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Budaun News: भीषण गर्मी में बढ़े त्वचा रोग, इलाज के लिए पहुंच रहे जिला अस्पताल
Tue, 26 May 2026 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Tue, 26 May 2026 11:48 PM IST
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जिला अस्पताल में दवा लेने के लिए लगी मरीजों की लाइन। संवाद
- फोटो : जरवलरोड रेलवे स्टेशन पर पहुंची स्टेशन ट्रेन का स्वागत करते लोग।
बदायूं। भीषण गर्मी और उमस का असर अब लोगों की त्वचा पर भी दिखाई देने लगा है। जिले में तापमान 44 डिग्री के आसपास पहुंचने के साथ ही त्वचा रोगियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में अब 90 से 100 मरीज खुजली, घमौरी, फंगल इंफेक्शन, दाद और एलर्जी जैसी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के डॉ. श्रीपाल का कहना है कि वर्तमान में त्वचा रोग विभाग में आने वाले करीब 60 प्रतिशत मरीज घमौरी, फंगल इंफेक्शन और दाद जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं। लगातार पसीना आने से शरीर में नमी बनी रहती है, इससे बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। इसका सबसे अधिक असर बच्चों, मजदूरों और लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। गर्मी के कारण लोगों को त्वचा पर लाल चकत्ते, जलन, खुजली और रैशेज की शिकायत भी बढ़ रही है। उनका कहना है कि कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे संक्रमण गंभीर रूप ले लेता है और उपचार में अधिक समय लगता है। उन्होंने कहा कि गर्मी में शरीर को साफ रखना बेहद जरूरी है।
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क्या करें
-सूती और हल्के कपड़े पहनें।
-पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
-पसीने वाले कपड़े तुरंत बदलें।
-धूप में निकलते समय शरीर को ढककर रखें।
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क्या न करें
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-गीले या पसीने वाले कपड़े लंबे समय तक न पहनें।
-खुजली या दाद होने पर स्वयं दवा न लें।
-तौलिया, कपड़े और अन्य व्यक्तिगत सामान साझा न करें।
-तेज धूप में लंबे समय तक बिना सुरक्षा के न रहें।
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जिला अस्पताल के डॉ. श्रीपाल का कहना है कि वर्तमान में त्वचा रोग विभाग में आने वाले करीब 60 प्रतिशत मरीज घमौरी, फंगल इंफेक्शन और दाद जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं। लगातार पसीना आने से शरीर में नमी बनी रहती है, इससे बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। इसका सबसे अधिक असर बच्चों, मजदूरों और लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। गर्मी के कारण लोगों को त्वचा पर लाल चकत्ते, जलन, खुजली और रैशेज की शिकायत भी बढ़ रही है। उनका कहना है कि कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे संक्रमण गंभीर रूप ले लेता है और उपचार में अधिक समय लगता है। उन्होंने कहा कि गर्मी में शरीर को साफ रखना बेहद जरूरी है।
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क्या करें
-सूती और हल्के कपड़े पहनें।
-पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
-पसीने वाले कपड़े तुरंत बदलें।
-धूप में निकलते समय शरीर को ढककर रखें।
क्या न करें
-गीले या पसीने वाले कपड़े लंबे समय तक न पहनें।
-खुजली या दाद होने पर स्वयं दवा न लें।
-तौलिया, कपड़े और अन्य व्यक्तिगत सामान साझा न करें।
-तेज धूप में लंबे समय तक बिना सुरक्षा के न रहें।