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Badaun Election 2022: सपा में बगावत के आसार, आबिद और काजी रिजवान के तेवर तल्ख
Sat, 29 Jan 2022 12:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jan 2022 12:04 AM IST
सार
आबिद रजा का कहना है कि दो साल तक उनको आश्वासन दिया जाता रहा। अब उनके साथ बड़ा धोखा किया गया है। काजी रिजवान भी अपने समर्थक और सहयोगियों से बात कर रहे हैं।
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समाजवादी पार्टी फाइल फोटो।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बदायूं शहर विधानसभा सीट को लेकर सपा में बगावत के आसार पैदा हो गए हैं। सपा से टिकट के दावेदार पूर्व विधायक आबिद रजा ने पार्टी पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए समर्थकों से कहा है कि उनके फैसले का इंतजार करें। दूसरे दावेदार रहे काजी मोहम्मद रिजवान के तेवर भी तल्ख हैं। वह शनिवार को मीडिया से बात करके अपनी आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे।
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बिसौली सुरक्षित सीट छोड़कर सपा ने इस बार चुनाव में सभी पांच सीटों पर प्रत्याशी बदल दिए हैं। सहसवान में विधायक ओमकार सिंह यादव के बेटे बृजेश यादव, शेखूपुर में पूर्व विधायक आशीष यादव के बेटे हिमांशु यादव को प्रत्याशी बनाया है। दातागंज में पूर्व विधायक प्रेमपाल सिंह यादव के बेटे अवनीश यादव भी दावेदार थे। यहां उनके स्थान पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चेतना सिंह के बेटे कैप्टन अर्जुन को प्रत्याशी बनाया है।
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शहर सीट पर लंबे समय तक संशय बना रहा। यहां से पूर्व विधायक आबिद रजा, बसपा छोड़ सपा में आए काजी मोहम्मद रिजवान, फखरे अहमद शोबी, राजीव राज की दावेदारी थी। सोमवार को सपा की ओर से काजी मोहम्मद रिजवान को प्रत्याशी बनाया गया था। तीन दिन के भीतर बृहस्पतिवार को हाजी रईस को प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। हाजी रईस ने शुक्रवार को नामांकन भी दाखिल कर दिया।
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इसके बाद आबिद रजा का रुख बागी हो गया है। आबिद रजा का कहना है कि दो साल तक उनको आश्वासन दिया जाता रहा। अब उनके साथ बड़ा धोखा किया गया है। काजी रिजवान भी अपने समर्थक और सहयोगियों से बात कर रहे हैं। रिजवान पक्ष की ओर से काजी रिजवान को मिला सिंबल शुक्रवार को सोशल मीडिया पर डालकर यह दर्शाने की कोशिश की गई कि उन्हें सिंबल भी मिल चुका था। इसके बाद भी पार्टी का साथ न मिलने पर उन्होंने नामांकन नहीं कराया।
वह शनिवार को मीडिया से बात कर अपनी रणनीति का खुलासा कर सकते हैं। इससे पहले शेखूपुर सीट से सपा के टिकट के दावेदार पूर्व विधायक मुस्लिम खां बागी होकर बसपा के टिकट पर मैदान में उतर चुके हैं। सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह के बेटे अवनीश यादव खुद दातागंज से निर्दलीय नामांकन करा चुके हैं।
लगातार दो साल से आश्वासन के बाद हमारे साथ बड़ा धोखा किया गया। बदायूं सदर से प्रत्याशी को और कमजोर करके जानबूझकर भाजपा को वॉकओवर दिया गया है। हमारे साथ धोखे का पूरे जिले के मुसलमान बदला लेंगे। जिले की सभी सीटों पर अच्छे प्रत्याशी को जिताने के लिए प्रचार करूंगा। समर्थक, हमदर्द, कार्यकर्ताओं से अपील है कि जल्दबाजी में कोई फैसला न करें। हमारे फैसले का इंतजार करें।-आबिद रजा, पूर्व विधायक
टिकट मिलने या न मिलने पर मुझे अभी कुछ नहीं कहना। पहले अपने सहयोगियों और समर्थकों से बात कर रहा हूं। उनसे बात करने के बाद ही कोई निर्णय लूंगा। इससे पहले मेरा कोई निर्णय नहीं है। सभी से बात करने के बाद शनिवार को मीडिया से वार्ता करके अपनी आगे की रणनीति के बारे में कुछ बताऊंगा।- काजी मोहम्मद रिजवान, पूर्व प्रत्याशी