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Budaun News: घरों में नहीं जले चूल्हे, शोक में डूबा रहा कस्बा
Sat, 29 Mar 2025 12:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sat, 29 Mar 2025 12:08 AM IST
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बिसौली में गमगीन बैठे मृतक मोहित राज के परिवार वाले। संवाद
बिसौली। अलीगढ़ हादसे में बिसौली कस्बे के तीन व्यापारियों की मौत से हर कोई गमजदा है। परिवार में मची चीत्कार की गूंज से आस पड़ोस के लोगों के दिल पसीज गए हैं। आसपास के लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले है। पूरा कस्बा शोक में डूबा हुआ है। हर किसी के जुबां पर बस यहीं शब्द है कि....कान्हा तूने यह क्या किया। शुक्रवार को व्यापारियों के घर पर परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता जुटा रहा।
बिसौली कस्बे के शशिकांत (52) पुत्र उमेश चंद्र, अंशुल (40) पुत्र दिनेश चंद्र, मोहितराज (50) पुत्र हरभवन राज, सचिन वार्ष्णेय (40) पुत्र देवकीनंदन, विकास (44) पुत्र अशोक कुमार बुधवार की देर रात गोवर्धन से भंडारा कर कार से वापस घर लौट रहे थे। इसी बीच अलीगढ़ के इगलास कोतवाली क्षेत्र में अज्ञात वाहन ने कार में टक्कर मार दी थी।
हादसे में विकास वार्ष्णेय उर्फ विक्की, सचिन वार्ष्णेय व मोहित राज की मौत हो गई थी। जबकि शशिकांत व अंशुल वार्ष्णेय गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों दोस्तों के शव बृहस्पतिवार दोपहर बाद घरों पर पहुंचे तो चारों ओर हाहाकार मच गया। तीन व्यापारियों की मौत से कस्बे के बाजार बंद रहे। तीनों व्यापारियों की शवयात्रा एक साथ निकलीं तो मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई। परिजनों ने सोत नदी के घाट पर तीन चिताओं को एक साथ मुखाग्नि दी।
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अधूरी रह गई अगले साल भंडारे की ख्वाहिश
बिसौली। गोवर्धन यात्रा में जगह-जगह भंडारे का आयोजन कराने वाली मित्र मंडली बुधवार शाम को बेहद खुश थी। मोहित राज बोले कि आज का दिन यादगार रहेगा। इस पर पांचों दोस्तों ने अगले वर्ष कुछ दिनों पहले ही मथुरा आकर व्यवस्था को और बेहतर तरीके से कराने का संकल्प लिया था, लेकिन होनी को तो कुछ और ही मंजूर था। मोहित राज के शब्द अंतिम शब्द साबित हो जाएंगे। शायद ही किसी को इसका आभास होगा।
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वापसी में बस से उतरकर कार में सवार हो गए थे पांचों दोस्त
बिसौली। गोवर्धन परिक्रमा व भंडारा आयोजन में नगर से दो बसों में भरकर श्रद्धालुओं का जत्था गया था। पांच दोस्तों में से विक्की, मोहित राज, शशिकांत व अंशुल बस में सवार थे। सचिन वार्ष्णेय स्लिप डिस्क से पीड़ित थे। इसलिए वह अपनी कार से बाद में रवाना हुए थे। चूंकि वह ड्राइविंग नहीं जानते थे, इसलिए चालक को साथ लेकर गए थे। वापसी में कार चालक को बस से भेज दिया और पांचों दोस्त कार में सवार हो गए। बताते हैं कि कार को अंशुल वार्ष्णेय चला कर रहे थे।
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बिसौली कस्बे के शशिकांत (52) पुत्र उमेश चंद्र, अंशुल (40) पुत्र दिनेश चंद्र, मोहितराज (50) पुत्र हरभवन राज, सचिन वार्ष्णेय (40) पुत्र देवकीनंदन, विकास (44) पुत्र अशोक कुमार बुधवार की देर रात गोवर्धन से भंडारा कर कार से वापस घर लौट रहे थे। इसी बीच अलीगढ़ के इगलास कोतवाली क्षेत्र में अज्ञात वाहन ने कार में टक्कर मार दी थी।
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हादसे में विकास वार्ष्णेय उर्फ विक्की, सचिन वार्ष्णेय व मोहित राज की मौत हो गई थी। जबकि शशिकांत व अंशुल वार्ष्णेय गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों दोस्तों के शव बृहस्पतिवार दोपहर बाद घरों पर पहुंचे तो चारों ओर हाहाकार मच गया। तीन व्यापारियों की मौत से कस्बे के बाजार बंद रहे। तीनों व्यापारियों की शवयात्रा एक साथ निकलीं तो मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई। परिजनों ने सोत नदी के घाट पर तीन चिताओं को एक साथ मुखाग्नि दी।
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अधूरी रह गई अगले साल भंडारे की ख्वाहिश
बिसौली। गोवर्धन यात्रा में जगह-जगह भंडारे का आयोजन कराने वाली मित्र मंडली बुधवार शाम को बेहद खुश थी। मोहित राज बोले कि आज का दिन यादगार रहेगा। इस पर पांचों दोस्तों ने अगले वर्ष कुछ दिनों पहले ही मथुरा आकर व्यवस्था को और बेहतर तरीके से कराने का संकल्प लिया था, लेकिन होनी को तो कुछ और ही मंजूर था। मोहित राज के शब्द अंतिम शब्द साबित हो जाएंगे। शायद ही किसी को इसका आभास होगा।
वापसी में बस से उतरकर कार में सवार हो गए थे पांचों दोस्त
बिसौली। गोवर्धन परिक्रमा व भंडारा आयोजन में नगर से दो बसों में भरकर श्रद्धालुओं का जत्था गया था। पांच दोस्तों में से विक्की, मोहित राज, शशिकांत व अंशुल बस में सवार थे। सचिन वार्ष्णेय स्लिप डिस्क से पीड़ित थे। इसलिए वह अपनी कार से बाद में रवाना हुए थे। चूंकि वह ड्राइविंग नहीं जानते थे, इसलिए चालक को साथ लेकर गए थे। वापसी में कार चालक को बस से भेज दिया और पांचों दोस्त कार में सवार हो गए। बताते हैं कि कार को अंशुल वार्ष्णेय चला कर रहे थे।