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Budaun News: व्यावसायिक सिलिंडर फिर महंगा होने से स्ट्रीट वेंडर व होटल संचालक परेशान
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अरविंद
बदायूं। व्यावसायिक गैस सिलिंडर के दामों में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इससे स्ट्रीट वेंडर से लेकर हलवाई, होटल, रेस्टोरेंट संचालकों के सामने मुश्किलें बढ़ गई हैं। बार-बार बढ़ रही कीमतों से इस बार 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत 993 रुपये और बढ़ गई है। अब तक इसकी कीमत 2140 रुपये थी, जो अब 3133 रुपये हो गई है। कीमत में इतने उछाल का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।
एक साथ सिलिंडर पर 993 रुपये बढ़ने से ढाबे, होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और स्ट्रीट वेंडर्स सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। इससे होटलों में खाने के रेट बढ़ना तय है। इससे शादी-समारोह में कैटरर्स की बुकिंग भी महंगी हो जाएगी। खान-पान के दुकानदारों के मुताबिक, व्यावसायिक सिलिंडरों पर दो बार रुपये बढ़ चुके हैं।
स्ट्रीट वेंडर किशनलाल ने बताया कि वह पूर्व में ही अपने छोटे-भटूरे पर रुपये बढ़ा चुके हैं। इसके बाद से ग्राहक कम हो गए थे। अब इतने रुपये बढ़ने के बाद सामान पर रुपये बढ़ाए जाएंगे तो दुकानदारी ठप हो जाएगी। अब तो यह लग रहा है। यह धंधा बंद करके दूसरा काम देखना पड़ेगा।
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शादी वाले घरों मेें आएगी परेशानी
गैस की किल्लत के बाद शादी वाले परिवारों को आवेदन करने पर व्यावसायिक सिलिंडर ही दिए जा रहे थे। इसके लिए गैस एजेंसी पर पांच हजार रुपये जमा कराए जा रहे थे। अब 933 रुपये बढ़ने के बाद उनसे 6000 रुपये लिए जाएंगे। इससे उन पर अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा। इसी के साथ कैटरिंग की बुकिंग करने वाले कैटर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने इस सीजन की बुकिंग तो कर ली थी, लेकिन सिलिंडर पर 933 रुपये बढ़ने के साथ ही उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कैटर्स सोनू के मुताबिक, सिलिंडरों पर बढ़े हुए रुपये का बोझ उन्हें खुद ही उठाना होगा।
-- -- स्ट्रीट वेंडर्स ने बताई अपनी-अपनी परेशानी-- --
टिक्की-बतासे का ठेला लगाने वाले अरविंद ने बताया कि गैस की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही। उसके बाद गैस पर बढ़ते हुए दामों से काम करना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे हालात रहे तो काम बंद करना पड़ेगा।
कचहरी रोड पर खाना का टिफिन बनाने वाले किशोर ने बताया कि गैस किल्लत से पहले वह 50 रुपये में लोगों को भरपेट खाना खिलाते थे। दाम बढ़ने के साथ 60 रुपये डायट कर दी थी। अब फिर से गैस के दाम बढ़ने के बाद समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।
नाश्ते और खाने की दुकान चलाने वाले मयंक ने बताया कि सिलिंडर पर बढ़ रहे दामों को देखते हुए पहले ही खानपान के सामान पर रुपये बढ़ा दिए गए थे। अब अचानक से इतने रुपये बढ़ने के बाद, अब रुपये बढ़ाए तो व्यापार घटेगा।
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एक साथ सिलिंडर पर 993 रुपये बढ़ने से ढाबे, होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और स्ट्रीट वेंडर्स सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। इससे होटलों में खाने के रेट बढ़ना तय है। इससे शादी-समारोह में कैटरर्स की बुकिंग भी महंगी हो जाएगी। खान-पान के दुकानदारों के मुताबिक, व्यावसायिक सिलिंडरों पर दो बार रुपये बढ़ चुके हैं।
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स्ट्रीट वेंडर किशनलाल ने बताया कि वह पूर्व में ही अपने छोटे-भटूरे पर रुपये बढ़ा चुके हैं। इसके बाद से ग्राहक कम हो गए थे। अब इतने रुपये बढ़ने के बाद सामान पर रुपये बढ़ाए जाएंगे तो दुकानदारी ठप हो जाएगी। अब तो यह लग रहा है। यह धंधा बंद करके दूसरा काम देखना पड़ेगा।
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शादी वाले घरों मेें आएगी परेशानी
गैस की किल्लत के बाद शादी वाले परिवारों को आवेदन करने पर व्यावसायिक सिलिंडर ही दिए जा रहे थे। इसके लिए गैस एजेंसी पर पांच हजार रुपये जमा कराए जा रहे थे। अब 933 रुपये बढ़ने के बाद उनसे 6000 रुपये लिए जाएंगे। इससे उन पर अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा। इसी के साथ कैटरिंग की बुकिंग करने वाले कैटर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने इस सीजन की बुकिंग तो कर ली थी, लेकिन सिलिंडर पर 933 रुपये बढ़ने के साथ ही उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कैटर्स सोनू के मुताबिक, सिलिंडरों पर बढ़े हुए रुपये का बोझ उन्हें खुद ही उठाना होगा।
टिक्की-बतासे का ठेला लगाने वाले अरविंद ने बताया कि गैस की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही। उसके बाद गैस पर बढ़ते हुए दामों से काम करना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे हालात रहे तो काम बंद करना पड़ेगा।
कचहरी रोड पर खाना का टिफिन बनाने वाले किशोर ने बताया कि गैस किल्लत से पहले वह 50 रुपये में लोगों को भरपेट खाना खिलाते थे। दाम बढ़ने के साथ 60 रुपये डायट कर दी थी। अब फिर से गैस के दाम बढ़ने के बाद समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।
नाश्ते और खाने की दुकान चलाने वाले मयंक ने बताया कि सिलिंडर पर बढ़ रहे दामों को देखते हुए पहले ही खानपान के सामान पर रुपये बढ़ा दिए गए थे। अब अचानक से इतने रुपये बढ़ने के बाद, अब रुपये बढ़ाए तो व्यापार घटेगा।

अरविंद

अरविंद

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