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Budaun News: पछुआ हवा तो कभी पुरवाई... किसानों की जान हलक में आई

Thu, 06 Mar 2025 12:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 06 Mar 2025 12:35 AM IST
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Sometimes westerly wind, sometimes easterly wind... farmers' lives are in danger
उझानी में गेहूं की फसल। संवाद
उझानी। पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि और बारिश से किसान अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि उससे पहले ही अचानक तेज हवा चल पड़ी। पछुआ तो कभी पुरवाई से मौसम का मिजाज तो सामान्य है, लेकिन गेहूं की फसल को नुकसान का अंदेशा बढ़ गया है। ऐसे में सिंचाई करना गेहूं की पैदावार को क्षति पहुंचा सकता है।
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मौसम के बार-बार करवट बदलने से गेहूं और सरसों की फसल को पहले ही काफी नुकसान हो चुका है। गेहूं में दाने की बढ़वार के दिनों में अगर पछुआ हवा तेज चलती है तो मौसम शुष्क हो जाने के साथ दाना भी सूखने लगता है। किसानों के मुताबिक, पछुआ हवा का सीधा प्रभाव पैदावार पर पड़ता है।
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पिछले दिनों भी पछुआ हवा चल पड़ी थी। मंगलवार शाम से बुधवार पूरे दिन चली तेज हवा के दौरान पुरवाई की रमक भी महसूस हुई। पूरे दिन बार-बार हवा की दिशा बदलती रही है। तेज हवा के दौरान खासकर गेहूं की सिंचाई करने से उसके खेत में ही गिर जाने का अंदेशा बना रहता है।
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तेज हवाओं का हालांकि सब्जी की फसलों पर कोई प्रभाव नहीं बताया जा रहा है, लेकिन सरसों की गहाई रुक गई है। किसानों ने थ्रेसिंग भी रोक रखी है, उन्हें डर है कि तेज हवा से भूसा उड़ सकता है। काफी रकबा में अब तक सरसों की कटाई भी नहीं हो पाई है।
जानकार बताते हैं कि अच्छी बात यह है कि मौसम में ठंडक है। तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस के ही आसपास है। पुरवाई की वजह से मौसम में नमी का माहौल होने से फसलों को सिंचाई की आवश्यकता भी कम पड़ रही है। यदि गेहूं की फसल की सिंचाई करनी भी पड़े तो पांच सेंटीमीटर से भी कम पानी खेतों में छोड़े। पानी अधिक भरा तो तेज हवा फसल को खेत में ही गिरा सकती है।


तेज हवा की चपेट में आए फ्लैक्स और बैनर
बुधवार पूरे दिन तेज हवा चलने का सामान्य जनजीवन पर भी प्रभाव पड़ा। राह चलते लोगों को धूप के बाद भी गर्मी का अहसास नहीं हुआ। हवा के दौरान बाजार और हाईवे किनारे लगे फ्लैक्स कहीं फट गए तो कहीं उखड़कर उड़ गए। शादियों में लगे टैंट के पर्दे भी हवा की मार झेल नहीं पाए। कार्यक्रम के दौरान उन्हें ठीक करने के लिए कारीगरों को मशक्कत करनी पड़ा। तेज धूप निकली, लेकिन बर्फीली हवा चलने के कारण उसका प्रभाव नहीं पड़ा।



घुमावदार हवा चलने से गेहूं की फसल को नुकसान होने की आशंका है। मौसम विभाग की ओर से भी ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं। फसल को नुकसान तेज हवा के दौरान बारिश होने या फिर ओलावृष्टि से ज्यादा होगा। - डॉ. सौहार्द दुबे, कृषि वैज्ञानिक
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