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Budaun News: एफआईआर रद्द कराने हाईकोर्ट पहुंचे दुकानदार, कोर्ट ने मांगा शपथ पत्र
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रामलीला मैदान में बनी दुकानें। संवाद
- फोटो : संगठन
वजीरगंज। अवैध तरीके से बनवाई गई दुकानों को खरीदने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। उन्हें गिरफ्तारी का डर है। इसलिए वह एफआईआर रद्द कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने प्रतिवादी के अधिवक्ता को चार सप्ताह में प्रति शपथ पत्र दाखिल करने का समय दिया है।
वजीरगंज के रामलीला मैदान पर अवैध रूप से 22 दुकानें बनवाई गईं। इन दुकानों को बेच दिया गया। कस्बे के ही 12 लोगों ने एक एक दुकान को लाखों रुपये में खरीद लिया, लेकिन बैनामा किसी का नहीं हो सका। मामले में तहसील प्रशासन से शिकायत होने के बाद भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय समेत 14 लोगों के खिलाफ लेखपाल ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी जांच शुरू हुई ताे जिला प्रशासन ने दुकानों को अवैध रूप से बनाकर निजी लाभ अर्जित करने का मामला सामने आया।
जिला प्रशासन ने इन दुकानों के निर्माण को अवैध करार देते हुए गिराने का आदेश जारी किया। इसके बाद राहुल वार्ष्णेय ने हाई कोर्ट की शरण ली, कोर्ट से दुकान गिराने पर स्टे मिल गया। इधर, जिन लोगों ने दुकानों को खरीदा उनके खिलाफ भी मुकदमे दर्ज हुए। मामले में दुकानदार सौरभ मिनोचा अन्य दुकानदारों की ओर से हाईकोर्ट गए। उन्होंने एफआईआर का रद्द करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इस पर कोर्ट ने प्रतिवादी के अधिवक्ता को शपथ पत्र दाखिल करने को चार सप्ताह का समय दिया है। इसके अलावा वादी को आदेश दिया है कि अगर दाखिल शपथ में कोई आपत्ति है तो दो सप्ताह में जवाब दाखिल करें। इसके साथ ही कोर्ट ने राहुल वार्ष्णेय और दुकानदार सौरभ के मामले को साथ सुनने की बात कही है।
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वजीरगंज के रामलीला मैदान पर अवैध रूप से 22 दुकानें बनवाई गईं। इन दुकानों को बेच दिया गया। कस्बे के ही 12 लोगों ने एक एक दुकान को लाखों रुपये में खरीद लिया, लेकिन बैनामा किसी का नहीं हो सका। मामले में तहसील प्रशासन से शिकायत होने के बाद भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय समेत 14 लोगों के खिलाफ लेखपाल ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी जांच शुरू हुई ताे जिला प्रशासन ने दुकानों को अवैध रूप से बनाकर निजी लाभ अर्जित करने का मामला सामने आया।
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जिला प्रशासन ने इन दुकानों के निर्माण को अवैध करार देते हुए गिराने का आदेश जारी किया। इसके बाद राहुल वार्ष्णेय ने हाई कोर्ट की शरण ली, कोर्ट से दुकान गिराने पर स्टे मिल गया। इधर, जिन लोगों ने दुकानों को खरीदा उनके खिलाफ भी मुकदमे दर्ज हुए। मामले में दुकानदार सौरभ मिनोचा अन्य दुकानदारों की ओर से हाईकोर्ट गए। उन्होंने एफआईआर का रद्द करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इस पर कोर्ट ने प्रतिवादी के अधिवक्ता को शपथ पत्र दाखिल करने को चार सप्ताह का समय दिया है। इसके अलावा वादी को आदेश दिया है कि अगर दाखिल शपथ में कोई आपत्ति है तो दो सप्ताह में जवाब दाखिल करें। इसके साथ ही कोर्ट ने राहुल वार्ष्णेय और दुकानदार सौरभ के मामले को साथ सुनने की बात कही है।
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