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Budaun News: गलत ढंग से किए छह कृषि पट्टे आठ साल बाद निरस्त
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बदायूं। अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) अंजुम बी ने सहसवान तहसील के ग्राम पालपुर में आवंटित छह कृषि पट्टों को आठ साल बाद निरस्त कर दिया है। ये सभी कृषि पट्टे नियमानुसार आवंटित नहीं मिले। अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) ने एसडीएम को जंगल ढाका एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग की सभी भूमियों के राजस्व अभिलेखों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
सहसवान तहसील के ग्राम पालपुर निवासी रवेंद्र, ब्रह्म प्रकाश कश्यप, नेमचंद्र व श्रवण नारायण ने 27 जून 2018 को आवंटित कृषि पट्टों को अवैध रूप से जारी होना बताते हुए 16 दिसंबर 2019 को जिला न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया था। इसमें कहा गया था कि वे भूमिहीन हैं। आवंटन के लिए पात्र हैं, लेकिन जिनके नाम कृषि पट्टे आवंटित हुए थे, वे सभी अपात्र व्यक्ति होने के साथ साधन संपन्न हैं। आवंटन की स्वीकृति धोखाधड़ी से उपजिलाधिकारी सहसवान से प्राप्त की गई थी। कृषि आवंटन के संबंध में कोई मुनादी भी नहीं हुई थी।
कोर्ट में विपक्षियों ने भी पक्ष रखा, लेकिन उनकी दलीलें काम नहीं आईं। अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) अंजुम बी की कोर्ट ने आदेश में कहा कि आवंटित भूमि आरक्षित श्रेणी की है। उन्होंने उपजिलाधिकारी व तहसीलदार सहसवान को निर्देशित किया है कि वह जंगल ढाका एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग की सभी भूमियों के राजस्व अभिलेखों की जांच करें।
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इनके पट्टे किए गए निरस्त
ग्राम पालपुर निवासी योगेंद्र सागर पुत्र पूरन के नाम आवंटित 0.421 हेक्टेयर भूमि, रामादेवी पत्नी महावीर के नाम 0.588 हेक्टेयर भूमि, विषवीर पुत्र पूरन के नाम 0.405 हेक्टेयर भूमि, पिंकी पत्नी हृदेश के नाम 0.531 हेक्टेयर भूमि, विनोद कुमार पुत्र मथुरा प्रसाद के नाम 0.588 हेक्टेयर, दानवती पत्नी तेजपाल के नाम 0.405 हेक्टेयर भूमि के 27 जून 2018 को जारी आवंटित कृषि पट्टों को निरस्त कर दिया।
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सहसवान तहसील के ग्राम पालपुर निवासी रवेंद्र, ब्रह्म प्रकाश कश्यप, नेमचंद्र व श्रवण नारायण ने 27 जून 2018 को आवंटित कृषि पट्टों को अवैध रूप से जारी होना बताते हुए 16 दिसंबर 2019 को जिला न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया था। इसमें कहा गया था कि वे भूमिहीन हैं। आवंटन के लिए पात्र हैं, लेकिन जिनके नाम कृषि पट्टे आवंटित हुए थे, वे सभी अपात्र व्यक्ति होने के साथ साधन संपन्न हैं। आवंटन की स्वीकृति धोखाधड़ी से उपजिलाधिकारी सहसवान से प्राप्त की गई थी। कृषि आवंटन के संबंध में कोई मुनादी भी नहीं हुई थी।
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कोर्ट में विपक्षियों ने भी पक्ष रखा, लेकिन उनकी दलीलें काम नहीं आईं। अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) अंजुम बी की कोर्ट ने आदेश में कहा कि आवंटित भूमि आरक्षित श्रेणी की है। उन्होंने उपजिलाधिकारी व तहसीलदार सहसवान को निर्देशित किया है कि वह जंगल ढाका एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग की सभी भूमियों के राजस्व अभिलेखों की जांच करें।
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इनके पट्टे किए गए निरस्त
ग्राम पालपुर निवासी योगेंद्र सागर पुत्र पूरन के नाम आवंटित 0.421 हेक्टेयर भूमि, रामादेवी पत्नी महावीर के नाम 0.588 हेक्टेयर भूमि, विषवीर पुत्र पूरन के नाम 0.405 हेक्टेयर भूमि, पिंकी पत्नी हृदेश के नाम 0.531 हेक्टेयर भूमि, विनोद कुमार पुत्र मथुरा प्रसाद के नाम 0.588 हेक्टेयर, दानवती पत्नी तेजपाल के नाम 0.405 हेक्टेयर भूमि के 27 जून 2018 को जारी आवंटित कृषि पट्टों को निरस्त कर दिया।