीएम