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Budaun News: किसानों की मेहनत को तबाह कर रहे छुट्टा पशु
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कचहरी रोड पर घूमते छुट्टा पशु। संवाद
- फोटो : भाजपा कार्यालय में जिलाध्यक्ष पद के लिए नामांकन पर्चा दाखिल करते भाजपाई।
कादरचौक। कादरचौक एवं आसपास के गांवों में छुट्टा पशुओं की संख्या काफी बढ़ रही है। किसानों को सर्द पूस की रात में खेत में खड़ी फसल को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। लगातार छुट्टा पशु फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। इससे किसानों को रात में भी खेतों में पहरा देना पड़ रहा है।
कादरचौक ब्लॉक में 54 ग्राम पंचायत हैं। इनमें 16 ग्राम पंचायतों में ही छुट्टा पशुओं को संरक्षित करने के लिए गोशाला बनाई गईं हैं। इस कारण इन गांव में छुट्टा पशु रात में किसानों की फसल चौपट कर रहे हैं। वहीं सीमावर्ती कासगंज तक से लोग यहां गांव में लाकर पशुओं को छोड़ जाते हैं।
यही कारण है कि कस्बे में छुट्टा पशुओं की संख्या में खासा इजाफा हो गया है। ब्लॉक के तीन कलस्टर भमुईया भदसिया, गौरामयी और रमजानपुर में कोई गोशाला नहीं है। दर्जनों गांव में किसान रात भर पशुओं से फसल की रखवाली करते रहते हैं। किसानों का कहना है कि छुट्टा पशुओं को खेत में घुसने से रोकने के लिए दिन-रात पहरा देना पड़ रहा है। क्षेत्र में छुट्टा पशुओं की दिन-प्रतिदिन बढ़ती संख्या किसानों के लिए बड़ी आफत बन चुकी है। इन पशुओं के झुंड जिधर से भी गुजरते हैं। वहां खड़ी फसल को मिनटों में चौपट कर डालते हैं।
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ब्लॉक में 500 से ज्यादा छुट्टा पशु
ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक के 54 गांवों में 500 से ज्यादा छुट्टा पशु हैं। गंगा किनारे कटरी के इलाका होने के कारण दिन में पशु वहां चरते रहते हैं। रात में खेतों में घुस जाते हैं। ग्रामीण जब इन्हें खदेड़ते हैं तो ये गंगा किनारे कटरी में चले जाते हैं।
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कादरचौक ब्लॉक में 54 ग्राम पंचायत हैं। इनमें 16 ग्राम पंचायतों में ही छुट्टा पशुओं को संरक्षित करने के लिए गोशाला बनाई गईं हैं। इस कारण इन गांव में छुट्टा पशु रात में किसानों की फसल चौपट कर रहे हैं। वहीं सीमावर्ती कासगंज तक से लोग यहां गांव में लाकर पशुओं को छोड़ जाते हैं।
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यही कारण है कि कस्बे में छुट्टा पशुओं की संख्या में खासा इजाफा हो गया है। ब्लॉक के तीन कलस्टर भमुईया भदसिया, गौरामयी और रमजानपुर में कोई गोशाला नहीं है। दर्जनों गांव में किसान रात भर पशुओं से फसल की रखवाली करते रहते हैं। किसानों का कहना है कि छुट्टा पशुओं को खेत में घुसने से रोकने के लिए दिन-रात पहरा देना पड़ रहा है। क्षेत्र में छुट्टा पशुओं की दिन-प्रतिदिन बढ़ती संख्या किसानों के लिए बड़ी आफत बन चुकी है। इन पशुओं के झुंड जिधर से भी गुजरते हैं। वहां खड़ी फसल को मिनटों में चौपट कर डालते हैं।
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ब्लॉक में 500 से ज्यादा छुट्टा पशु
ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक के 54 गांवों में 500 से ज्यादा छुट्टा पशु हैं। गंगा किनारे कटरी के इलाका होने के कारण दिन में पशु वहां चरते रहते हैं। रात में खेतों में घुस जाते हैं। ग्रामीण जब इन्हें खदेड़ते हैं तो ये गंगा किनारे कटरी में चले जाते हैं।

कचहरी रोड पर घूमते छुट्टा पशु। संवाद- फोटो : भाजपा कार्यालय में जिलाध्यक्ष पद के लिए नामांकन पर्चा दाखिल करते भाजपाई।

कचहरी रोड पर घूमते छुट्टा पशु। संवाद- फोटो : भाजपा कार्यालय में जिलाध्यक्ष पद के लिए नामांकन पर्चा दाखिल करते भाजपाई।