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Budaun News: बिना शिक्षकों के विद्यार्थी कर रहे राजनीति व समाजशास्त्र की पढ़ाई

Thu, 25 Sep 2025 01:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 25 Sep 2025 01:45 AM IST
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Students are studying politics and sociology without teachers.
दमयंती राज आनंद राजकीय डिग्री कॉलेज में पढ़ते छात्र-छात्राएं। संवाद - फोटो : किशनी किंग्स टीम के खिलाड़ी अमित राजपूत मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्राप्त करते हुए।
बदायूं। बिसौली में स्थित दमयंती राज आनंद राजकीय डिग्री कॉलेज में शिक्षकों की कमी छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर प्रभाव डाल रही है। कॉलेज में फिलहाल राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र और अंग्रेजी से एमए व वाणिज्य से एमकॉम की कक्षाएं भी संचालित होती हैं। इनमें करीब 480 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें से राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र का कोई भी प्राध्यापक कॉलेज में तैनात नहीं है। छात्र-छात्राएं कॉलेज से केवल परीक्षा देकर डिग्री लेने के लिए आ रहे हैं।
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डिग्री कॉलेज में बीए, बीएससी, बीकॉम से लेकर एमए राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र और अंग्रेजी तक है। साथ ही वाणिज्य से एमकाॅम भी संचालित है। यहां पर कई विषयों के नियमित अध्यापक नहीं होने के कारण पढ़ाई बाधित रहती है। कॉलेज प्रशासन की ओर से छात्र-छात्राओं को कभी-कभी ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित कराई जाती हैं तो कभी नोट्स उपलब्ध कराकर खानापूर्ति की जाती है। अधिकांश समय छात्र-छात्राओं को स्वयं ही तैयारी करनी पड़ती है। इससे उनके शैक्षणिक स्तर पर सीधा असर पड़ रहा है।
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एमए राजनीति शास्त्र में 160, समाजशास्त्र में 140, अंग्रेजी में 120 और एमकॉम वाणिज्य में 152 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। छात्र राहुल कुमार ने बताया कि राजनीति शास्त्र में एमए कर रहे हैं, लेकिन विभाग में प्राध्यापक न होने से पढ़ाई प्रभावित है। हम नोट्स और स्वाध्याय पर निर्भर हैं।
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एमए समाजशास्त्र की छात्रा प्रिया शर्मा ने कहा कि ऑनलाइन क्लास हर बार संभव नहीं होती। कई बार नेटवर्क की समस्या रहती है। ऐसे में हमें खुद तैयारी करनी पड़ती है। छात्रों ने कहा कि कॉलेज में रिक्त पदों पर जल्द से जल्द स्थायी प्राध्यापकों की तैनाती की जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते अध्यापकों की व्यवस्था नहीं की तो पढ़ाई चौपट हो जाएगी और परीक्षाओं में छात्रों का रिजल्ट प्रभावित होगा



संबद्धीकरण पर चल रही एक शिक्षक की नौकरी

दमयंती राज आनंद राजकीय डिग्री कॉलेज में पहले से शिक्षकों की कमी चल रही है। इसके बावजूद यहां पर तैनात प्राध्यापक राजनीति विज्ञान की सीमा रानी संबद्धीकरण पर चल रही हैं। वह राजकीय महाविद्यालय देवापुर में संबद्ध हैं।



शिक्षकों की कमी काफी परेशान कर रही है। यही वजह है कि कॉलेज में बेहद कम संख्या में छात्र-छात्राओं का रोजाना आना होता है। -यश माहेश्वरी




शिक्षा के लिए सबसे ज्यादा गुरु का होना आवश्यक है। बिना गुरु के पढ़ाई बेहतर तरीके से नहीं हो पाती है। ऐसे में ऑनलाइन कक्षाएं लेनी पड़ रही हैं। - मुश्लिमा


शिक्षकों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया है ताकि शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सके। -सपना भारती, प्राचार्य, दमयंती राज आनंद राजकीय डिग्री कॉलेज

दमयंती राज आनंद राजकीय डिग्री कॉलेज में पढ़ते छात्र-छात्राएं। संवाद

दमयंती राज आनंद राजकीय डिग्री कॉलेज में पढ़ते छात्र-छात्राएं। संवाद- फोटो : किशनी किंग्स टीम के खिलाड़ी अमित राजपूत मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्राप्त करते हुए।

दमयंती राज आनंद राजकीय डिग्री कॉलेज में पढ़ते छात्र-छात्राएं। संवाद

दमयंती राज आनंद राजकीय डिग्री कॉलेज में पढ़ते छात्र-छात्राएं। संवाद- फोटो : किशनी किंग्स टीम के खिलाड़ी अमित राजपूत मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्राप्त करते हुए।

दमयंती राज आनंद राजकीय डिग्री कॉलेज में पढ़ते छात्र-छात्राएं। संवाद

दमयंती राज आनंद राजकीय डिग्री कॉलेज में पढ़ते छात्र-छात्राएं। संवाद- फोटो : किशनी किंग्स टीम के खिलाड़ी अमित राजपूत मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्राप्त करते हुए।

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