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नहीं पहुंचीं छात्राएं, बंद रहा सैदपुर जीजीआईसी
ब्यूरो/बदायूं
Updated Sat, 08 Oct 2016 12:23 AM IST
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सैदपुर स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में दूसरे दिन भी शिक्षण कार्य ठप रहा। गुरुवार को कॉलेज पर हमला कर प्रधानाचार्य की पिटाई और तोड़फोड़ की घटना के बाद शुक्रवार को छात्राएं विद्यालय नहीं पहुंचीं। प्रधानाचार्य सुधीर यादव और बाकी स्टाफ भी नदारद रहा। ऐसे में कॉलेज में ताले पड़े रहे।
सैदपुर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में इसी सत्र से पढ़ाई शुरू हुई है। कॉलेज को फिलहाल जीआईसी बदायूं से अटैच रखा गया है। गुरुवार को एक अभिभावक ने प्रधानाचार्य सुधीर यादव पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इसके बाद सैकड़ों लोगों ने कॉलेज पर धावा बोलकर न सिर्फ तोड़फोड़ की बल्कि प्रधानाचार्य की पिटाई भी कर दी। इससे यहां हड़कंप मच गया। छात्रा के पिता ने प्रधानाचार्य के खिलाफ छेड़छाड़ तो प्रधानाचार्य की ओर से सरकारी काम में बाधा पहुंचाना, कॉलेज में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई थी।
इसके बाद दोनों पक्षों को पुलिस ने थाने बुलाया। नगर पंचायत चेयरमैन इशरत अली की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। इधर, शुक्रवार को कॉलेज सूना पड़ा रहा। छात्राएं कॉलेज पहुंची ही नहीं। प्रधानाचार्य और बाकी स्टाफ भी नदारद रहा। कस्बे के लोगों की मांग है कि कॉलेज में पुरुष स्टाफ को हटाकर महिला स्टाफ की तैनाती की जाए। जब तक महिला स्टाफ की तैनाती नहीं होगी वह छात्राओं को कॉलेज नहीं भेजेंगे।
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सैदपुर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में इसी सत्र से पढ़ाई शुरू हुई है। कॉलेज को फिलहाल जीआईसी बदायूं से अटैच रखा गया है। गुरुवार को एक अभिभावक ने प्रधानाचार्य सुधीर यादव पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इसके बाद सैकड़ों लोगों ने कॉलेज पर धावा बोलकर न सिर्फ तोड़फोड़ की बल्कि प्रधानाचार्य की पिटाई भी कर दी। इससे यहां हड़कंप मच गया। छात्रा के पिता ने प्रधानाचार्य के खिलाफ छेड़छाड़ तो प्रधानाचार्य की ओर से सरकारी काम में बाधा पहुंचाना, कॉलेज में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई थी।
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इसके बाद दोनों पक्षों को पुलिस ने थाने बुलाया। नगर पंचायत चेयरमैन इशरत अली की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। इधर, शुक्रवार को कॉलेज सूना पड़ा रहा। छात्राएं कॉलेज पहुंची ही नहीं। प्रधानाचार्य और बाकी स्टाफ भी नदारद रहा। कस्बे के लोगों की मांग है कि कॉलेज में पुरुष स्टाफ को हटाकर महिला स्टाफ की तैनाती की जाए। जब तक महिला स्टाफ की तैनाती नहीं होगी वह छात्राओं को कॉलेज नहीं भेजेंगे।
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